✕

होम / साक्षात्कार / Inkapreneur: टेक और डेटा के जरिए स्टार्टअप फाउंडर्स के लिए आसान और भरोसेमंद बीमा समाधान

Inkapreneur: टेक और डेटा के जरिए स्टार्टअप फाउंडर्स के लिए आसान और भरोसेमंद बीमा समाधान

Inkapreneur पहल भारतीय स्टार्टअप और एमएसएमई फाउंडर्स के लिए वित्तीय सुरक्षा का एक नया मानक स्थापित करती है.

रितु राणा 11 months ago

भारत के स्टार्टअप और एमएसएमई इकोसिस्टम में उद्यमियों के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना हमेशा एक बड़ी चुनौती रहा है. इसी संदर्भ में Inka Insurance ने अपनी नई पहल ‘Inkapreneur’ लॉन्च की है. यह खास तौर पर स्टार्टअप फाउंडर्स और युवा उद्यमियों की अनियमित आय और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. BW हिन्दी की सीनियर कॉरेस्पोंडेंट रितु राणा ने इस पहल के संस्थापक वैभव कथजू से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने इस उत्पाद की प्रेरणा, चुनौतियाँ और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला है.

1. Inkapreneur जैसी बीमा पहल का विचार कैसे आया, और इसे खास तौर पर भारत के फाउंडर्स के लिए डिजाइन करने की प्रेरणा कहाँ से मिली?
उत्तर: बीमा उद्योग में 20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, मेरी पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना थी कि हम 'India@2047 तक सभी के लिए बीमा' के लक्ष्य में योगदान दें. भारत में SME और MSME सेक्टर में स्टार्टअप्स, फाउंडर्स और उद्यमियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. हालाँकि, ये साहसी फाउंडर्स टर्म इंश्योरेंस के लिए आवेदन करते समय सबसे बड़ी बाधा का सामना करते हैं. उनकी अनियमित और अक्सर गैर-रेखीय आय पैटर्न के कारण, बीमा कंपनियाँ या तो उन्हें कवर करने से इंकार कर देती हैं या कवर को गंभीर रूप से सीमित कर देती हैं.
Inkapreneur का विचार इसी महत्वपूर्ण अंतर को भरने की आवश्यकता से उत्पन्न हुआ. यह पहल हमारे देश के भविष्य के निर्माता उद्यमियों के लिए एक सरल, भरोसेमंद और विशेष वित्तीय सुरक्षा नेटवर्क बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

2. पारंपरिक बीमा कंपनियाँ जहाँ कड़े दस्तावेजों और आय के सबूत पर निर्भर रहती हैं, वहाँ Inkapreneur इस प्रक्रिया को कैसे सरल बनाता है?

उत्तर: बीमा कंपनियाँ अनियमित आय को जोखिम का संकेत मानती हैं. Inkapreneur (Inka Insurance और Bajaj Life का उत्पाद) इसे 'ट्रस्ट-बेस्ड, डेटा-ड्रिवन' अंडरराइटिंग मॉडल के माध्यम से हल करता है. सरलीकृत अंडरराइटिंग: हम केवल पारंपरिक दस्तावेजों पर निर्भर नहीं होते. इसके बजाय, हम वैकल्पिक डेटा पॉइंट्स का उपयोग करते हैं. हम समझते हैं कि फाउंडर का वेतन कम हो सकता है, लेकिन उनके व्यवसाय का मूल्यांकन और भविष्य की इक्विटी उच्च होती है. कवर राशि तय करने के लिए हम फाउंडर की इक्विटी वैल्यू और भविष्य की कमाई की संभावना को ध्यान में रखते हैं, सिर्फ वर्तमान आय के बजाय.

3. भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में यह उत्पाद किस तरह से बदलाव लाने वाला साबित होगा?
उत्तर: Inkapreneur तीन महत्वपूर्ण तरीकों से बदलाव लाएगा:

- वित्तीय सुरक्षा का लोकतंत्रीकरण: यह लाखों फाउंडर्स को वास्तविक वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है जो पहले उपेक्षित थे, जिससे वे बिना भय के जोखिम उठा सकते हैं.
- निवेशकों के लिए विश्वसनीयता: जब कोई फाउंडर पर्याप्त टर्म इंश्योरेंस कर लेता है, तो यह उनके व्यवसाय और परिवार के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाता है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ता है.
- उद्योग मानकों में बदलाव: यह पहल बीमा सेक्टर को फाउंडर्स और स्व-नियोजित पेशेवरों के जोखिम का आकलन करने के लिए वैकल्पिक डेटा और तकनीकी समाधानों के उपयोग के बारे में शिक्षित करेगी, पारंपरिक कठोर आय नियमों से आगे बढ़ते हुए.

4. इस पहल में Bajaj Life के साथ साझेदारी के दौरान सबसे बड़ी चुनौती और सबसे बड़ी सीख क्या रही?
उत्तर: सबसे बड़ी चुनौती: सबसे बड़ी चुनौती थी पारंपरिक अंडरराइटिंग टीमों को जोखिम की नई परिभाषा स्वीकार करने के लिए राज़ी करना. बीमा एक जोखिम-आधारित व्यवसाय है, और फाउंडर्स के लिए नए नियम बनाना, खासकर यह तय करना कि इक्विटी और फंडिंग को पारंपरिक आय के बराबर कैसे माना जाए, समय और प्रयास मांगता था. सबसे बड़ी सीख: सबसे बड़ी सीख यह थी कि जब आप एक मजबूत डेटा मॉडल लाते हैं जो एक वास्तविक और उपेक्षित मार्केट समस्या को हल करता है, तो बड़े, स्थापित पार्टनर (जैसे Bajaj Life) भी बदलाव को अपनाने के लिए तैयार रहते हैं. यह साझेदारी साबित करती है कि तकनीक और विशेषज्ञता पुराने उद्योग मानकों को बदल सकती हैं.

5. क्या भविष्य में Inka ऐसे और प्रोडक्ट लाने की योजना बना रहा है जो खास तौर पर युवा उद्यमियों और फाउंडर्स की वित्तीय जरूरतों पर केंद्रित हों?
उत्तर: बिलकुल, हाँ. Inka की योजना केवल टर्म इंश्योरेंस तक सीमित नहीं है. हम सक्रिय रूप से और भी उत्पाद लॉन्च करने पर काम कर रहे हैं, जो युवा उद्यमियों और उच्च वित्तीय व्यवहार वाले लोगों की विशेष वित्तीय जरूरतों के लिए डिजाइन किए जाएंगे.

6. आपके अनुसार आने वाले वर्षों में बीमा और उद्यमिता के बीच भरोसे का यह नया मॉडल किस दिशा में जाएगा?
उत्तर: हम 'वन-साइज़-फिट्स-ऑल' पॉलिसी के युग को पीछे छोड़ रहे हैं. भविष्य हाइपर-पर्सनलाइज्ड रिस्क असेसमेंट से संचालित होगा. बीमा कंपनियाँ कठोर आय दस्तावेजों से आगे बढ़ेंगी और वास्तविक समय डेटा, व्यवसाय वृद्धि मेट्रिक्स और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स का उपयोग करेंगी. इससे कस्टमाइज्ड सुरक्षा संभव होगी, जहां कवर और प्रीमियम डायनेमिक होंगे, और फाउंडर की वास्तविक वित्तीय इकोसिस्टम और संभावनाओं को दर्शाएंगे, सिर्फ वर्तमान वेतन नहीं. जोखिम को केवल देयता से नहीं, बल्कि गति और संभावनाओं से मापा जाएगा. मेरा मानना है कि यह बीमा उद्योग में एक नया पैटर्न स्थापित करेगा.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

दूसरों का ख्याल रखने से पहले खुद का रखें ध्यान, क्यों जरूरी है आत्म-देखभाल?

BW Businessworld के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ तथा exchange4Media के संस्थापक डॉ. अनुराग बत्रा ने लेखिका, प्रमाणित मेटाफिजिशियन, माइंडसेट कोच, सामाजिक उद्यमी और Maheshwari Foundation की संस्थापक संगीता माहेश्वरी के साथ विचारोत्तेजक बातचीत की. 

15-October-2026

AI के दौर में नाम रखने का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है: दर्पण मुंजाल

Atom.com के संस्थापक और सीईओ ने नाम रखने की रणनीति, प्रीमियम डोमेन और ब्रांड की खोज के भविष्य पर BW Businessworld के साथ विस्तार से चर्चा की.

14-October-2026

स्मार्ट कारोबार बाजार में बदलाव से पहले तैयारी करते हैं: राजीव दुबे

BW Marketing World के साथ बातचीत में American Business Solutions Inc. के President और CEO ने नए बाजारों की पहचान करने, कारोबारी चक्रों का अनुमान लगाने और उन क्षेत्रों में निवेश करने के बारे में बात की, जहां तकनीक मानवीय विशेषज्ञता की पूरक है.

27-September-2026

महिला सुरक्षा से आर्थिक सशक्तिकरण तक, लता गुप्ता ने बताया दिल्ली महिला आयोग का पूरा रोडमैप

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि आयोग का फोकस केवल शिकायतों के निपटारे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं तक सीधे पहुंच बनाने, उन्हें कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने, घरेलू हिंसा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसी समस्याओं से निपटने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी रहेगा.

25-August-2026

नेतृत्व में बदलाव: पराग साहनी कैसे THE Park New Delhi को दे रहे हैं नई दिशा

THE Park New Delhi के जनरल मैनेजर पराग साहनी ने रुहैल अमीन से 226 कमरों वाली संपत्ति के कायाकल्प और Tyde को स्वतंत्र भोजन स्थल के रूप में विकसित करने को लेकर बातचीत की.

25-August-2026


बड़ी खबरें

मार्च 2027 तक 6.75-7% तक आ सकती है 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड: SBI रिसर्च

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अगर RBI रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 6 फीसदी तक पहुंचा देता है, तब भी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6.75 से 7 फीसदी के दायरे में रह सकती है.

48 minutes ago

AAAI ने बनाई मीडिया काउंसिल, WPP, ओमनीकॉम, पब्लिसिस, हवास और मैडिसन के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल

भारतीय विज्ञापन एजेंसियों का संगठन AAAI मीडिया इंडस्ट्री के सामने उभरती चुनौतियों पर चर्चा और आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए नई मीडिया काउंसिल बनाएगा. ओमनीकॉम मीडिया के कार्तिक शर्मा को काउंसिल का अध्यक्ष बनाया गया है.

12 minutes ago

IDBI को खरीदने के लिए IDBI की पूंजी का इस्तेमाल करेगी फेयरफैक्स?

फेयरफैक्स, IDBI बैंक का नियंत्रण हासिल करने के लिए 52,878 करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा है. लेकिन इसके चेयरमैन प्रेम वत्सा ने निवेशकों से कहा है कि IDBI खुद फेयरफैक्स के बीमा और वित्तीय सेवा कारोबार को खरीदने के लिए नकद भुगतान करेगा. फेयरफैक्स ने इस रकम को उन स्रोतों में भी शामिल किया है, जिनसे वह अधिग्रहण के लिए भुगतान करेगी.

28 minutes ago

REI एक्सपो में बायोगैस और CBG सेक्टर के लिए 3,200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव, नई तकनीकों पर रहा जोर

22 से 24 अक्टूबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर में आयोजित इस प्रदर्शनी में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, निवेशकों और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया.

1 hour ago

भारत का कच्चे तेल का आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, अक्टूबर में हर दिन खरीदे 56 लाख बैरल

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों ने बढ़ाई खरीदारी, रूस से करीब 20 लाख और पश्चिम एशिया से 23 लाख बैरल प्रतिदिन हुआ आयात

3 hours ago