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आधार ऑथेंटिकेशन ने छुआ नया शिखर, जून 2025 में दर्ज हुए रिकॉर्ड 229.33 करोड़ ट्रांजैक्शन
फेस ऑथेंटिकेशन में तीन गुना वृद्धि, कुल ऑथेंटिकेशन 15,452 करोड़ पार; UIDAI ने डिजिटल समावेशन में आधार की भूमिका को बताया अहम
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
आधार कार्डधारकों ने जून 2025 में रिकॉर्ड 229.33 करोड़ ऑथेंटिकेशन ट्रांजैक्शन किए, जो न सिर्फ मई 2025 की तुलना में अधिक है, बल्कि जून 2024 के मुकाबले 7.8 प्रतिशत की सालाना वृद्धि भी दर्शाता है. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी किए गए आंकड़े आधार की भूमिका को भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) के मजबूत स्तंभ के रूप में रेखांकित करते हैं.
अब तक कुल आधार आधारित ऑथेंटिकेशन की संख्या 15,452 करोड़ को पार कर चुकी है. यह आंकड़ा दिखाता है कि आधार कैसे सेवाओं की डिलीवरी को सुगम, सटीक और समावेशी बना रहा है.
जून 2025 में AI/ML-सक्षम फेस ऑथेंटिकेशन ने जबरदस्त वृद्धि दर्ज की. इस महीने 15.87 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन हुए, जबकि जून 2024 में यह संख्या 4.61 करोड़ थी—यानी तीन गुना से भी अधिक वृद्धि. अब तक इस ऑथेंटिकेशन मोड का उपयोग 175 करोड़ बार किया जा चुका है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है.
एक UIDAI अधिकारी ने कहा, “फेस ऑथेंटिकेशन आधारधारकों को एक सुरक्षित और बाधारहित पहचान सत्यापन का तरीका देता है, जिसमें सिर्फ एक फेस स्कैन से काम हो जाता है.” यह सुविधा 100 से अधिक सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों, तेल कंपनियों और टेलीकॉम प्रदाताओं द्वारा बड़े पैमाने पर अपनाई जा रही है.
जून 2025 में 39.47 करोड़ ई-KYC ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए. बैंकिंग, एनबीएफसी और टेलीकॉम क्षेत्रों में ग्राहक को तेज़ी से जोड़ने और परिचालन लागत कम करने के लिए ई-KYC एक प्रभावी माध्यम बन चुका है.
UIDAI के अनुसार, ये आंकड़े यह साबित करते हैं कि आधार न केवल भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहा है, बल्कि नागरिकों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
सार रूप में, आधार ऑथेंटिकेशन और ई-KYC में लगातार हो रही वृद्धि डिजिटल समावेशन, सरकारी सेवा डिलीवरी और निजी क्षेत्र की दक्षता को एक नई दिशा दे रही है.
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