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OCCPR की रिपोर्ट ने फिर बाहर निकाला जेपीसी का जिन्न, अडानी पर बरसी कांग्रेस
इस रिपोर्ट से पहले जब हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आई थी उस वक्त भी कांग्रेस ने इसकी जांच जेपीसी से कराने की मांग की थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
अडानी मामले में OCCPR की रिपोर्ट सामने आने के बाद देश की सियासत गर्मा गई है. अडानी को लेकर पहले आई हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अब OCCPR की रिपोर्ट सामने आने के बाद फिर जेपीसी(ज्वॉइंट पार्लियामेंट्री कमिटी) का जिन्न फिर बाहर आ गया है. कांग्रेस ने एक बार फिर अडानी मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से करवाने की मांग की है. कांग्रेस ने फिर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन पर अपने दोस्तों को बचाने का आरोप लगाया है.
क्या बोली कांग्रेस?
अडानी मामले को लेकर कांग्रेस की ओर से पार्टी के नेशनल मीडिया इंचार्ज जयराम रमेश ने कई आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि अडानी समूह में बेनामी पैसे के निवेश की जांच के लिए संयुक्त जांच समिति बनाई जाए. उन्होंने ये भी कहा कि इस पर भी चर्चा होनी चाहिए कि आखिर कैसे विदेशी नागरिक भारत की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बुनियादी ढ़ाचे में अपनी भूमिका को निभाने के लिए आए. अडानी समूह के खिलाफ आई ओसीसीआरपी (संगठित अपराधन और भ्रष्टाचार रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट) द्वारा लगाए गए नए आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अपने दोस्त को बचाने के लिए बहुत कुछ किया है.
आखिर क्या है ये पूरा मामला?
ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) की रिपोर्ट में अडानी ग्रुप के मॉरिशस मे किए गए ट्रांजैक्शन की डीटेल का पहली बार खुलासा करने का दावा है. रिपोर्ट बताती है कि अडानी समूह की कंपनियों ने 2013 से 2018 तक गुपचुप तरीके से अपने शेयरों को खरीदा. OCCRP का कहना है कि उसने मॉरिशस के रास्ते हुए ट्रांजैक्शन और अडानी ग्रुप के इंटरनल ईमेल्स का बारीकी से अध्ययन किया है. उसकी जांच में यह सामने आया है कि कम से कम दो मामलों में निवेशकों ने विदेशी कंपनियों के जरिए अडानी ग्रुप के शेयर खरीदे और बेचे हैं.
अपने पोस्ट में क्या बोले जयराम रमेश
जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में कहा कि एक ओर पीएम मोदी अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाहों को खत्म करने और अंतराष्ट्रीय नियमों को तोड़ने की बात करते हैं तो वहीं दूसरी ओर नियामक और जांच एजेंसियों को ऐसे मामलों की जांच करने की बजाए विपक्ष के खिलाफ जांच करने के लिए लगाया हुआ है. जयराम रमेश ने कहा कि वे इस बात को याद दिलाना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री अपने भ्रष्ट मित्रों और उनके कुकर्मों को बचाने के लिए किस हद तक और गहराई तक चले गए हैं. उन्होंने भारत की नियामक और जांच एजेंसियों को नपुंसक बना दिया है और उन्हें गलत कामों की जांच करने के बजाय विपक्ष को डराने के लिए राजनीतिक उपकरण बना दिया है.
जयराम रमेश ने एक दूसरे पोस्ट में कही ये बात
जयराम रमेश ने अपने एक ट्वीट में ये बात भी कही कि मोदी सरकार के सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, सच्चाई हमेशा के लिए दबी नहीं रहेगी. हालांकि, अडानी समूह में बेनामी धन के प्रवाह के बारे में पूरी कहानी, कैसे विदेशी नागरिक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे में भूमिका निभाने आए और कैसे पीएम मोदी ने नियमों का उल्लंघन किया , अपने करीबी दोस्तों को समृद्ध करने के लिए नियमों और मानदंडों का खुलासा केवल जेपीसी द्वारा ही किया जा सकता है.
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