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सरकार ने उठाया बड़ा कदम, अब इस Sector में आएंगी बंपर नौकरियां!
मोबाइल फोन के लिए PLI योजना की सफलता को देखते हुए अब आईटी हार्डवेयर के लिए पीएलआई 2.0 को मंजूरी दी गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
जॉब्स के मोर्चे पर एक अच्छी खबर सामने आई है. केंद्रीय कैबिनेट ने IT हार्डवेयर सेक्टर के लिए पीएलआई 2.0 योजना (PLI for IT Hardware) को मंजूरी दे दी है. इससे 2 लाख के आसपास रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है. सरकार ने 17 हजार करोड़ रुपए के बजट के साथ आईटी हार्डवेयर सेक्टर के लिए इस योजना को 6 वर्ष के लिए मंजूरी दी है. सरकार का कहना है कि PLI 2.0 से IT हार्डवेयर सेक्टर में करीब 3.35 लाख करोड़ रुपए के उत्पादन में बढ़ोतरी होने और लगभग 2,430 करोड़ का निवेश आने की संभावना है.
ये आएंगे दायरे में
सूचना प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस योजना से सीधे तौर पर 75 हजार और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर कुल दो लाख से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. पीएलआई 2.0 के तहत लैपटॉप, टैबलेट व सभी उपकरणों से लैस पर्सनल कंप्यूटर (ऑल इन वन पीसी) सर्वर आदि आएंगे. PLI 2.0 के तहत कंपनियों को 5 फीसदी तक प्रोत्साहन मिलेगा. इतना ही नही, देश में बने पुर्जों के साथ उत्पादन करने पर अलग से भी 4 फीसदी प्रोत्साहन दिया जाएगा. गौरतलब है कि इससे पहले सरकार ने फरवरी, 2021 में 7,350 करोड़ के खर्च के साथ आईटी हार्डवेयर के लिए पहली PLI योजना को मंजूरी दी थी.
PLI की बड़ी भूमिका
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत एक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग के प्रमुख स्थान के रूप में उभर रहा है. इस क्षेत्र से जुड़ीं दुनियाभर की कंपनियां भारत आ रही हैं. मोबाइल फोन के लिए PLI योजना की सफलता को देखते हुए आईटी हार्डवेयर के लिए पीएलआई 2.0 को मंजूरी दी गई है. देश में मोबाइल फोन उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने पहली बार 2020 में PLI योजना की शुरुआत की थी. इससे इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिला है. भारत आज दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता है और इसमें PLI योजना का बड़ा योगदान है. मोबाइल फोन का निर्यात इस साल 11 अरब अमेरिकी डॉलर यानी करीब 90 हजार करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया है.
क्या है PLI योजना?
मोदी सरकार ने घरेलू उत्पादन को बढ़ाने और आयात बिल कम करने के लिए 2020 में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम यानी PLI योजना की शुरुआत की गई थी. इस योजना के तहत सरकार कंपनियों को भारत में बने उत्पाद की बिक्री के आधार पर इंसेंटिव देती है. योजना का उद्देश्य घरेलू कंपनियों को देश में अपना उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है. इस योजना के तहत विदेशी कंपनियों को भारत में अपना कारोबार स्थापित करने के लिए विशेष रियायत दी जाती है. विदेशी कंपनियों को कैश इंसेंटिव प्राप्त होता है.
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