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क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत: RBI ने ओवरलिमिट शुल्क पर लगाई सख्त रोक

RBI के इस निर्णय से क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी. अनावश्यक शुल्क, धोखाधड़ी और बिना जानकारी लिमिट पार होने जैसी समस्याएं काफी हद तक खत्म होंगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago

डिजिटल भुगतान के विस्तार के साथ क्रेडिट कार्ड का उपयोग बेहद आम हो गया है, लेकिन लिमिट से अधिक खर्च होने पर लगने वाला ओवरलिमिट शुल्क लंबे समय से ग्राहकों की परेशानी का कारण बना हुआ था. अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नई गाइडलाइंस जारी करके इस बोझ से करोड़ों कार्ड उपयोगकर्ताओं को राहत देने का बड़ा कदम उठाया है.

बिना अनुमति ओवरलिमिट शुल्क पर अब पूरी तरह रोक

RBI के नए नियमों के अनुसार कोई भी बैंक या कार्ड जारीकर्ता कंपनी अब ग्राहक की स्पष्ट सहमति के बिना ओवरलिमिट फीचर सक्रिय नहीं कर सकेगी. पहले कई बैंक इस सुविधा को स्वतः चालू कर देते थे, जिससे ग्राहक अनजाने में अपनी लिमिट पार कर देते थे और भारी ओवरलिमिट शुल्क देना पड़ता था. RBI ने इस प्रथा को तुरंत प्रभाव से रोक दिया है.

मोबाइल ऐप और नेट बैंकिंग पर मिलेगा ओवरलिमिट कंट्रोल

RBI ने सभी कार्ड जारीकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे अपने मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग प्लेटफॉर्म में ट्रांजैक्शन कंट्रोल फीचर उपलब्ध कराएं. इसके माध्यम से ग्राहक जब चाहें ओवरलिमिट सुविधा को ऑन या ऑफ कर सकेंगे. यह विकल्प 24x7 उपलब्ध होना आवश्यक होगा ताकि ग्राहक अपने खर्चे पर पूरा नियंत्रण रख सकें.

लिमिट पार होने पर नहीं लगेगा कोई अतिरिक्त शुल्क

नियम साफ है कि यदि ग्राहक ने ओवरलिमिट की अनुमति नहीं दी है, तो बैंक किसी भी परिस्थिति में कार्ड को निर्धारित लिमिट से अधिक खर्च करने नहीं देगा और न ही कोई ओवरलिमिट चार्ज वसूल सकेगा. यहां तक कि यदि किसी तकनीकी समस्या के कारण ट्रांजैक्शन लिमिट से ऊपर चला भी जाता है, तब भी बैंक ग्राहक से कोई शुल्क नहीं ले पाएगा. यह व्यवस्था उन उपयोगकर्ताओं के लिए बेहद फायदेमंद है जो गलती से अधिक खर्च कर देते हैं.

धोखाधड़ी और अनियंत्रित खर्च पर लगेगी रोक

RBI का कहना है कि यह फैसला ग्राहकों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने और धोखाधड़ी को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है. ओवरलिमिट फीचर के अनियंत्रित रूप से चालू रहने पर कई बार अचानक खर्च बढ़ जाता है, जिससे ग्राहक वित्तीय दबाव में आ जाते हैं. नए नियम ग्राहकों को अधिक जिम्मेदारी से कार्ड उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे.

ओवरलिमिट फीचर कैसे काम करता है?

मान लें कि किसी ग्राहक की कार्ड लिमिट ₹1 लाख है. यदि ओवरलिमिट सुविधा चालू है, तो वह इस सीमा से अधिक खर्च कर सकता है. लेकिन यदि फीचर बंद है या ग्राहक ने अनुमति नहीं दी है, तो जैसे ही खर्च लिमिट के पास पहुंचेगा, ट्रांजैक्शन स्वतः रद्द कर दिया जाएगा. इससे अनियंत्रित खर्च और अतिरिक्त शुल्क दोनों से बचाव हो सकेगा.

गलत शुल्क लगने पर मिल सकेगा पूरा रिफंड

अगर बैंक ने बिना अनुमति आपके खाते पर ओवरलिमिट चार्ज लगाया है, तो ग्राहक पहले बैंक की ग्राहक सेवा से शिकायत कर सकता है. यदि समाधान नहीं मिलता, तो RBI ओम्बुड्समैन पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है. नए नियमों के तहत ग्राहक को पूरा रिफंड मिलना सुनिश्चित किया गया है, जिससे बैंकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी.

 


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