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रेलवे के दावों की खुली पोल, छठ पर घर जाने वाले यात्री जान जोखिम में डाल कर रहे ट्रेन में सफर

इस बार lत्यौहार पर रेलवे ने करीब 7500 स्पेशल ट्रेन चलाने का दावा किया है, जबकि पिछले साल यह संख्या 4500 थी. बावजूद इसके यात्रियों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

दिवाली बीतते ही देशभर में छठ पर्व को लेकर उत्साह नजर आने लगता है. अलग अलग जगहों में रहने वाले बिहार और पूर्वांचल के लोग छठ महापर्व मनाने के लिए अपने गांव जाने लगते है. इसी सप्ताह 6 से 8 नवंबर तक देशभर में छठ पर्व मनाया जाएगा. इसे लेकर रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेन चलाने का दावा भी किया है, लेकिन छठ के समय हमेशा की तरह इस बार भी बाहर से बिहार आने वाली ट्रेनों में यात्रियों की खचाखच भीड़ दिख रही है. भीड़ का आलम ऐसा है कि यात्री टॉयलेट के गेट तक बैठकर यात्रा करने को मजबूर हैं. 

जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे यात्री
देश के पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में छठ पर्व को धूमधाम और श्रद्धा भाव से मनाया जाता है. दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, राजस्थान जैसे राज्यों में मजदूरी करने वाले हजारों प्रवासी इस अवसर पर अपने घर लौटते हैं, लेकिन इस समय वे लोग ट्रेन में काफी बुरे हाल में सफर कर रहे हैं. ट्रेन में सफर करते लोगों की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं. काफी संख्या में यात्री ट्रेन की गेट पर लटककर जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को विवश हैं. कई यात्री ऐसे भी नजर आ रहे हैं जो अपने सामान को ट्रेन के बाहर खिड़की से बांधकर रखे हुए हैं, क्योंकि ट्रेन में लगेज रखने की जगह नहीं है.

बाथरूम तक में बैठे हैं लोग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जनरल कोच के अंदर यात्रियों के खड़े होने तक की जगह नहीं है. जो जहां घुस गया वहीं खड़े होकर ही यात्रा करने को मजबूर है. कुछ यात्रियों ने बताया कि पिछले 15 घंटे से वह खड़े होकर यात्रा कर रहे हैं. जनरल डिब्बों के बाथरूम तक में लोग बैठे हैं. वहीं स्पेशल ट्रेन चलाई जाने को लेकर लोगों का कहना है कि रेलवे के दावे फेल हैं. सिर्फ स्पेशल ट्रेनों की बात कही जा रही है. अभी तक अगर स्पेशल ट्रेन चलाई जाती तो यहां इतनी भीड़ देखने को नहीं मिलती, लोग परेशान है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ट्रेन की तस्वीरें
सोशल मीडिया पर अंबाला की एक तस्वीर वायरल हो रही है. बीते दिनों वहां प्लेटफार्म नंबर दो पर जनसेवा एक्सप्रेस आई. उसमें सवार होने के लिए लोग दौड़ पड़े, लेकिन कहीं जगह नहीं. यहां तक कि ट्रेन के दरवाजे भी बंद, तब भी दो युवक हिम्मत कर ट्रेन में चढ़ गए, लेकिन अंदर के पैसेंजर्स ने दरवाजा नहीं खोला. मजबूरी में उन्होंने खुद को गमछे से ट्रेन से बांधा. यही नहीं, अपने बैग को भी खिड़की से बांध लिया.

ट्रेन में सीट नहीं मिली तो खटिया बुन दिया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक वीडियो इन दिनों खूब शेयर किया जा रहा है. इसमें पैसेंजर्स ट्रेन के डिब्बे में खचाखच भरे हुए हैं. एक उत्साही पैसेंजर ने दो बर्थ के बीच खाली जगह में रस्सी से खटिया की तरह जाली बुन दिया.

दिल्ली में भी बुरे हालात
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (X) पर एक फोटो शेयर किया गया है. यह फोटो पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का है. वहां से बिहार की तरफ रवाना होने वाली ट्रेन के एक स्लीपर डिब्बे में लोग ऐसे चढ़ रहे हैं जैसे वह मानव नहीं बल्कि सामाना हों, यह हालत रिजर्व डिब्बे की है. ऐसे में समझ लीजिए कि जनरल डिब्बे की क्या हालत होगी. 

चेयर कार में भी सफर का इंतजाम
एक और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जोकि फोटो कुर्सी यान का दिख रहा है. इसमें एक नहीं बल्कि कई पैसेंजर अपने गमछे को उपर छत से लटके रिंग और सामान रखने वाले रैक से बांध दिया है. उसी गमछे के झूले में वे समा गए हैं और यात्रा कर रहे हैं. 

रेलवे का दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार का दावा है कि पिछले साल छठ पर्व में करीब 4,000 स्पेशल ट्रेन चलाई गई थी. इस बार करीब 7,750 स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही हैं. इसके साथ ही ऑन डिमांड भी स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है. इसका मतलब कि जिस रूट पर पैसेंजर्स ज्यादा हैं, वहां ऑन डिमांड ट्रेन चलाई जा रही हैं. रेलवे बोर्ड का दावा है कि भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली, आनंद विहार, अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, मुंबई, बांद्रा, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु सहित देश के सभी महत्वपूर्ण स्टेशनों पर छठ पूजा के दौरान अपने घरों की यात्रा करने वाले लोगों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बिहार और उत्तर प्रदेश के लिए विभिन्न ट्रेनें चला रहे हैं. भीड़ को प्रबंधित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के स्टाफ को तैनात किया गया है और यात्रा से संबंधित शंकाओं को दूर करने के लिए रेल सेवक भी लगाए गए हैं. विशेष ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी जोड़े गए हैं और रेलवे ने स्टेशनों पर सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं ताकि लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके. 
 


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