होम / जनता की बात / हिट एंड रन पर गडकरी ने कही आवाम के 'मन की बात', तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे आप
हिट एंड रन पर गडकरी ने कही आवाम के 'मन की बात', तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे आप
हिट एंड रन के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. कुछ वक्त पहले पुणे में एक नाबालिग ने दो युवाओं की जान ले ली थी. इसी तरह मुंबई में एक रईसजादे ने एक महिला को मौत की नींद सुला दिया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) मोदी सरकार के उन चुनिंदा मंत्रियों में शामिल हैं, जो बेवाकी से अपनी बात रखते हैं. उन्हें अपने विभाग की खामियों को स्वीकारने में भी कोई परेशानी होती. गडकरी ने देश में बढ़ रहे हिट एंड रन मामलों को लेकर अब कुछ ऐसा कहा है, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि उन पैरेंट्स के नाम सामने लाने और उन्हें शर्मिंदा करने की जरूरत है जो ऐसे बच्चों को गाड़ी चलाने की इजाजत देते हैं. बता दें कि पुणे और मुंबई के हिट एंड रन मामले को लेकर महाराष्ट्र सरकार की काफी आलोचना हुई थी. सरकार पर आरोपियों को बचाने के भी आरोप लगे हैं.
कानून का डर नहीं
गडकरी ने कहा कि ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के लिए जुर्माने में भारी बढ़ोतरी के बावजूद लोग नियम तोड़ रहे हैं. उन्हें ऐसा करने में कोई डर नहीं है. फिक्की रोड सेफ्टी अवार्ड्स एंड कॉन्क्लेव 2024 में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि उन्होंने इंजीनियरों से कहा है कि नेशनल हाईवे के बीच डिवाइडर के ऐसे नए डिजाइन तैयार करें, जिसे कोई पार न कर सके. नियम तोड़ने वालों को रोकने के लिए इसी तरह के कदम उठाने होंगे.
किसी भी हद तक जा सकते हैं
नितिन गडकरी ने सड़क के उस पार जाने के लिए डिवाइडर लांघने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि देश में कुछ लोग खुद को खास समझते हैं और सड़क क्रॉस करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. गडकरी ने बताया कि उनके मंत्रालय ने शहरी क्षेत्रों से गुजरने वाले हाइवे पर रैंप के साथ ही अधिक फुटओवर ब्रिज बनाने का फैसला किया है, ताकि दोपहिया वाहन उनका प्रयोग कर सकें. सड़क हादसों पर बोलते हुए गडकरी ने कहा कि हर साल सड़क दुर्घटनाओं में युद्ध या सांप्रदायिक दंगों से भी ज़्यादा लोगों की जान चली जाती है.
इन मामलों में हुई थी फजीहत
पुणे में एक नाबालिग रईसजादे ने मध्य प्रदेश के दो युवाओं को अपनी लग्जरी कार से मौत के घाट उतार दिया था. इस मामले में लोगों के आक्रोश के बाद ही एक्शन हो पाया. जांच में यह सामने आया कि किस तरह आरोपी के परिवार ने रसूख के बल पर सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया. इस केस में पुलिस पर दबाव की बात भी सामने आई थी. इसी तरह, मुंबई में एक अमीरजादे ने अपनी कार से कुचलकर एक महिला को मौत की नींद सुला दिया था. इस केस में भी आरोप लगा कि पुलिस ने राजनीतिक दबाव के चलते जानबूझकर आरोपी को पर्याप्त समय दिया ताकि ये पता न चल सके कि हादसे के समय वो नशे में था.
टैग्स