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सरकार का बड़ा कदम: UGC NET परीक्षा रद्द, CBI करेगी पूरे मामले की जांच
शिक्षा मंत्रालय ने UGC NET 2024 परीक्षा में गड़बड़ी की बात सामने आने के बाद एग्जाम को रद्द कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
यूजीसी-नेट परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत के मद्देनजर सरकार ने एक बड़ा कदा उठाया है. शिक्षा मंत्रालय ने देश के विभिन्न शहरों में आयोजित इस परीक्षा को रद्द कर दिया है. साथ ही मंत्रालय ने बताया है कि यूजीसी-नेट एग्जाम नए सिरे से आयोजित किया जाएगा और गड़बड़ी की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी गई है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि एग्जाम दोबारा कब कराया जाएगा. मंत्रालय का कहना है कि इस संबंध में अलग से जानकारी साझा की जाएगी.
गड़बड़ी के मिले संकेत
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC NET परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की थी, जिसमें गड़बड़ी की बात सामने आई है. एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 19 जून को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) को परीक्षा के संबंध में गृह मंत्रालय की नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) से कुछ इनपुट प्राप्त हुए. ये इनपुट प्रथम दृष्टया परीक्षा में गड़बड़ी के संकेत देते हैं. अब सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी-नीट जून 2024 परीक्षा को रद्द कर दिया है.
मंत्रालय ने कही ये बात
शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि परीक्षा का आयोजन नए सिरे से किया जाएगा जिसकी जानकारी अलग से साझा की जाएगी. सरकार परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच के लिए पूरे मामले को सीबीआई को सौंपा जा रहा है. यूजीसी नेट परीक्षा देशभर के 317 शहरों के 1205 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें 11,21,225 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था. 18 जून को आयोजित इस परीक्षा की पहली शिफ्ट सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक थी. NTA ने एक ही दिन में सभी 83 विषयों के लिए परीक्षा आयोजित की थी.
विपक्ष ने बोला हमला
UGC नेट परीक्षा में 3 पेपर होते हैं, जिनमें ऑब्जेक्टिव प्रश्न होते हैं. दोनों पेपरों को पूरा करने के लिए उम्मीदवारों को 150 प्रश्नों को हल करना होता है और इसके लिए तीन घंटे का समय दिया जाता है. पेपर 1 सभी उम्मीदवारों के लिए समान और अनिवार्य होता है. जबकि पेपर 2 अलग-अलग विषयों के हिसाब से अलग-अलग होता है. उधर, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी का कहना है कि मोदी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. मोदी सरकार- पेपर लीक सरकार' बन गई है. वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी ट्वीट कर कहा कि मोदी सरकार से देश के भविष्य को नुकसान हो रहा है. करोड़ों छात्र हर रोज निराशा के अंधकार में डूब रहे हैं.
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