होम / पर्सनल फाइनेंस / लोन लेने वालों को झटका: HDFC बैंक ने बढ़ाई ब्याज दरें, EMI पर पड़ेगा असर

लोन लेने वालों को झटका: HDFC बैंक ने बढ़ाई ब्याज दरें, EMI पर पड़ेगा असर

HDFC बैंक ने तीन साल की मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.05% की बढ़ोतरी की है. इसके बाद यह दर 8.55% से बढ़कर 8.60% हो गई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने अपनी लेंडिंग दरों में बदलाव कर ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है. बैंक ने लंबी अवधि के कर्ज, खासकर होम लोन से जुड़े मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में बढ़ोतरी की है, जिससे आने वाले समय में ग्राहकों की ईएमआई (EMI) का बोझ बढ़ सकता है. हालांकि, इसी बदलाव में बैंक ने छोटे कारोबारियों और शॉर्ट-टर्म लोन लेने वालों को राहत भी दी है, जिससे उनके ब्याज बोझ में कमी आएगी.

3 साल वाले लोन हुए महंगे, EMI बढ़ने की आशंका

HDFC बैंक ने तीन साल की MCLR में 0.05% की बढ़ोतरी की है. इसके बाद यह दर 8.55% से बढ़कर 8.60% हो गई है. इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिनका होम लोन या लंबी अवधि का कर्ज इस बेंचमार्क से जुड़ा हुआ है. ऐसे ग्राहकों की मासिक किस्त (EMI) में बढ़ोतरी हो सकती है.

शॉर्ट-टर्म लोन पर मिली राहत

जहां लंबी अवधि के कर्ज महंगे हुए हैं, वहीं बैंक ने शॉर्ट-टर्म कर्जों पर राहत दी है. ओवरनाइट से लेकर 6 महीने तक के MCLR में 0.05% की कटौती की गई है. इसके बाद 1 महीने की दर 8.10% से घटकर 8.05%, 3 महीने की दर 8.15% और 6 महीने की दर 8.30% हो गई है. इस फैसले से छोटे कारोबारियों और वर्किंग कैपिटल पर निर्भर कंपनियों को फायदा मिलेगा.

1 और 2 साल की दरों में कोई बदलाव नहीं

बैंक ने 1 साल और 2 साल की MCLR दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. 1 साल की दर 8.35% और 2 साल की दर 8.45% है. इसका मतलब है कि मिड-टर्म लोन लेने वाले ग्राहकों पर फिलहाल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा.

MCLR क्या होता है?

मार्जिनल कोस्ट ऑफ बेस्ड लेडिंग रेट (MCLR)  वह न्यूनतम ब्याज दर है, जिससे नीचे कोई भी बैंक लोन नहीं दे सकता. इसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2016 में लागू किया था ताकि लोन की ब्याज दरों में पारदर्शिता लाई जा सके. बैंक इसे फंड की लागत, ऑपरेशनल खर्च और बाजार स्थितियों के आधार पर तय करते हैं, और अलग-अलग अवधि के लिए अलग दरें निर्धारित की जाती हैं.

एचडीएफसी बैंक के इस फैसले से साफ है कि लंबी अवधि के कर्ज लेने वालों पर दबाव बढ़ सकता है, जबकि छोटे और शॉर्ट-टर्म कर्ज लेने वालों को राहत मिली है. आने वाले समय में इसका असर होम लोन EMI और रिटेल लोन बाजार पर दिखाई दे सकता है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

KCC के नियमों में बड़ा बदलाव: 2 लाख रुपये तक बिना गारंटी मिलेगा लोन, किसानों को राहत

RBI ने किसान क्रेडिट कार्ड के नियम बदले, फसल अवधि से लेकर लोन सीमा तक कई अहम बदलाव 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे.

18 hours ago

SEBI ने म्यूचुअल फंड्स को दी बड़ी राहत, इंट्राडे उधारी के नियम हुए आसान

कैश मैनेजमेंट, ट्रेड सेटलमेंट और डेरिवेटिव दायित्वों के लिए अब ले सकेंगे शॉर्ट-टर्म लोन, परिचालन दक्षता बढ़ने की उम्मीद

3 days ago

अब UPI और ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा, जून के अंत तक शुरू हो सकती है नई सुविधा

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सदस्य क्लेम की स्वीकृत राशि सीधे अपने बैंक खाते में प्राप्त कर सकेंगे और फिर जरूरत पड़ने पर ATM से नकदी निकाल सकेंगे.

4 days ago

कोटक MF ने लॉन्च किया पहला SIF, हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट रणनीति पर दांव

SEBI की नई स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड श्रेणी में अब कोटक की एंट्री भी हो गई है, निवेशकों के लिए 15 से 29 जून तक NFO खुला रहेगा.

1 week ago

बैंकिंग फ्रॉड पर लगेगी लगाम! RBI ला रहा 'किल स्विच', एक क्लिक में रुक जाएंगे खाते से सभी ट्रांजैक्शन

डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दायरे को देखते हुए RBI लगातार सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर जोर दे रहा है ताकि ग्राहकों का भरोसा बना रहे और साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके.

30-May-2026


बड़ी खबरें

मार्केटिंग का सबसे बड़ा बदलाव, अब क्रिएटर्स बन रहे हैं रणनीतिक बिजनेस पार्टनर

भारत में डिजिटल खरीदारी अब काफी हद तक विजुअल, मोबाइल-केंद्रित और क्रिएटर-आधारित हो चुकी है, जिसे 49.1 करोड़ से अधिक सक्रिय सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और ई-रिटेल के तेज विस्तार से बल मिला है.

16 hours ago

महंगाई के दबाव में सुस्त पड़ी रिटेल बिक्री, मई में ग्रोथ घटकर 5% रही: RAI

महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच उपभोक्ता खर्च में सतर्कता बढ़ी है, जिससे रिटेल सेक्टर की रफ्तार धीमी हुई है.

13 hours ago

LiLLBUD ने जुटाए ₹6 करोड़, भारत के अर्ली लर्निंग मार्केट में बढ़ाए कदम

इस फंडिंग राउंड में CRED के संस्थापक कुणाल शाह और Shadowfax के सीईओ अभिषेक बंसल समेत कई एंजेल निवेशकों ने भी निवेश किया है.

14 hours ago

कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज फिर बनेगा फाइनेंशियल हब, CSE को पुनर्जीवित करने की कवायद शुरू

राज्य सरकार का मानना है कि एक्सचेंज के दोबारा शुरू होने से कोलकाता को एक बार फिर पूर्वी भारत की आर्थिक राजधानी के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी.

17 hours ago

मार्केटप्लेस के पीछे का खेल: डिजिटल उपभोक्ता शोषण का नया चेहरा

डिजिटल कॉमर्स की असली सफलता केवल बिक्री बढ़ाने में नहीं, बल्कि पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखने में निहित है.

14 hours ago