होम / जनता की बात / CJI चंद्रचूड़ ने भी की थी वकील रहने के दौरान Moonlighting, करते थे यहां पर काम
CJI चंद्रचूड़ ने भी की थी वकील रहने के दौरान Moonlighting, करते थे यहां पर काम
मूनलाइटिंग को हाल ही में भारत की कई कंपनियों ने खरी-खोटी सुनाई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ ने भी एक समय में मूनलाइटिंग की थी. जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस बात का खुलासा खुद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने शौक को पूरा करने के लिए वकील रहते हुए ऐसा किया था. मूनलाइटिंग का अर्थ है नियमित रोजगार के साथ-साथ कुछ अतिरिक्त पैसा कमाने के लिए साइड गिग्स लेना. जस्टिस चंद्रचूड़ इस दौरान रेडियो जॉकी थे और कई सारे शो को होस्ट करते थे.
यहां करते थे मूनलाइटिंग
जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि वो ऑल इंडिया रेडियो (AIR) पर 'प्ले इट कूल', 'ए डेट विद यू' और 'संडे रिक्वेस्ट' जैसे शो की मेजबानी करते थे. इसकी एक क्लिप बार एंड बेंच ने अपने ट्विटर पेज पर पोस्ट की है. सम्मेलन में, सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, "बहुत से लोग इसके बारे में नहीं जानते हैं, लेकिन मैंने ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) में अपने शुरुआती 20 के दशक में एक रेडियो जॉकी के रूप में कार्य किया है. CJI चंद्रचूड़ ने यह भी खुलासा किया कि उन्हें संगीत से प्यार है और घर पर रहने के बाद वे इसे सुनते हैं. सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, "संगीत के लिए मेरा प्यार आज भी कायम है. इसलिए जब मैं वकीलों के शोर के साथ काम कर चुका हूं, जो हमेशा कानों के लिए अच्छा नहीं होता है, मैं वापस घर जाता हूं और संगीत सुनता हूं जो कानों के लिए काफी अच्छा होता है."
Did you know CJI DY Chandrachud moonlighted as a RADIO JOCKEY in his early 20's - Do listen to him#SupremeCourt #SupremeCourtofIndia #cjichandrachud
— Bar & Bench (@barandbench) December 4, 2022
Video Credit - BCI pic.twitter.com/EdvRqntXST
कई कंपनियां कर चुकी हैं मूनलाइटिंग का विरोध
मूनलाइटिंग को हाल ही में भारत की कई कंपनियों ने खरी-खोटी सुनाई है. अक्टूबर 2022 में, आईटी कंपनी हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज ने कुछ कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया जो दूसरी नौकरी पर काम कर रहे थे. जब से विप्रो के चेयरमैन रिशद प्रेमजी ने ट्विटर पर इस मुद्दे को "धोखाधड़ी" करार दिया, तब से मूनलाइटिंग या दोहरे रोजगार का मुद्दा आईटी उद्योग में एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया है, जिसमें कई कंपनियां इस मुद्दे पर जा रही हैं और इसे स्पष्ट कर रही हैं. कंपनियां अपने कर्मचारियों द्वारा दोहरे रोजगार का अनुमोदन नहीं करती हैं.
इंफोसिस (Infosys) ने पिछले 12 महीनों के दौरान एक साथ दो जगहों पर नौकरी करने वाले अपने कई कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है. हालांकि, कंपनी मूनलाइटिंग पर एक नई नीति भी बना रही है. कंपनी के सीईओ सलिल पारेख का कहना है कि इंफोसिस इस मामले में अधिक व्यापक पॉलिसी बना रही है.
दोहरे रोजगार का समर्थन नहीं
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के सीईओ सलिल पारेख ने मूनलाइटिंग के विरोध को सही करार देते हुए कहा कि अगर कर्मचारी दो कंपनियों में खुलेआम काम कर रहे हैं और वहां गोपनीयता का मुद्दा है, तो हमें उन्हें कंपनी से जाने देना होगा. उन्होंने साफ कहा कि कंपनी दोहरे रोजगार का समर्थन नहीं करती है.
हालांकि, कर्मचारियों के कंपनी के समय के बाद पार्ट-टाइम में छोटे-मोटे काम करने पर उन्होंने कहा कि हम कर्मचारियों की काम के बाहर भी चीजों को सीखने की महत्वकांक्षा समझते हैं. कंपनी ऐसे कर्मचारियों को सपोर्ट करेगी जो अपने मैनेजर से पूर्व अनुमित के साथ कुछ खास तरह के साइड प्रोजेक्ट करते हैं. हम इस मामले में अधिक व्यापक पॉलिसी बना रहे हैं. साथ ही यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस दौरान कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों और गोपनीयता का पूरी तरह सम्मान किया जाए.
VIDEO: चीन की सरकार का विरोध करने के बाद आखिर कहां है जैक मा
टैग्स