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10 साल में GeM का GMV ₹422 करोड़ से बढ़कर ₹1.55 लाख करोड़ के पार: गोयल
पीयूष गोयल ने कहा, डिजिटल खरीद प्रक्रिया के जरिए प्लेटफॉर्म ने प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, कीमतों की बेहतर खोज, खरीद प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करने और जवाबदेही मजबूत करने में मदद की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
सरकारी खरीद के लिए बनाए गवर्मेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने पिछले एक दशक में तेजी से विस्तार किया है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, GeM का सकल व्यापारिक मूल्य (GMV) एक दशक पहले के ₹422 करोड़ से बढ़कर अब ₹1.55 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है. उन्होंने कहा कि GeM ने सरकारी खरीद प्रक्रिया को देशभर में एंड-टू-एंड डिजिटल मार्केटप्लेस की दिशा में आगे बढ़ाया है.
10 साल में सरकारी खरीद का बदला तरीका
पीयूष गोयल ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में GeM ने सार्वजनिक खरीद की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है. डिजिटल खरीद प्रक्रिया के जरिए प्लेटफॉर्म ने प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, कीमतों की बेहतर खोज, खरीद प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करने और जवाबदेही मजबूत करने में मदद की है. 7 अगस्त 2026 तक GeM पर शुरुआत से अब तक कुल GMV ₹20 लाख करोड़ को पार कर चुका था. इस दौरान प्लेटफॉर्म पर 3.78 करोड़ से अधिक ऑर्डर दर्ज किए गए हैं.
12.28 लाख से ज्यादा MSEs GeM पर रजिस्टर्ड
GeM पर इस समय 12.28 लाख से अधिक माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज (MSEs) रजिस्टर्ड हैं. इनमें 2.25 लाख से ज्यादा महिला नेतृत्व वाले MSEs शामिल हैं. MSEs ने प्लेटफॉर्म पर ₹9 लाख करोड़ से अधिक के ऑर्डर पूरे किए हैं. यह GeM के कुल संचयी GMV का करीब 45.6 फीसदी है. इसके अलावा, 69,000 से अधिक SC/ST स्वामित्व वाले MSEs ने ₹23,000 करोड़ से ज्यादा मूल्य के ऑर्डर पूरे किए हैं.
महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स की भी बढ़ी भागीदारी
GeM पर महिला नेतृत्व वाले MSEs ने 50 लाख से ज्यादा ऑर्डर पूरे किए हैं, जिनकी कुल कीमत ₹99,800 करोड़ से अधिक है. वहीं, GeM पर रजिस्टर्ड 42,000 से ज्यादा स्टार्टअप्स ने ₹65,900 करोड़ से अधिक के संयुक्त GMV वाले ऑर्डर पूरे किए हैं. GeM का ‘स्टार्टअप रनवे’ फीचर उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के उत्पादों को 13 अलग-अलग प्रोडक्ट कैटेगरी में प्रदर्शित करता है. इसके अलावा, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) के तहत GeM ने 600 से ज्यादा प्रोडक्ट कैटेगरी वाला GeM बाजार भी तैयार किया है.
MSEs, स्टार्टअप्स और कारीगरों के लिए बढ़ी बाजार तक पहुंच
गोयल ने कहा कि GeM ने MSEs, स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), कारीगरों और बुनकरों के लिए सरकारी बाजार तक पहुंच आसान बनाई है. उन्होंने इन प्रयासों को सरकार के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान से भी जोड़ा.
GeM Sahay से 25,000 से ज्यादा यूजर्स जुड़े
MSEs को सरकारी ऑर्डर के आधार पर कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई GeM Sahay पहल से 25,000 से ज्यादा यूजर्स जुड़ चुके हैं. इसके तहत MSEs को सक्रिय सरकारी खरीद ऑर्डर के आधार पर बिना किसी कोलेटरल के वर्किंग कैपिटल फाइनेंस की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.
गोयल ने कहा कि GeM आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के साथ विकसित भारत की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. उनके मुताबिक, पिछले एक दशक में प्लेटफॉर्म के विस्तार ने डिजिटल प्रक्रियाओं के जरिए सार्वजनिक खरीद के तौर-तरीकों को बदल दिया है.
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