होम / जॉब्स-एजुकेशन / क्‍या आप जानते हैं कि भारत में सिर्फ इतने फीसदी लोग तैयार हैं मंदी से निपटने के लिए

क्‍या आप जानते हैं कि भारत में सिर्फ इतने फीसदी लोग तैयार हैं मंदी से निपटने के लिए

सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से कम से कम 3 चौथाई या 78 प्रतिशत ने कहा कि अगर वे अपनी नौकरी छोड़ देते हैं, तो वे दूसरी जगह आवेदन करने में ज्‍यादा आत्मविश्वास महसूस करेंगे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

दुनियाभर में छाई महंगाई, आर्थिक और रोजगार अनिश्चितताओं के बीच, पेशेवर तेजी से नौकरी बदलने की ओर देख रहे हैं. Linkdin की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय वर्कफोर्स में 4 से 5 या 80 प्रतिशत पेशेवर 2023 में नौकरी बदलने पर विचार कर रहे हैं. यह लुक तब भी आया जब दिसंबर 2021 की तुलना में दिसंबर 2022 में हायरिंग का स्तर 23 प्रतिशत धीमा हो गया है. वहीं रिपोर्ट में उन लोगों के प्रतिशत के बारे में भी बताया गया है जो दुनियाभर में आ रही मंदी से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. 

Gen Z ने कहा है कि भारत में 18-24 आयु वर्ग के 88 प्रतिशत पेशेवर अपनी नौकरी बदलने पर विचार कर रहे हैं, जबकि 45-54 आयु वर्ग के 64 प्रतिशत लोग नौकरी की तलाश में लगे हुए हैं. वहीं अलग-अलग सेक्‍टरों के पेशेवर भी अपने स्किल्‍स में अपडेट करने के लिए निवेश कर रहे हैं और सक्रिय रूप से नए अवसरों की तलाश कर रहे हैं.

आखिर क्‍यों सर्च कर रहे हैं नया जॉब 
लगभग 35 प्रतिशत से अधिक अलग-अलग पेशेवरों ने इसमें अलग बात कही है. ज्‍यादातर लोग नई नौकरी की तलाश, वित्तीय सुरक्षा और लगातार बढ़ती लिविंग कॉस्‍ट के कारण ले रहे हैं, जिसके चलते वे और अधिक पैसा ऑफर करने वाली नौकरियों की तलाश में लगे हुए हैं. जबकि 33 प्रतिशत लोग वर्क-लाइफ-बैलेंस की आवश्यकता से प्रेरित हैं. 3 में से 1 या 32 प्रतिशत को लगता है कि उनकी क्षमताओं में बढ़ोतरी हुई है जिससे वे नई भूमिका के लिए ज्‍यादा आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं.

कितने प्रतिशत लोग हैं मंदी के लिए तैयार  
Linkdin वर्कफोर्स कॉन्फिडेंस इंडेक्स के अनुसार, भारत में 5 में से 2 या 43 प्रतिशत पेशेवर आर्थिक मंदी के लिए अपने आप को तैयार महसूस कर रहे हैं. फिर भी, वे खुद को अनिश्चितताओं से बचाने के लिए एक्टिवली उपाय भी कर रहे हैं. आधे से अधिक या 54 प्रतिशत पेशेवर सही लोगों के संपर्क में रहकर और व्यावसायिक आयोजनों में भाग लेकर अपना नेटवर्क बढ़ा रहे हैं. लगभग आधे या 47 प्रतिशत सक्रिय रूप से साथियों और प्रबंधकों से प्रतिक्रिया मांग रहे हैं, जबकि 44 प्रतिशत नई डिमांड और ट्रांसफर स्किल सीख रहे हैं.
Linkdin करियर विशेषज्ञ और Linkdin इंडिया के संपादकीय प्रमुख, नीरजिता बनर्जी ने कहा, “कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद, भारतीय वर्कफोर्स आगे बढ़ने के लिए अपनी क्षमताओं पर भरोसा कर रहा है. महामारी के बाद से, यह स्पष्ट है कि पेशेवरों ने लचीलेपन का रवैया बनाया हुआ है, और हम इसे आने वाले वर्ष से निपटने के लिए उनकी प्रतिक्रिया में देख रहे हैं. वे आदर्श भूमिका के लिए प्रयासरत हैं जो सही वेतन प्रदान करती है, और सराहनीय वर्क-लाइफ-बैलेंस और लचीलेपन की अनुमति देती है.

2023 में होगी किनकी जरूरत 
Linkdin के 'जॉब्स ऑन द राइज' ने पिछले पांच वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ने वाले जॉब टाइटल के बारे में भी बताया है. इनमें कैटेगरी एसोसिएट, हेल्थकेयर रिक्रूटर, कस्टमर सक्सेस एसोसिएट, यूजर एक्सपीरियंस राइटर, टैलेंट एक्विजिशन पार्टनर, डेटा एनोटेटर, क्लोजिंग मैनेजर, हेड ऑफ ग्रोथ, बिजनेस डेवलपमेंट रिप्रेजेंटेटिव, एक्चुरियल एसोसिएट, सेल्स डेवलपमेंट रिप्रेजेंटेटिव, एक्विजिशन एसोसिएट, डिमांड जनरेशन एसोसिएट, ड्रोन पायलट और सस्टेनेबिलिटी मैनेजर 2023 के लिए भारत में शीर्ष 15 सबसे तेजी से बढ़ती नौकरी के टाइटल हैं.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

SRCC ने पूरे किए 100 साल: दिल्ली यूनिवर्सिटी में शताब्दी समारोह की शुरुआत, पीएम ने दी बधाई

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, यह संस्थान भारत के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक है और इसके 100 वर्ष पूरे होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

26-April-2026

‘ट्रिपल बॉटम लाइन’ यानी लाभ, लोग और पर्यावरण के संतुलन पर दें ध्यान: शशि थरूर

दीक्षांत समारोह के दौरान संस्थान ने अपने पूर्व छात्रों को भी विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया. इसमें विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान और युवा पूर्व छात्र उपलब्धि सम्मान जैसे पुरस्कार शामिल रहे.

13-April-2026

अनिश्चित दौर में करियर की नई परिभाषा: मूल्य, सहयोग और सीख बन रहे हैं सफलता की असली नींव

समिट से उभरकर आने वाला संदेश साफ है. अनिश्चितता भले ही अपरिहार्य हो, लेकिन करियर की दिशा पूरी तरह परिस्थितियों के हवाले नहीं होती. अनुशासन, सहयोग, मूल्य, जिज्ञासा और सीखने की निरंतर इच्छा ऐसे आधार हैं, जिन पर टिकाऊ और सार्थक करियर खड़े होते हैं.

10-February-2026

IIIT दिल्ली ने नया कोर्स लॉन्च किया, AI फैब्रिक्स और सिस्टम्स पर दुनिया का पहला ज्ञात शैक्षणिक कोर्स

“Networks for AI/ML Systems” पाठ्यक्रम का शुभारंभ न केवल IIIT-दिल्ली के लिए बल्कि भारत की AI शिक्षा और शोध पारिस्थितिकी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

29-January-2026

IIT रुड़की और मसाई की बड़ी पहल, AI और डिजिटल स्किल्स के लिए शुरू होंगे जॉब-रेडी टेक प्रोग्राम

IIT रुड़की और मसाई की इस साझेदारी से न सिर्फ युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित होने का मौका मिलेगा, बल्कि इंडस्ट्री को भी जॉब-रेडी और स्किल्ड प्रोफेशनल्स मिल सकेंगे.

16-January-2026


बड़ी खबरें

ग्रोसरी बाजार में बड़ी एंट्री, मीशो ने 202 करोड़ रुपये में खरीदा किराना क्लब

कंपनी का मानना है कि यह सौदा उसे विभिन्न रिटेल सेगमेंट्स में अपने B2B कारोबार का विस्तार करने में मदद करेगा.

4 hours ago

अब UPI और ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा, जून के अंत तक शुरू हो सकती है नई सुविधा

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सदस्य क्लेम की स्वीकृत राशि सीधे अपने बैंक खाते में प्राप्त कर सकेंगे और फिर जरूरत पड़ने पर ATM से नकदी निकाल सकेंगे.

2 hours ago

सरकारी खजाना हुआ मालामाल, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 5.21 लाख करोड़ रुपये के पार

सरकार ने इस अवधि के दौरान करदाताओं को 89,026 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड जारी किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.19 प्रतिशत अधिक है. इसके बावजूद शुद्ध कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.

3 hours ago

NEET-UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर रोक बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के फैसले को दी मंजूरी

NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है. ऐसे में सरकार ने किसी भी संभावित पेपर लीक या परीक्षा संबंधी अनियमितता को रोकने के लिए टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया था. यह प्रतिबंध 22 जून तक लागू रहेगा.

4 hours ago

भारत फोर्ज की अमेरिकी रक्षा कंपनी से बड़ी डील, मिलकर बनाएंगी 155mm मोबाइल तोप

फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित यूरोसैटरी डिफेंस एक्सपो के दौरान इस साझेदारी पर मुहर लगी. समझौते का उद्देश्य दुनियाभर की सेनाओं के लिए अत्याधुनिक 155mm मोबाइल आर्टिलरी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है.

6 hours ago