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PNB Q4 रिपोर्ट: मुनाफा 14% उछला, निवेशकों के लिए ₹3 डिविडेंड का ऐलान

मार्च तिमाही में पीएनबी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.4 प्रतिशत बढ़कर 5,225 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी अवधि में बैंक ने 4,567 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. बैंक ने इस तिमाही में मुनाफे में ठोस बढ़त दर्ज की है, जबकि बैड लोन की स्थिति में भी सुधार देखने को मिला है. हालांकि, कुल आय में हल्की गिरावट रही. बैंक ने शेयरधारकों के लिए ₹3 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान भी किया है.

मुनाफे में 14% से ज्यादा की बढ़ोतरी

मार्च तिमाही में पीएनबी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.4 प्रतिशत बढ़कर 5,225 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी अवधि में बैंक ने 4,567 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था. बैंक के मुताबिक, इस बढ़त की प्रमुख वजह ब्याज से होने वाली आय में इजाफा रहा, जिसने कमाई को सहारा दिया.

कुल आय में हल्की गिरावट

जहां मुनाफा बढ़ा, वहीं बैंक की कुल आय में मामूली गिरावट दर्ज की गई. मार्च तिमाही में कुल आय घटकर 36,319 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल 36,705 करोड़ रुपये थी. यह संकेत देता है कि बैंक को अन्य आय स्रोतों में कुछ दबाव का सामना करना पड़ा.

ब्याज आय ने दिया सहारा

पीएनबी की ब्याज से कमाई में वृद्धि देखने को मिली. तिमाही के दौरान ब्याज आय बढ़कर 32,157 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 31,989 करोड़ रुपये थी. यह वृद्धि बैंक के कोर ऑपरेशंस की मजबूती को दर्शाती है.

बैड लोन में सुधार, एसेट क्वालिटी मजबूत

बैंक की एसेट क्वालिटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.

1. ग्रॉस NPA घटकर 2.95 प्रतिशत रहा (पहले 3.95 प्रतिशत)
2. नेट NPA घटकर 0.29 प्रतिशत रहा (पहले 0.4 प्रतिशत)

यह दिखाता है कि बैंक ने अपने खराब कर्ज यानी बैड लोन को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया है.

निवेशकों के लिए डिविडेंड का तोहफा

पीएनबी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹3 प्रति शेयर डिविडेंड देने की सिफारिश की है. हालांकि, अंतिम मंजूरी बैंक की वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की स्वीकृति के बाद ही मिलेगी.

तिमाही नतीजे बताते हैं कि PNB ने मुनाफे और एसेट क्वालिटी दोनों मोर्चों पर सुधार किया है. हालांकि, कुल आय में गिरावट एक ऐसा पहलू है जिस पर आगे नजर रखनी होगी. कुल मिलाकर, बैंक की परफॉर्मेंस स्थिरता और सुधार का संकेत देती है, जो निवेशकों के भरोसे को मजबूत कर सकती है.
 


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