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मुनाफे में 19% गिरावट का असर, रेमंड रियल्टी के शेयर 10% से ज्यादा टूटे; जानें पूरी वजह
सोमवार की तेज गिरावट के बावजूद रेमंड रियल्टी के शेयर ने पिछले छह महीनों में करीब 30 फीसदी का रिटर्न दिया है. कंपनी का मार्केट कैप ₹4,100 करोड़ से ज्यादा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
रेमंड रियल्टी (Raymond Realty) के जून तिमाही के नतीजे बाजार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे. कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 19 फीसदी घटकर ₹13.43 करोड़ रह गया. नतीजों के बाद सोमवार को निवेशकों ने शेयर में जमकर बिकवाली की, जिससे बीएसई पर रेमंड रियल्टी का शेयर करीब 10.5 फीसदी टूटकर ₹617.10 के निचले स्तर पर पहुंच गया. हालांकि, कंपनी की सेल्स बुकिंग और EBITDA में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
कमाई बढ़ी, फिर भी मुनाफा क्यों घटा?
रेमंड रियल्टी ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे 7 अगस्त को जारी किए थे. कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान तिमाही के ₹16.50 करोड़ से घटकर ₹13.43 करोड़ रह गया. यानी मुनाफे में करीब 19 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, कंपनी की कुल आय में अच्छी बढ़ोतरी हुई है. जून 2026 तिमाही में कुल इनकम बढ़कर ₹535.71 करोड़ हो गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह ₹391.86 करोड़ थी. इसके बावजूद मुनाफे पर दबाव रहा. इसकी प्रमुख वजह कंपनी के खर्च में हुई तेज बढ़ोतरी रही.
जून तिमाही में कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹520.54 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹370.41 करोड़ था. यानी आय बढ़ने के साथ खर्च भी काफी तेजी से बढ़ा, जिसका सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ा.
सेल्स बुकिंग दोगुने से ज्यादा बढ़ी
मुनाफे में गिरावट के बावजूद रेमंड रियल्टी के ऑपरेशनल प्रदर्शन में मजबूती देखने को मिली है. जून तिमाही में कंपनी की सेल्स बुकिंग ₹700 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹306 करोड़ से दोगुने से भी ज्यादा है. कंपनी के EBITDA में भी मजबूत बढ़ोतरी हुई है. EBITDA पिछले साल के ₹29.8 करोड़ से बढ़कर ₹61.2 करोड़ हो गया. वहीं, EBITDA मार्जिन 7.8 फीसदी से बढ़कर 11.6 फीसदी हो गया.
एक साल पहले ही शेयर बाजार में हुई थी लिस्टिंग
रेमंड रियल्टी का शेयर बाजार में सफर अभी ज्यादा पुराना नहीं है. यह रेमंड लिमिटिड से डीमर्ज होकर एक स्वतंत्र रियल्टी कारोबार के रूप में सामने आया. कंपनी के शेयर 1 जुलाई 2025 को शेयर बाजार में लिस्ट हुए थे. डीमर्जर के तहत 14 मई 2025 तक रेमंड लिमिटिड के शेयर रखने वाले निवेशकों को प्रत्येक एक शेयर के बदले रेमंड रियल्टी का एक शेयर मिला था. इससे पहले रेमंड ग्रुप ने अपने लाइफस्टाइल फैशन कारोबार को भी अलग कर रेमंड लाइफस्टाइल लिमिटिड के नाम से एक अलग लिस्टेड कंपनी बनाई थी.
6 महीने में करीब 30% का रिटर्न
सोमवार की तेज गिरावट के बावजूद रेमंड रियल्टी के शेयर ने पिछले छह महीनों में करीब 30 फीसदी का रिटर्न दिया है. कंपनी का मार्केट कैप ₹4,100 करोड़ से ज्यादा है. जून 2026 के अंत तक प्रमोटर्स के पास कंपनी की 50.93 फीसदी हिस्सेदारी थी. यानी ताजा गिरावट के बावजूद शेयर का हालिया प्रदर्शन पूरी तरह कमजोर नहीं रहा है. हालांकि, तिमाही मुनाफे में गिरावट और बढ़ते खर्च पर बाजार की नजर बनी रहेगी.
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