होम / पर्सनल फाइनेंस / KCC के नियमों में बड़ा बदलाव: 2 लाख रुपये तक बिना गारंटी मिलेगा लोन, किसानों को राहत
KCC के नियमों में बड़ा बदलाव: 2 लाख रुपये तक बिना गारंटी मिलेगा लोन, किसानों को राहत
RBI ने किसान क्रेडिट कार्ड के नियम बदले, फसल अवधि से लेकर लोन सीमा तक कई अहम बदलाव 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, जिनका उद्देश्य किसानों को आसान और समय पर कर्ज उपलब्ध कराना है. नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे. इन बदलावों के तहत फसल अवधि की नई परिभाषा तय की गई है, वहीं 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर गारंटी की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है. माना जा रहा है कि इससे छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक राहत मिलेगी.
फसल सीजन के लिए बने एक समान नियम
अब तक अलग-अलग बैंक फसल की अवधि को अलग-अलग तरीके से तय करते थे, जिससे ऋण चुकाने की अवधि को लेकर भ्रम की स्थिति बनती थी. आरबीआई ने इसे समाप्त करने के लिए फसल सीजन की एक समान परिभाषा तय की है. नए नियमों के अनुसार, कम अवधि वाली फसलों के लिए फसल सीजन 12 महीने और लंबी अवधि वाली फसलों के लिए 18 महीने माना जाएगा. आरबीआई के मुताबिक फसल सीजन में बुआई से लेकर फसल की कटाई और बिक्री तक की पूरी अवधि शामिल होगी.
2 लाख रुपये तक के लोन पर नहीं देनी होगी गारंटी
नए नियमों के तहत किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए खेती और उससे जुड़े कार्यों के लिए 2 लाख रुपये तक का ऋण लेने पर किसी प्रकार की गारंटी या अतिरिक्त सुरक्षा नहीं देनी होगी. बैंक इस सीमा तक के ऋण पर जमीन, संपत्ति या अन्य किसी प्रकार का कोलेटरल नहीं मांग सकेंगे. इससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए ऋण प्राप्त करना आसान हो जाएगा.
स्वेच्छा से सोना-चांदी गिरवी रखने की रहेगी सुविधा
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई किसान अपनी इच्छा से सोना या चांदी गिरवी रखकर कृषि ऋण लेना चाहता है तो इसे कोलेटरल-फ्री लोन नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा. यानी किसान और बैंक की सहमति से गोल्ड या सिल्वर के बदले भी कृषि ऋण लिया जा सकेगा.
2 लाख रुपये से अधिक के लोन पर क्या होंगे नियम
यदि किसान 2 लाख रुपये से अधिक का केसीसी ऋण लेते हैं, तो गारंटी और मार्जिन से जुड़े नियम संबंधित बैंक अपनी आंतरिक ऋण नीति और आरबीआई के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार तय करेंगे, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में किसानों को अतिरिक्त राहत भी दी जा सकती है.
3 लाख रुपये तक के ऋण पर भी मिल सकती है छूट
आरबीआई के अनुसार यदि ऋण फसल या स्टॉक के आधार पर दिया जाता है तो बैंक 3 लाख रुपये तक के ऋण पर भी गारंटी संबंधी शर्तों में राहत दे सकते हैं. इससे किसानों को अधिक राशि का ऋण लेने में आसानी हो सकती है. हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय संबंधित बैंक की नीति के आधार पर होगा.
समय-समय पर होगी क्रेडिट लिमिट की समीक्षा
केंद्रीय बैंक ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे कृषि और उससे जुड़े कार्यों के लिए दी गई अल्पकालिक ऋण सीमा की नियमित समीक्षा करें. जरूरत पड़ने पर किसानों की ऋण सीमा बढ़ाई या उसका नवीनीकरण भी किया जा सकेगा, जिससे बदलती कृषि जरूरतों के अनुसार किसानों को पर्याप्त पूंजी उपलब्ध हो सके.
बिना गारंटी लोन सीमा बढ़ाने की मांग नहीं मानी
नियमों पर सुझाव मांगने के दौरान कई पक्षों ने बिना गारंटी वाले कृषि ऋण की सीमा बढ़ाने की मांग की थी. हालांकि आरबीआई ने इसे स्वीकार नहीं किया. केंद्रीय बैंक का कहना है कि दिसंबर 2024 में ही बिना गारंटी वाले कृषि ऋण की सीमा बढ़ाई जा चुकी है, इसलिए फिलहाल इसमें और बदलाव की आवश्यकता नहीं है.
किसानों को क्या होगा फायदा?
नए नियम लागू होने के बाद ऋण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल हो सकती है. फसल अवधि को लेकर भ्रम कम होगा, छोटे किसानों को बिना गारंटी ऋण मिलने में आसानी होगी और सभी बैंकों में एक समान नियम लागू होंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से किसानों को समय पर खेती के लिए पूंजी उपलब्ध होगी और कृषि क्षेत्र में संस्थागत ऋण की पहुंच भी बढ़ेगी.
टैग्स