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ICAI अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा से खास बातचीत : कैसे AI और ESG बदल रहे हैं चार्टर्ड अकाउंटेंसी का भविष्य

इस विशेष बातचीत में CA चरणजोत सिंह नंदा ने बताया है कि ESG रिपोर्टिंग, कॉरपोरेट गवर्नेंस और वैश्विक व्यापार परिवर्तनों जैसे क्षेत्रों में भी भारतीय CA की भूमिका लगातार बढ़ रही है.

रितु राणा 10 months ago

भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) के 73वें अध्यक्ष सीए चरणजोत सिंह नंदा ने BW हिन्दी की सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट रितु राणा के साथ एक विशेष संवाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन, कॉरपोरेट गवर्नेंस, ईएसजी रिपोर्टिंग एवं वैश्विक टैरिफ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार साझा किए. इस बातचीत में उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंसी के पेशे में हो रहे तकनीकी बदलावों, चुनौतियों तथा अवसरों पर अपनी दृष्टि प्रस्तुत की है. तो प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत के कुछ प्रमुख अंश-

प्रश्न 1: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन जैसी नई तकनीकों के तेजी से बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, आप चार्टर्ड अकाउंटेंसी पेशे के भविष्य को किस तरह बदलते हुए देखते हैं? और ICAI इस बदलाव के लिए अपने सदस्यों को कैसे तैयार कर रहा है?  

चरणजोत सिंह नंदा: टेक्नोलॉजी में 81% इंटरनेशनल इनिशिएटिव भारत में जन्म लेते हैं. चाहे आर्टिफिशियल बिजनेस हो, डेटा एनालिटिक्स, ब्लॉकचेन, साइबर सिक्योरिटी ऑडिट्स या इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑडिट्स – इन सभी क्षेत्रों में भारतीय सीए अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं.

AI हमारे लिए एक "फेथफुल सर्वेंट" की तरह है, जो अकाउंटिंग, रिकन्सिलिएशन और डेटा एनालिसिस जैसे monotonous कामों को तेजी और सटीकता से पूरा करता है. इसी दिशा में ICAI ने 1 जुलाई 2024 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सर्टिफिकेशन कोर्स शुरू किया, जिसे अब तक 27,000 से अधिक लोग पूरा कर चुके हैं. सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि हमने यह कोर्स कुवैत में भी आयोजित किया. हमारा लक्ष्य भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को तकनीकी रूप से इतना सबल बनाना है कि वे अपने क्लाइंट्स, रेगुलेटर्स और सरकार को बेहतर सेवाएं दे सकें.
 
प्रश्न 2: कंपनियों में कॉरपोरेट गवर्नेंस और ईएसजी रिपोर्टिंग (पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस मानक) की जरूरत क्यों बढ़ रही है? इस क्षेत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए कौन से मौके और चुनौतियाँ हैं?

चरणजोत सिंह नंदा: कॉरपोरेट गवर्नेंस लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन ईएसजी रिपोर्टिंग हाल का एक बड़ा फिनॉमिना है. 2020 में ICAI ने सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड्स बोर्ड (SRSB) बनाया, ताकि नॉन-फाइनेंशियल डिस्क्लोजर और ईएसजी फ्रेमवर्क को संस्थागत रूप दिया जा सके.

हमने SSAE 3000 स्टैंडर्ड पेश किया, जो दुनिया का पहला एश्योरेंस स्टैंडर्ड है. इसके अलावा, 16 सोशल ऑडिट स्टैंडर्ड भी जारी किए गए. यह ICAI की प्रतिबद्धता को दिखाता है कि भारतीय सीए ईएसजी रिपोर्टिंग के लीडर्स बनें.

लेकिन इस क्षेत्र में अभी कई चुनौतियाँ भी हैं. अभी तक इस क्षेत्र में ज्ञान की कमी है और जागरूकता का स्तर कम है. साथ ही, कंपनियों को प्रदूषण की भरपाई और सस्टेनेबिलिटी मैज्योरिटी मॉडल अपनाने की जरूरत है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए अवसर इस क्षेत्र में एश्योरेंस, रिस्क मैनेजमेंट और रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क्स के साथ ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को अलाइन करने में हैं. यही आगे का सबसे बड़ा काम है.
 
प्रश्न 3: हाल ही में आप ICAI लखनऊ चैप्टर की नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे, जहां आपने कहा कि अमेरिकी टैरिफ भारत की प्रगति में बाधा नहीं बनेंगे. ऐसे में ICAI इन चुनौतियों से निपटने के लिए क्या रणनीति बना रहा है? 

चरणजोत सिंह नंदा: हम सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने 40 देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं  इन समझौतों में सीए की अहम भूमिका है.

MSME सेक्टर को हम विशेष प्रशिक्षण देकर मजबूत बना रहे हैं, ताकि वे देश को आगे ले जा सकें. ICAI इस बात को सुनिश्चित करेगा कि अमेरिकी टैरिफ से भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर को नुकसान न हो,. जो भी नुकसान होगा, उसे हम अन्य देशों के साथ व्यापार बढ़ाकर पूरा करेंगे. भारतीय सीए हर कदम पर सरकार और उद्योग जगत के साथ खड़े रहेंगे.

निष्कर्ष
इस इंटरव्यू से साफ है कि भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स नई तकनीकों और बदलते वैश्विक परिदृश्य के साथ तेजी से खुद को ढाल रहे हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन जहां उनके काम को अधिक प्रभावी बना रहे हैं, वहीं ईएसजी रिपोर्टिंग और ग्लोबल टैरिफ जैसे नए मुद्दों पर भी उनकी भूमिका अहम है. ICAI के नेतृत्व में भारतीय सीए न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं.
 


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