होम / जनता की बात / OCCPR की रिपोर्ट ने फिर बाहर निकाला जेपीसी का जिन्‍न, अडानी पर बरसी कांग्रेस 

OCCPR की रिपोर्ट ने फिर बाहर निकाला जेपीसी का जिन्‍न, अडानी पर बरसी कांग्रेस 

इस रिपोर्ट से पहले जब हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आई थी उस वक्‍त भी कांग्रेस ने इसकी जांच जेपीसी से कराने की मांग की थी. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

अडानी मामले में OCCPR की रिपोर्ट सामने आने के बाद देश की सियासत गर्मा गई है. अडानी को लेकर पहले आई हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अब OCCPR की रिपोर्ट सामने आने के बाद फिर जेपीसी(ज्‍वॉइंट पार्लियामेंट्री कमिटी) का जिन्‍न फिर बाहर आ गया है. कांग्रेस ने एक बार फिर अडानी मामले की जांच संयुक्‍त संसदीय समिति से करवाने की मांग की है. कांग्रेस ने फिर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन पर अपने दोस्‍तों को बचाने का आरोप लगाया है. 

क्‍या बोली कांग्रेस? 
अडानी मामले को लेकर कांग्रेस की ओर से पार्टी के नेशनल मीडिया इंचार्ज जयराम रमेश ने कई आरोप लगाए. उन्‍होंने कहा कि अडानी समूह में बेनामी पैसे के निवेश की जांच के लिए संयुक्‍त जांच समिति बनाई जाए. उन्‍होंने ये भी कहा कि इस पर भी चर्चा होनी चाहिए कि आखिर कैसे विदेशी नागरिक भारत की महत्‍वपूर्ण राष्‍ट्रीय बुनियादी ढ़ाचे में अपनी भूमिका को निभाने के लिए आए. अडानी समूह के खिलाफ आई ओसीसीआरपी (संगठित अपराधन और भ्रष्‍टाचार रिपोर्टिंग प्रोजेक्‍ट)  द्वारा लगाए गए नए आरोपों को लेकर उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी ने अपने दोस्‍त को बचाने के लिए बहुत कुछ किया है. 

आखिर क्‍या है ये पूरा मामला? 
ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) की रिपोर्ट में अडानी ग्रुप के मॉरिशस मे किए गए ट्रांजैक्शन की डीटेल का पहली बार खुलासा करने का दावा है. रिपोर्ट बताती है कि अडानी समूह की कंपनियों ने 2013 से 2018 तक गुपचुप तरीके से अपने शेयरों को खरीदा. OCCRP का कहना है कि उसने मॉरिशस के रास्ते हुए ट्रांजैक्शन और अडानी ग्रुप के इंटरनल ईमेल्स का बारीकी से अध्ययन किया है. उसकी जांच में यह सामने आया है कि कम से कम दो मामलों में निवेशकों ने विदेशी कंपनियों के जरिए अडानी ग्रुप के शेयर खरीदे और बेचे हैं.

अपने पोस्‍ट में क्‍या बोले जयराम रमेश 
जयराम रमेश ने अपने पोस्‍ट में कहा कि एक ओर पीएम मोदी अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाहों को खत्‍म करने और अंतराष्‍ट्रीय नियमों को तोड़ने की बात करते हैं तो वहीं दूसरी ओर नियामक और जांच एजेंसियों को ऐसे मामलों की जांच करने की बजाए विपक्ष के खिलाफ जांच करने के लिए लगाया हुआ है. जयराम रमेश ने कहा कि वे इस बात को याद दिलाना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री अपने भ्रष्ट मित्रों और उनके कुकर्मों को बचाने के लिए किस हद तक और गहराई तक चले गए हैं.  उन्‍होंने भारत की नियामक और जांच एजेंसियों को नपुंसक बना दिया है और उन्हें गलत कामों की जांच करने के बजाय विपक्ष को डराने के लिए राजनीतिक उपकरण बना दिया है.

जयराम रमेश ने एक दूसरे पोस्‍ट में कही ये बात 
जयराम रमेश ने अपने एक ट्वीट में ये बात भी कही कि मोदी सरकार के सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, सच्चाई हमेशा के लिए दबी नहीं रहेगी. हालांकि, अडानी समूह में बेनामी धन के प्रवाह के बारे में पूरी कहानी, कैसे विदेशी नागरिक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे में भूमिका निभाने आए और कैसे पीएम मोदी ने नियमों का उल्लंघन किया , अपने करीबी दोस्तों को समृद्ध करने के लिए नियमों और मानदंडों का खुलासा केवल जेपीसी द्वारा ही किया जा सकता है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

दृष्टिहीन-बधिर महिलाओं ने मांगी नेतृत्व में बराबर भागीदारी, जनगणना 2027 में सटीक आंकड़ों की उठाई मांग

सेंस इंडिया के मुताबिक, सटीक आंकड़ों के अभाव में यह समुदाय नीतियों, सरकारी योजनाओं और सेवाओं में अदृश्य रह सकता है.

22-August-2026

जंतर-मंतर के 1.5 किमी दायरे में आज रात 12 बजे तक बंद रहेगा मोबाइल इंटरनेट, गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश

मंत्रालय का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा, आपात स्थिति, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार के अपराध के लिए उकसावे को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है.

23-July-2026

दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती, BS-6 वाहनों को ही एंट्री, पीयूसी के बिना पेट्रोल पर रोक

एक ओर जहां प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली में वाहनों को लेकर सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मौसम की मार से हवाई यातायात भी प्रभावित है.

17-December-2025

‘जंगल सिर्फ पेड़ और बाघ नहीं हैं’: कर्नाटक ने जलवायु-लचीले भविष्य के लिए हरित शासन को नए सिरे से परिभाषित किया

वन, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी विभाग के प्रधान सचिव आईएफएस श्रीनिवासुलु का कहना है कि भारत के वन “कार्बन संतुलन की दोधारी तलवार” हैं और इन्हें आजीविका, जलवायु सुरक्षा और स्वयं प्रकृति से सीखने के इंजन के रूप में प्रबंधित किया जाना चाहिए

24-October-2025

त्योहारी सीजन में कैश ऑन डिलीवरी पर अतिरिक्त चार्ज? सरकार ने ई‑कॉमर्स कंपनियों पर कसा शिकंजा

त्योहारी सेल के दौरान ग्राहकों को लुभाने की कोशिशों के बीच अगर कंपनियां गलत तरीके अपनाती हैं तो सरकार सख्त कार्रवाई के लिए तैयार है.

04-October-2025


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

1 day ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

1 day ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

1 day ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

1 day ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

1 day ago