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इन 2 बैंकों ने बढ़ाई MCLR,  अब ज्यादा भरनी पड़ेगी लोन की EMI

देश के 2 बड़े बैंकों ने अपना MCLR बढ़ा दिया है, ऐसे में अब यहां से लोन लेने पर ग्राहकों को पहले से अधिक ईएमआई चुकानी पड़ेगी. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

अगर आप कार या घर खरीदने के लिए लोन की प्लानिंग कर रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. अब आपको कार और होम लोन लेने के लिए पहले से ज्यादा ईएमआई (EMI) चुकानी पड़ेगी. दरअसल, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बैंक ऑफ इंडिया (Bank Of India) ने  मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में इजाफा करके अपने ग्राहकों को एक बड़ा झटका दे दिया है. ये बढ़ी हुई एमसीएलआर दरें गुरुवार से लागू भी कर दी गई हैं. तो आइए जानते हैं बैंकों ने एमसीएलआर में कितना इजाफा किया है?

ओवरनाइट के लिए एमसीएलआर बढ़कर 8.30 प्रतिशत हुआ
पंजाब नेशनल बैंक ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि 1 महीने से लेकर 3 साल तक की अवधि के लिए ब्याज दर 8.35 से 9.20 प्रतिशत के दायरे में होगी.  इसके अलावा 1 दिवसीय यानी ओवरनाइट के लिए एमसीएलआर 8.25 प्रतिशत से बढ़कर 8.30 प्रतिशत हो गई है.

बैंकों ने इतनी बढ़ाई एमसीएलआर की दरें
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने एमसीएलआर में 0.05 प्रतिशत (पांच बेसिस प्वाइंट) का इजाफा किया है. इसका मतलब 1 महीने की अवधि के लिए एमसीएलआर 8.30 से बढ़ाकर 8.35 प्रतिशत, 3 महीने के लिए 8.50 से बढ़ाकर 8.55, 6 महीने के लिए 8.70 की जगह 8.75, 1 साल के लिए 8.85 की जगह 8.90 प्रतिशत और 3 साल की अवधि के लिए 9.15 की जगह पर 9.20 प्रतिशत कर दिया है. वहीं, बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने 1 साल की अवधि के लिए एमसीएलआर दर को 8.90 से बढ़ाकर 8.95 कर दिया है. बाकि अवधि की दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया है. आपको बता दें, जल्द दूसरे बैंक भी अपनी एमसीएलआर को बढ़ाने जा रहे हैं. 

क्या होती है एमसीएलआर?

जब हम किसी बैंक से लोन लेते हैं, तो बैंक द्वारा लिए जाने वाले ब्याज की न्यूनतम दर को आधार दर कहा जाता है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत आधार दर से कम पर कोई भी बैंक लोन नहीं दे सकता, लेकिन आधार दर की जगह पर बैंक अब एमसीएलआर का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसकी गणना धनराशि की सीमांत लागत, प्रीमियम अवधि, संचालन खर्च और नकदी भंडार अनुपात को बनाए रखने की लागत के आधार पर होती है और इसी गणना के आधार पर लोन दिया जाता है. 

 


 


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