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आगरा सुनाएगा अपनी व्यथा, जमीर जगाने की कोशिश करेंगे शहरवासी
'आगरा व्यथा' ग्रुप की पहली ऑफलाइन बैठक रविवार को हुई. इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
ताज नगरी आगरा के रूप को दमकाने और इसे बेस्ट सिटी की तरह विकसित करने के लिए 'आगरा व्यथा' ग्रुप पूरी शिद्दत से लगा हुआ है. ग्रुप की पहली ऑफलाइन बैठक रविवार को सिकंदरा स्थित उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के सभागार में हुई. इसमें शहर की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर सरकार द्वारा उपलब्ध साधनों का ही उपयोग करके आगे बढ़ने पर चर्चा की गई. 'आगरा व्यथा' आम लोगों, चिकित्सकों, राजनीतिज्ञों, समाज सुधारकों, चिंतकों का एक समूह है, जो शहर की समस्याओं और ज्वलंत मुद्दों को लेकर सक्रिय है.
RTI को बनाएं हथियार
समूह के संचालक डॉ संजय चतुर्वेदी ने कहा कि अपनी आवाज को अलग-अलग मंचों से उठाने के अलावा हमारे पास सरकारी माध्यम भी हैं, जिनसे हम समस्याओं को आगे ला सकते हैं, जिम्मेदारी तय कर सकते हैं और संबंधित विभागों या अधिकारियों से जवाब मांग सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमें आरटीआई और जनसुनवाई जैसे माध्यमों को अपनी आवाज बनाना होगा. हममें से बहुत कम लोग ही अभी इन माध्यमों का सही ढंग से इस्तेमाल कर पा रहे हैं. वहीं, डॉ. मुनीश्वर गुप्ता ने कहा कि अगर सरकारी पैसे को अपना मानें तो सुधार ला सकते हैं. हमें जवाब मांगने होंगे. एक-एक पाई का हिसाब मांगना होगा. इस दौरान, डॉ सतेंद्र कुमार चंद्रा ने बंदर और कुत्तों के आतंक को कम करने, आवारा पशुओं की वजह से सड़क हादसों की बात को आगे बढ़ाया.
अधिकारियों से करेंगे मुलाकात
डॉ शम्मी कालरा ने कहा कि राजनेताओं द्वारा पूर्व के वर्षों में कराए गए कार्यों का हिसाब मांगना शुरू करें. आरटीआई, जनसुनवाई को माध्यम बनाएं. सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने आरटीआई और जनसुनवाई जैसे माध्यमों पर विस्तार से प्रकाश डाला. साथ ही इनमें पेश आने वाली चुनौतियों के बारे में भी बताया. इस दौरान, पार्षद शिरोमणि सिंह ने सभी समस्याओं को लेकर सप्ताह में एक बार मंडलायुक्त, नगर आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों से मिलने की बात कही. डॉ रजनीश कुमार मिश्रा ने सोशल मीडिया के उपयोग से साथ ही ट्विटर पर रिट्वीट करने का आग्रह किया, जिससे मुद्दों के निस्तारण का दबाव बढ़ाया
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