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कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज फिर बनेगा फाइनेंशियल हब, CSE को पुनर्जीवित करने की कवायद शुरू
राज्य सरकार का मानना है कि एक्सचेंज के दोबारा शुरू होने से कोलकाता को एक बार फिर पूर्वी भारत की आर्थिक राजधानी के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
मुंबई की दलाल स्ट्रीट की तरह अब कोलकाता की ऐतिहासिक लायन्स रेंज भी एक बार फिर शेयर कारोबार की हलचल से गुलजार हो सकती है. पश्चिम बंगाल सरकार ने 118 साल पुराने कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (CSE) को पुनर्जीवित करने का ऐलान किया है. राज्य सरकार का मानना है कि एक्सचेंज के दोबारा शुरू होने से पूर्वी भारत में पूंजी बाजार को नई ऊर्जा मिलेगी, कंपनियों के लिए पूंजी जुटाना आसान होगा और कोलकाता को फिर से एक प्रमुख वित्तीय केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकेगा.
बजट में सरकार ने किया बड़ा ऐलान
पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने बजट में कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज को पुनर्जीवित करने की मंशा जाहिर की. सरकार ने कहा कि 118 साल पुरानी यह संस्था कानूनी और नियामकीय अड़चनों के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच गई है, लेकिन अब इसे दोबारा शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे. सरकार का मानना है कि इससे कोलकाता को एक बार फिर पूर्वी भारत की आर्थिक राजधानी के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी.
क्यों अहम है CSE की वापसी?
कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंजों में से एक है. एक समय यह पूर्वी भारत की कंपनियों के लिए पूंजी जुटाने का बड़ा मंच था. राज्य सरकार के मुताबिक, एक्सचेंज के फिर से सक्रिय होने से क्षेत्रीय कंपनियों को लिस्टिंग और ट्रेडिंग की कम लागत पर सुविधा मिल सकेगी. इसके अलावा नए रोजगार अवसर भी पैदा होंगे और स्थानीय उद्योगों को पूंजी तक आसान पहुंच मिल सकेगी.
उद्योग मंत्री से मिला था CSE का प्रतिनिधिमंडल
हाल ही में कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के उद्योग मंत्री तापस रॉय से मुलाकात की थी. प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से एक्सचेंज को बंद होने से बचाने और दोबारा शुरू करने में मदद की मांग की. CSE अधिकारियों ने सरकार को बताया कि वे सेबी को दी गई अपनी स्वैच्छिक निकास (वॉलंटरी एग्जिट) की अर्जी वापस लेना चाहते हैं और दोबारा ट्रेडिंग शुरू करना चाहते हैं. उद्योग मंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि राज्य सरकार इस मामले में केंद्र सरकार और सेबी से बातचीत करेगी.
2013 से बंद है ट्रेडिंग
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अप्रैल 2013 में कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग पर रोक लगा दी थी. इसके बाद लगभग एक दशक तक नियामकीय और कानूनी विवाद जारी रहे. फरवरी 2025 में एक्सचेंज ने स्वेच्छा से स्टॉक एक्सचेंज कारोबार से बाहर निकलने के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक सेबी की ओर से अंतिम एग्जिट आदेश जारी नहीं किया गया है.
SEBI और केंद्र से सहयोग की उम्मीद
राज्य सरकार का मानना है कि यदि मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज को मुंबई से परिचालन की अनुमति मिल सकती है, तो पर्याप्त बुनियादी ढांचे, वित्तीय संसाधनों और राष्ट्रीय उपस्थिति वाले कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज को भी दोबारा अवसर मिलना चाहिए. CSE से जुड़े लोगों का कहना है कि एक्सचेंज के पास मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं, जिनका उपयोग दोबारा शेयर कारोबार शुरू करने के लिए किया जा सकता है.
पूर्वी भारत के वित्तीय केंद्र के रूप में उभर सकता है कोलकाता
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज दोबारा शुरू होता है, तो इससे पूर्वी भारत के उद्योगों और निवेशकों को बड़ा फायदा मिल सकता है. इससे क्षेत्रीय कंपनियों के लिए पूंजी जुटाने के विकल्प बढ़ेंगे और कोलकाता एक बार फिर देश के प्रमुख वित्तीय केंद्रों में अपनी जगह बना सकता है.
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