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मुंबई में 1,000 बेटियों के लिए वित्तीय सुरक्षा पहल, 10 साल में ₹20 करोड़ का योगदान
महाराष्ट्र में वित्तीय समावेशन की पहल के तहत 1,000 वंचित छात्राओं को सरकारी बचत योजनाओं से जोड़ा गया; 10 साल तक हर साल ₹20,000 का योगदान करने का ऐलान
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 hours ago
मुंबई में 1,000 वंचित बालिकाओं को दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा से जोड़ने की एक पहल शुरू की गई है. इसके तहत छात्राओं के लिए सरकार समर्थित बचत खाते खोले गए और उनके परिवारों को पासबुक सौंपी गईं. इस पहल में प्रत्येक लाभार्थी के खाते में शुरुआती ₹20,000 जमा किए गए हैं और अगले 10 वर्षों तक हर साल इतनी ही राशि का योगदान करने की प्रतिबद्धता जताई गई है. इसके तहत कुल व्यक्तिगत प्रतिबद्धता ₹20 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है.
सुकन्या समृद्धि और NPS वात्सल्य से जोड़ी गईं छात्राएं
मुंबई के घाटकोपर (पश्चिम) स्थित एसपीआरजे कन्याशाला ट्रस्ट स्कूल में आयोजित ‘एम्पावरिंग हर फ्यूचर – 1000 बेटियां, 1000 सपने, एक विश्वास’ कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 1,000 छात्राओं को सम्मानित किया. कार्यक्रम में भाजपा एमएलसी प्रसाद लाड के अलावा शिक्षाविद, बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि, छात्राएं और उनके अभिभावक मौजूद रहे. पहल के तहत 10 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं को सुकन्या समृद्धि योजना और 10 वर्ष से अधिक उम्र की बालिकाओं को NPS वात्सल्य योजना से जोड़ा गया है. इसका उद्देश्य छात्राओं के नाम पर लंबी अवधि में एक वित्तीय कोष तैयार करना है, जिसका इस्तेमाल भविष्य में उच्च शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण जरूरतों के लिए किया जा सके.
10 साल तक हर साल ₹20,000 का योगदान
इस पहल की शुरुआत मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल लिमिटेड के गौरव भंडारी की ओर से की गई है. प्रत्येक बालिका के खाते में शुरुआती ₹20,000 का योगदान किया गया है. इसके साथ ही अगले 10 वर्षों तक हर साल इतनी ही राशि जमा करने की प्रतिबद्धता जताई गई है. 1,000 लाभार्थियों के हिसाब से शुरुआती योगदान ₹2 करोड़ बैठता है. यदि अगले 10 वर्षों तक हर वर्ष ₹2 करोड़ का योगदान किया जाता है, तो कुल व्यक्तिगत प्रतिबद्धता ₹20 करोड़ होगी. गौरव भंडारी ने कहा इस पहल का एक अहम पहलू वित्तीय साक्षरता और औपचारिक वित्तीय व्यवस्था तक पहुंच बढ़ाना है. लाभार्थियों और उनके परिवारों को बचत योजनाओं की जानकारी देने के साथ खातों के संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में भी जानकारी दी गई.
आयोजकों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों, बैंकिंग साझेदारों और अभिभावकों के सहयोग से करीब 15 दिनों में सभी 1,000 खातों को खोलने की प्रक्रिया पूरी की गई. इसके लिए जरूरी दस्तावेजीकरण, जागरूकता सत्र और अन्य औपचारिकताएं भी पूरी की गईं.
वित्तीय सुरक्षा और शिक्षा पर फोकस
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वित्तीय समावेशन और शिक्षा के जरिए वंचित वर्ग की बालिकाओं को अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और सामाजिक जिम्मेदारी के जरिए समाज में बदलाव लाया जा सकता है. फडणवीस ने आगे कहा इस पहल के तहत तैयार किया जाने वाला वित्तीय कोष छात्राओं के लिए लंबी अवधि की बचत का माध्यम होगा. इसका उद्देश्य भविष्य में उनकी शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण जीवन जरूरतों के लिए वित्तीय आधार तैयार करना है.
कार्यक्रम के अंत में लाभार्थी छात्राओं को पासबुक वितरित की गईं. आयोजकों के मुताबिक, पहल का फोकस एकमुश्त सहायता के बजाय नियमित बचत और लंबी अवधि की वित्तीय योजना के जरिए छात्राओं को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने पर है.
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