होम / जनता की बात / पहले से हल्की जेब पर महंगाई की मार, आम आदमी का यही सवाल - 'करें तो करें क्या'
पहले से हल्की जेब पर महंगाई की मार, आम आदमी का यही सवाल - 'करें तो करें क्या'
महंगाई लोगों की परेशानियों में इजाफा कर रही है. आमदनी पहले ही सीमित है और उस पर लगातार चढ़ते दामों ने मिडिल क्लास की मुसीबतों में इजाफा कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
महंगाई (Inflation) आंकड़ों में भले ही नीचे आई हो, लेकिन आम आदमी के लिए हालात नहीं बदले हैं. सबसे ज्यादा परेशानी मिडिल क्लास हो उठानी पड़ रही है, क्योंकि उसे सरकार की मुफ्त राशन वाली योजनाओं का भी लाभ नहीं मिलता. फल-सब्जी से लेकर आटे-दाल तक सबके दाम आसमान छू रहे हैं. बीते दो साल में आलू-प्याज और टमाटर की कीमतें दोगुनी से भी ज्यादा हो गई हैं. इसी तरह, दालें भी खूब भाव दिखा रही हैं.
टमाटर हो रहा है लाल
आरबीआई ने भी अपनी मासिक समीक्षा में माना है कि आलू-प्याज और टमाटर के दाम पिछले दो सालों में दोगुना या उससे अधिक बढ़े हैं. एक रिपोर्ट की मानें, तो सितंबर 2022 से सितंबर 2024 के बीच इनकी कीमतों में ज़बरदस्त उछाल आया है. सितंबर 2022 में टमाटर का औसत मूल्य 20 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास था, जबकि अब कई जगहों पर यह 50 रुपए तक पहुंच गया है. फूल गोभी के दाम भी तेजी से बढ़े हैं. चंद दिन पहले तक एक छोटी फूल गोभी 100 रुपए में मिल रही थी.
आंसू निकाल रही प्याज
इसी तरह, प्याज भी लोगों की आंखों में आंसू की वजह बन गई है. देश के कई हिस्सों में इसकी कीमत 60-70 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं. आलू की बात करें, तो कुछ शहरों में यह 60 रुपए किलो के भाव पर मिल रहा है. सब्जियां भी नहीं, खाने का स्वाद बढ़ाने वाले मसलों पर भी महंगाई की मार पड़ी है. पिछले कुछ महीनों में इनकी कीमत भी तेजी से बढ़ी है.
तेल में भी लगी है आग
जीरा 27 हजार रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गया है और आने वाले दिनों में इसके 29 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचने का अनुमान है. सरसों, सोयाबीन और रिफाइंड सहित खाद्य तेल की कीमतों में भी फेस्टिवल सीजन से पहले उछाल देखने को मिल रहा है. दाल की बात करें, तो अरहर की कीमतों में सबसे ज्यादा तेजी आई है. इसके दाम 50 से 60 रुपए किलो तक चढ़ चुके हैं. जबकि उड़द 10 रुपए और मूंगदाल भी लगभग इतनी महंगी हुई है.
टैग्स