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Silkyara Tunnel Rescue: पाइप डालने का काम हुआ पूरा, किसी वक्त बाहर आ सकते हैं मजदूर!
60 मीटर मलबे को खोदकर उत्तराखंड की इस गुफा में पाइप डाली गई है और इसके लिए Rat Mining प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
सिल्क्यारा में गुफा ढहने (Silkyara Tunnel Resuce) की वजह से पिछले 16 दिनों से 41 मजदूर वहां फंसे हुए हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी है. इस वक्त दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र से एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. माना जा रहा है कि गुफा में पाइप डालने का काम पूरा हो चुका है और अब किसी भी वक्त मजदूरों को बाहर निकाला जा सकता है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने दी जानकारी
पाइप डाले जाने की प्रक्रिया के पूरा होने के बारे में खुद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जानकारी दी है. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक ट्वीट साझा करते हुए कहा ‘बाबा बौख नाग जी की असीम कृपा, करोड़ों देशवासियों की प्रार्थना एवं रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे बचाव दलों के अथक परिश्रम के फलस्वरूप श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए टनल में पाइप डालने का काम पूरा हो चुका है और शीघ्र ही श्रमिक भाइयों को बाहर निकाल लिया जाएगा. जानकारी के अनुसार बचाव दल के कर्मियों ने 60 मीटर के मलबे को खोदकर उत्तराखंड की इस गुफा में पाइप डाली है और इसके लिए रैट माइनिंग (Rat Mining) प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया है.
बाबा बौख नाग जी की असीम कृपा, करोड़ों देशवासियों की प्रार्थना एवं रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे सभी बचाव दलों के अथक परिश्रम के फलस्वरूप श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए टनल में पाइप डालने का कार्य पूरा हो चुका है। शीघ्र ही सभी श्रमिक भाइयों को बाहर निकाल लिया जाएगा।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) November 28, 2023
लोगों का आरोप
आपको बता दें कि यह गुफा सिल्क्यारा से बारकोट के बीच बनाई जा रही थी और 12 नवंबर को इस गुफा का एक हिस्सा ढह गया था जिसकी वजह से 41 मजदूर मलबे में ही फंस गए थे और 16 दिनों के बाद भी अभी तक उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका है. बहुत से लोगों आरोप लगा रहे हैं कि सही ढंग से भौगोलिक अध्ययन न करने, गुफा के डिजाईन के सही न होने और सुरक्षा मानकों पर पर्याप्त ध्यान न दिए जाने की वजह से यह दुर्घटना हुई और इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार कंपनी पर सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए.
Adani का भी आया नाम
कल ट्विटर पर बहुत सी ऐसे पोस्ट्स सामने आईं जिनमें दावा किया जा रहा था कि उत्तरकाशी में बन रही इस गुफा के निर्माण के लिए जिम्मेदार नवयुग इंजिनीयरिंग किसी और की नहीं बल्कि अडानी ग्रुप (Adani Group) की कंपनी है और इसीलिए अडानी ग्रुप के खिलाफ भी कार्यवाही की मांग तेज हो गई थी. अडानी ग्रुप की तरफ से इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी करके लोगों द्वारा किये जा रहे वादों को झूठा और बेबुनियाद बताया था और कहा था कि अडानी ग्रुप का नवयुग इंजीनियरिंग से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है.
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