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इंडियन डीपटेक स्टार्टअप के लिए अच्छी के साथ सामने आई बुरी खबर, जानते हैं क्या है ये?
नैसकॉम की रिपोर्ट ये कह रही है कि 2023 में डीपटेक स्टार्टअप में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. लेकिन वहीं फंडिंग में बड़ी कमी भी देखने को मिल रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
इंडियन डीपटेक स्टार्टअप ने पिछले कुछ सालों में तेजी से ग्रोथ की है. ग्रोथ का अंदाजा इनकी तेजी से बढ़ती संख्या से लगाया जा सकता है. लेकिन इस साल सेक्टर के लिए अच्छी के साथ एक खराब खबर भी सामने आई है. अच्छी खबर ये है कि 2023 में स्टार्टअप सेक्टर में ग्रोथ के आंकड़े चौंकाने वाले हैं तो वहीं दूसरी ओर डीपटेक स्टार्टअप के लिए फंडिंग का बहुत खराब विंटर रहा है. फंडिंग में बड़ी कमी देखने को मिली है.
कितनी हुई है ग्रोथ?
डीपटेक स्टार्टअप की ग्रोथ पर नजर डालें तो 2023 में 423 स्टार्टअप ने अपना सफर शुरू किया है. जबकि नैसकॉम के आंकड़े कह रहे हैं कि फंडिंग का विंटर इन स्टार्टअप के लिए काफी खराब रहा है. रिपोर्ट बता रही है कि इसके कारण उन्हें जिन चुनौतियों का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ रहा है उसमें स्केलिंग, टैलेंस एट्रेक्सन और रिटेंसन जैसी समस्याएं शामिल हैं. भारत में मौजूदा समय में कई हजार स्टार्टअप काम कर रहे हैं.
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इतनी बड़ी है इंडिया की डीपटेक स्टार्टअप इंडस्ट्री
भारत की डीपटेक इंडस्ट्री का हर बीतते साल के साथ आकार बढ़ता जा रहा है. इंडियन डीपटेक स्टार्टअप इंडस्ट्री ने पिछले 5 सालों में 10 बिलियन तक अपना टर्नओवर बढ़ा लिया है. अकेले 2023 में अगर इस इंडस्ट्री के रेवेन्यू पर नजर डालें तो वो 850 मिलियन तक जा पहुंचा है. जबकि अगर 2022 में इस बाजार के द्वारा जुटाई गई रकम पर नजर डालें तो 3.7 बिलियन रहा था. यानी 2023 में 2022 के मुकाबले 77 प्रतिशत की कमी देखने को मिली थी. 2023 में डील में लगभग 25 प्रतिशत तक की कमी देखने को मिली है.
आखिर कैसे सुधर सकती है स्थिति?
रिपोर्ट में इन परिस्थितियों को सुधारने की वजह के बारे में भी बताया गया है. रिपोर्ट कहती है कि अगर हमें इस स्थिति को बदलना है तो उसके लिए प्रारंभिक चरण में फंडिंग को बढ़ाना होगा, बिजनेस को आगे ले जाने के लिए सहायक बाजार स्थापित करने होंगे और इस दिशा में समग्र पहल करनी होगी. रिपोर्ट ये भी कह रही है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इस सेक्टर के संस्थापकों की पहली पसंद के रुप में उभरकर सामने आया है. 2023 में स्थापित 74 प्रतिशत डीपटेक स्टार्टअप एआई द्वारा संचालित थे. एआई भी निवेशकों का पसंदीदा था, 2023 में फंडिंग जुटाने वाले 86 प्रतिशत स्टार्टअप्स का फोकस एआई पर था.
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