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क्या वाकई कम होने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? इस रेटिंग एजेंसी ने कही ये बड़ी बात
पेट्रोल-डीजल के दामों में लोकसभा चुनाव से पहले दो रुपए की कटौती हुई थी. हालांकि, पेट्रोल-डीजल पहले से ही इतना महंगा हो चुका है कि उस राहत से जनता को कुछ खास फर्क नहीं पड़ा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
पेट्रोल-डीजल के दामों में लंबे अर्से के बाद राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 2 से 3 रुपए की कमी हो सकती है. दरअसल, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी बनी हुई है. इससे घरेलू ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मुनाफे में सुधार हुआ है. इसके अलावा, हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव भी होने हैं. इन सभी कारणों के चलते आम जनता को कुछ राहत मिल सकती है.
CLSA को भी है उम्मीद
एक रिपोर्ट में रेटिंग एजेंसी इक्रा के हवाले से बताया गया है कि कच्चे तेल में नरमी के चलते कंपनियों के लिए पेट्रोल-डीजल के दामों में 2 से तीन रुपए कटौती की गुंजाइश बन गई है. इसी तरह, इन्वेस्टमेंट एवं कैपिटल मार्केट्स ग्रुप CLSA का मानना है कि 5 अक्टूबर के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम हो सकती हैं. बता दें कि हाल ही में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में सचिव पंकज जैन ने कहा था कि यदि क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बनी रहती है, तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमत में कमी पर विचार कर सकती हैं.
मार्च में मिली थी कुछ राहत
इक्रा ने एक नोट में कहा है कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी के साथ हाल के सप्ताहों में भारतीय पेट्रोलियम कंपनियों के लिए पेट्रोल-डीजल की खुदरा बिक्री पर मुनाफे में सुधार हुआ है. रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा स्तर पर स्थिर रहती हैं, तो खुदरा फ्यूल की कीमतों में कमी की गुंजाइश है. पेट्रोल-डीजल के दाम मार्च, 2024 से यथावत हैं. लोकसभा चुनाव के चलते 15 मार्च को पेट्रोल-डीजल के दाम में 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती की गई थी.
इस वजह से आई गिरावट
वैश्विक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ धीमी पड़ने से तेल की मांग में कमी आने की आशंका है. इस वजह से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आई है. क्रूड ऑयल सस्ता होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मार्जिन में सुधार हुआ है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड का देश के 90% ऑयल मार्केट पर कब्जा है. कई राज्यों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए प्रति लीटर से अधिक हो गई है और डीजल का दाम भी 90 रुपए प्रति लीटर के पार है. डीजल का सीधा संबंध महंगाई से है. ऐसे में महंगे पेट्रोल-डीजल ने लोगों का पूरा गणित बिगाड़ दिया है.
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