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ब्लॉकचेन नवाचार की धुरी बना STPI का Apiary सेंटर, स्टार्टअप्स को मिल रहा नया आकाश
STPI का एपियरी सेंटर न केवल तकनीकी नवाचार का केंद्र बन चुका है, बल्कि यह भारत को विकेंद्रीकृत डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने में एक मजबूत आधारशिला की तरह कार्य कर रहा है.
रितु राणा 9 months ago
डिजिटल भारत की परिकल्पना अब सिर्फ कल्पना नहीं रही, बल्कि तेजी से साकार हो रही है, और इस बदलाव के केंद्र में है ब्लॉकचेन तकनीक. शासन से लेकर कृषि, शिक्षा से लेकर रियल एस्टेट तक हर क्षेत्र में यह तकनीक पारदर्शिता और सुरक्षा का नया मानदंड स्थापित कर रही है. इसी दिशा में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) ने गुरुग्राम स्थित एपियरी सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के जरिए ब्लॉकचेन आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने का अनूठा प्रयास किया है. भारत में इस तकनीक की संभावनाओं, सरकार की दूरदृष्टि और STPI की भूमिका को लेकर BW हिन्दी की सीनियर कॉरेस्पोंडेंट रितु राणा ने बातचीत की STPI के महानिदेशक अरविंद कुमार से, प्रस्तुत हैं इस बातचीत के मुख्य अंश-
प्रश्न 1: वर्तमान समय में ब्लॉकचेन तकनीक को लेकर वैश्विक और भारतीय परिप्रेक्ष्य में क्या बदलाव देखने को मिल रहे हैं?
उत्तर: आज जब हर चीज तेजी से डिजिटल हो रही है, डेटा और भरोसे की अहमियत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है. ब्लॉकचेन तकनीक अब सिर्फ क्रिप्टोकरेंसी तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह शासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेती और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी गहराई से प्रवेश कर चुकी है
प्रश्न 2: भारत सरकार इस दिशा में किस प्रकार की पहल कर रही है?
उत्तर: सरकार ने ब्लॉकचेन की ताकत को पहले ही समझ लिया था. डिजिटल इंडिया अभियान, राष्ट्रीय ब्लॉकचेन रणनीति और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कदम इसके उदाहरण हैं. सरकार की मंशा है कि ब्लॉकचेन को शासन और सेवाओं का आधार बनाया जाए जिससे पारदर्शी और समान सुविधाएं सुनिश्चित हो सकें
प्रश्न 3: क्या कोई आँकड़े हैं जो भारत में ब्लॉकचेन के बढ़ते भविष्य की ओर संकेत करते हैं?
उत्तर: हाँ, इंडिया ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी मार्केट फोरकास्ट 2030 की रिपोर्ट बताती है कि 2022 से 2030 के बीच यह सेक्टर 82.3% की अभूतपूर्व वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ बढ़ेगा. साथ ही, वैश्विक ब्लॉकचेन बाजार 2026 तक 67 बिलियन अमेरिकी डॉलर से भी अधिक का हो जाएगा
प्रश्न 4: इस दिशा में STPI की क्या भूमिका है?
उत्तर: STPI ने गुरुग्राम में एक विशेष केंद्र – एपियरी (APIARY) की स्थापना की है, जो भारत का पहला ब्लॉकचेन आधारित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप है. यह स्टार्टअप्स को न केवल तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षण देता है, बल्कि उन्हें बाजार तक पहुंच और नेटवर्किंग भी प्रदान करता है
प्रश्न 5: एपियरी में कौन-कौन सी प्रमुख तकनीकें और सुविधाएं उपलब्ध हैं?
उत्तर: एपियरी में हाइपरलेजर, इंटेल ब्लॉकचेन जैसे अत्याधुनिक तकनीकी टूल्स उपलब्ध हैं. इसके साथ ही, यह केंद्र 100 से अधिक स्टार्टअप्स को संसाधन, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देने के लिए तैयार किया गया है
प्रश्न 6: एपियरी से जुड़े कुछ प्रमुख स्टार्टअप्स के बारे में बताइए जो सामाजिक और आर्थिक बदलाव ला रहे हैं?
उत्तर: कई स्टार्टअप्स इस बदलाव में अग्रणी हैं, जैसे
- एमेरटेक: पारदर्शी सप्लाई चेन विकसित कर रहा है
- ग्रस एंड ग्रेड: किसानों की आय 40% तक बढ़ा रहा है
- क्रेडोर: अंतरराष्ट्रीय व्यापार को कागज़-रहित बना रहा है
- ब्रिकचेन: रियल एस्टेट में फ्रैक्शनल ओनरशिप की सुविधा दे रहा है
- सेंसऑरिजिनल टेक्नोलॉजीज: नकली सामान की समस्या से निपटने के लिए स्मार्ट टैग्स का उपयोग कर रहा है
प्रश्न 7: STPI शिक्षा क्षेत्र और छात्रों के साथ किस तरह से जुड़ रहा है?
उत्तर: STPI का पोलिन प्रोपेल प्री-इनक्यूबेशन प्रोग्राम कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर के छात्रों को ब्लॉकचेन स्टार्टअप्स शुरू करने के लिए प्रशिक्षित करता है. इसके तहत, स्टार्टअप्स जैसे वनवर्सिटी और Ticket'D शिक्षा व टिकटिंग जैसे क्षेत्रों में आधुनिक समाधान ला रहे हैं
प्रश्न 8: क्या एपियरी को कोई राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिली है?
उत्तर: जी हाँ, एपियरी को 2024 के इंडिया ब्लॉकचेन समिट और भारत ब्लॉकचेन यात्रा में “सर्वश्रेष्ठ ब्लॉकचेन इनक्यूबेटर” का खिताब मिला है
प्रश्न 9: क्या STPI की यह पहल भारत के डिजिटल भविष्य में योगदान दे सकती है?
उत्तर: बिल्कुल. STPI उभरती तकनीकों को अपनाने वाले स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि वे 1 ट्रिलियन डॉलर की विकेंद्रीकृत डिजिटल अर्थव्यवस्था का नेतृत्व कर सकें. हम नवाचार, पारदर्शिता और समान अवसर के साथ एक सुरक्षित डिजिटल भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं
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