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अब हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर नहीं होगा विवाद, सरकार ला रही है नया पोर्टल

इस पोर्टल के आने के बाद सभी तरह के हॉस्पिटल के क्‍लेम आसानी से सेटल हो सकेंगे. इस पोर्टल में सरकारी और निजी अस्‍पताल दोनों ही शामिल होंगे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

केन्‍द्र सरकार का स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय अब अस्‍पतालों में अक्‍सर विवाद का कारण बनने वाले हेल्‍थ इंश्‍योरेंस को लेकर एक नया पोर्टल लेकर आ रहा है. इस पोर्टल के आने के बाद सभी तरह के हॉस्पिटल के क्‍लेम आसानी से सेटल हो सकेंगे. इस पोर्टल में सरकारी और निजी अस्‍पताल दोनों ही शामिल होंगे. सरकार का मक़सद है कि ट्रांसपेरेंट तरीके से आम आदमी को हेल्‍थ इंश्‍योरेंस का लाभ मिल पाए.

कई इंश्‍योरेंस कंपनियों तक एक ही पोर्टल से पहुंचेंगे अस्‍पताल

केन्‍द्र सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के इस पोर्टल को सरकार ने नेशनल हेल्‍थ क्‍लेम एक्‍सचेंज पोर्टल नाम दिया है. इस‍ सिंगल पोर्टल के जरिए अब अस्‍पताल आसानी से सभी इंश्‍योरेंस कंपनियों तक पहुंच सकेंगें. इस पोर्टल के जरिए आसानी से विवाद को भी सुलझाया जा सकेगा और ये समय और कीमत को भी कम करेगा. इस पोर्टल के जरिए क्‍लेम का सारा सिस्‍टम ट्रांसपेरेंट हो जायेगा. सोमवार को केन्‍द्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने इस सिस्‍टम की जानकारी ट्वीट करके दी. जिसमें उन्‍होंने इसकी डिटेल शेयर की.

डिजिटल तरीके से होगा सारा काम

इस पोर्टल पर सभी तरह के क्‍लेम को ट्रैक किया जा सकेगा. जिससे अस्‍तपाल, मरीज और कंपनी तीनों लोगों को अपने क्‍लेम सेटलमेंट की जानकारी मिल पाएगी. इससे जब पूरा हेल्‍थ सेक्‍टर जुड़ जाएगा तब जानकारियां स्‍ट्रीम लाइन हो जाएंगी,  जिससे कंपनियों से लेकर आम आदमी को जल्‍दी से जल्‍दी क्‍लेम मिल जाएगा.

हेल्‍थ सिस्‍टम बनेगा डिजिटल

इस पूरे सिस्‍टम से सिर्फ क्‍लेम ही आसानी से सेटल नहीं होगा,  सभी मरीजों का एक डिजिटल डाटा भी एड हो सकेगा. जिससे आगे चलकर सभी मरीजों की जानकारी पूरी तरह से ऑनलाइन हो जाएगी. सरकार वैसे भी देश में सभी मरीजों के डेटा को डिजिटाइज करने की तैयारी कर रही है.जिससे सभी को आसानी हो.

क्‍या है मौजूदा सिस्‍टम

मौजूदा समय में अस्‍पतालों को अलग-अलग इंश्‍योरेंस कंपनी को संपर्क साधने के लिए एक अलग तरह के सिस्‍टम को फॉलो करना पड़ता है.लेकिन इस सिस्‍टम के शुरू होने के बाद सभी अस्‍पतालों के लिए बड़ी आसानी हो जाएगी.जहां आम आदमी को आसानी से क्‍लेम मिल पाएगा. वहीं अस्‍पताल को भी ज्‍यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

 


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