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महंगाई के दबाव में सुस्त पड़ी रिटेल बिक्री, मई में ग्रोथ घटकर 5% रही: RAI
महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच उपभोक्ता खर्च में सतर्कता बढ़ी है, जिससे रिटेल सेक्टर की रफ्तार धीमी हुई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
बढ़ती महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देश में रिटेल बिक्री की रफ्तार मई 2026 में धीमी पड़ गई. रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मई में रिटेल बिक्री वृद्धि दर घटकर 5 प्रतिशत रह गई, जो अप्रैल 2026 में 7 प्रतिशत थी. हालांकि, आवश्यक वस्तुओं से जुड़ी श्रेणियां अब भी उपभोक्ता मांग को सहारा दे रही हैं.
पश्चिम भारत सबसे आगे, पूर्वी भारत की रफ्तार धीमी
RAI के मासिक बिजनेस सर्वे के 71वें दौर के अनुसार, पश्चिम भारत में रिटेल बिक्री में सबसे अधिक 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. उत्तर और दक्षिण भारत में 5-5 प्रतिशत की वृद्धि रही, जबकि पूर्वी भारत में वृद्धि दर 4 प्रतिशत रही, जो उपभोक्ता मांग में अपेक्षाकृत धीमी गति को दर्शाती है.
महंगाई और वैश्विक तनाव का असर
RAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कुमार राजगोपालन ने कहा, “मई में वृद्धि दर घटकर 5 प्रतिशत रह गई, जबकि अप्रैल में यह 7 प्रतिशत थी. वैश्विक संघर्षों के कारण बढ़े महंगाई के दबाव ने उपभोक्ता भावना को प्रभावित किया है. खुदरा कारोबारी स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं क्योंकि उपभोक्ता खर्च अधिक सतर्क हो गया है.”
QSR और किराना श्रेणी में सबसे अधिक बढ़ोतरी
विभिन्न श्रेणियों में क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और इसमें 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इसके बाद खाद्य एवं किराना श्रेणी में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही. फुटवियर श्रेणी में 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि परिधान एवं कपड़े, आभूषण और खेल सामग्री की बिक्री में 5-5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.
मूल्य आधारित खरीदारी की ओर बढ़ रहे उपभोक्ता
रिपोर्ट के मुताबिक, उपभोक्ता अब अधिक सतर्कता के साथ खर्च कर रहे हैं और मूल्य आधारित खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं. इसका असर लगभग सभी श्रेणियों की मांग पर दिखाई दे रहा है. RAI ने कहा कि खुदरा कारोबारियों का फोकस इन्वेंट्री ऑप्टिमाइजेशन, ग्राहक जुड़ाव और परिचालन दक्षता बढ़ाने पर बना हुआ है.
AI और डिजिटल तकनीक का बढ़ रहा इस्तेमाल
रिटेल कंपनियां अब निर्णय लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने, ग्राहकों के अनुभव को मजबूत करने और लाभप्रदता बनाए रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीकों का तेजी से इस्तेमाल कर रही हैं.उद्योग जगत का मानना है कि डिजिटल टूल्स और डेटा आधारित रणनीतियां आने वाले समय में रिटेल कारोबार की वृद्धि और प्रतिस्पर्धा को नई दिशा दे सकती हैं.
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