✕

होम / BW HealthCare / अपोलो हॉस्पिटल्स की नई पहल: अब सातों दिन मिलेंगी रूटीन और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर सेवाएं

अपोलो हॉस्पिटल्स की नई पहल: अब सातों दिन मिलेंगी रूटीन और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर सेवाएं

‘ऑलवेज ओपन, ऑलवेज हियर’ अभियान के तहत रविवार को भी कंसल्टेशन, डायग्नोस्टिक्स, हेल्थ चेकअप और फॉलो-अप सेवाएं उपलब्ध होंगी

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

अपोलो हॉस्पिटल्स ने हेल्थकेयर सेवाओं को लोगों की सुविधा के अनुरूप सातों दिन उपलब्ध कराने के लिए ‘ऑलवेज ओपन, ऑलवेज हियर’ अभियान लॉन्च किया है. इस पहल के तहत अब रविवार को भी मरीजों को आउटपेशेंट कंसल्टेशन, डायग्नोस्टिक्स, प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप, फॉलो-अप कंसल्टेशन और पहले से निर्धारित प्रक्रियाओं की सुविधा मिल सकेगी. कंपनी के मुताबिक, इसका उद्देश्य व्यस्त कामकाजी लोगों और परिवारों के लिए समय की बाधा को कम करना और लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है.

इमरजेंसी सेवाएं पहले से 24 घंटे उपलब्ध

अपोलो हॉस्पिटल्स की इमरजेंसी, क्रिटिकल केयर और इनपेशेंट सेवाएं पहले से ही 24 घंटे और सातों दिन उपलब्ध हैं. नई पहल के जरिए अब रूटीन और योजनाबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं को भी रविवार तक विस्तारित किया गया है.

इसका मतलब है कि मरीजों को स्पेशियलिस्ट से परामर्श, स्वास्थ्य जांच, डायग्नोस्टिक टेस्ट या फॉलो-अप के लिए सोमवार का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. हालांकि, सेवाओं की उपलब्धता संबंधित अस्पताल के शेड्यूल के अनुसार होगी.

कामकाजी लोगों के लिए आसान होगा हेल्थ चेकअप

अपोलो के मुताबिक, व्यस्त कार्यदिवस, पारिवारिक जिम्मेदारियां और अन्य दायित्व अक्सर लोगों को डॉक्टर से परामर्श, टेस्ट और हेल्थ चेकअप टालने के लिए मजबूर करते हैं. रविवार को भी सेवाएं उपलब्ध होने से वर्किंग प्रोफेशनल्स बिना वीकडे में छुट्टी लिए अपना हेल्थ चेकअप करा सकेंगे.

वहीं, बुजुर्गों के लिए डायग्नोस्टिक टेस्ट और अन्य निर्धारित सेवाएं रविवार को भी उपलब्ध होने से सुविधा बढ़ेगी. फॉलो-अप के लिए भी मरीजों को अगले कार्यदिवस तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

बिना लक्षण वाली बीमारियों की बढ़ती चुनौती

अपोलो की ‘हेल्थ ऑफ द नेशन 2026’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में मोटापा, हाइपरटेंशन, डायबिटीज और मेटाबोलिक डिसऑर्डर जैसी जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं का बोझ बढ़ रहा है. कंपनी के अनुसार, अपोलो इकोसिस्टम में 25 लाख से अधिक लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए, जिनमें लोगों में बीमारी के स्पष्ट लक्षण नहीं थे.

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 26 फीसदी लोगों में हाइपरटेंशन और 23 फीसदी में डायबिटीज पाई गई. अपोलो का कहना है कि इन आंकड़ों से पता चलता है कि केवल लक्षण सामने आने के बाद इलाज कराने वाला हेल्थकेयर मॉडल पर्याप्त नहीं है और नियमित स्क्रीनिंग व समय पर रोकथाम पर अधिक जोर देने की जरूरत है.

'समय पर परामर्श से बदल सकती है जिंदगी'

अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन डॉ. प्रताप सी. रेड्डी ने कहा कि चार दशक से अधिक समय से अपोलो का मानना रहा है कि हेल्थकेयर का उद्देश्य सिर्फ बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि उसकी रोकथाम और स्वास्थ्य की रक्षा करना भी है.

उन्होंने कहा कि ‘ऑलवेज ओपन, ऑलवेज हियर’ इसी सोच को आगे बढ़ाने वाली पहल है. इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर के लिए अपोलो हमेशा उपलब्ध रहा है और अब रूटीन तथा प्रिवेंटिव केयर भी सातों दिन उपलब्ध कराई जा रही है.

हेल्थकेयर में बदलाव की परंपरा का विस्तार

अपोलो के मुताबिक, संस्थान ने 1983 से भारतीय हेल्थकेयर क्षेत्र में कई नई पहल की हैं. कंपनी ने कार्डियक केयर, कैंसर उपचार, प्रिवेंटिव हेल्थ चेक और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसे क्षेत्रों में अपनी सेवाओं का विस्तार किया है.

कंपनी के अनुसार, उसके मास्टर हेल्थ चेक कार्यक्रम से अब तक 3 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिला है. इसके अलावा Apollo ProHealth एआई आधारित रिस्क प्रेडिक्शन और एनालिसिस के जरिए स्वास्थ्य जोखिमों की शुरुआती पहचान में मदद करता है.

'लोगों की सुविधा के समय पर मिलनी चाहिए मेडिकल केयर'

अपोलो हॉस्पिटल्स की एग्जिक्यूटिव वाइस चेयरमैन डॉ. प्रीथा रेड्डी ने कहा कि मेडिकल केयर लोगों को उनके लिए सुविधाजनक समय पर उपलब्ध होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वर्किंग प्रोफेशनल्स, केयरगिवर्स और परिवारों पर कई जिम्मेदारियां होती हैं. ऐसे में रविवार को डॉक्टर का परामर्श, हेल्थ चेकअप और फॉलो-अप केयर उपलब्ध होने से उनके लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी.

मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर से संचालित होंगी सेवाएं

‘ऑलवेज ओपन, ऑलवेज हियर’ अभियान को अपोलो के मौजूदा क्लिनिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए लागू किया जाएगा. इसमें डॉक्टर, डायग्नोस्टिक सुविधाएं, ऑपरेटिंग थिएटर और कोऑर्डिनेटेड केयर टीमें शामिल होंगी.

कंपनी का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य रविवार को भी व्यवस्थित, सुविधाजनक और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. इसके जरिए अपोलो समय पर इलाज, शुरुआती पहचान और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रहा है.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

भारत में पहली बार WCOG, 61 देशों के 3,000 विशेषज्ञ जुटे; एआई और मेडिकल टेक्नोलॉजी पर मंथन

WCOG के उद्घाटन पर जेपी नड्डा बोले- पाचन और लिवर संबंधी बीमारियों से निपटने के लिए इलाज के साथ रोकथाम और शुरुआती जांच पर जोर जरूरी

1 week ago

दिल्ली में 120 लोगों की हुई हृदय संबंधी जांच, विशेषज्ञों ने समय रहते जोखिम पहचानने पर दिया जोर

विश्व हृदय दिवस के अवसर पर आयोजित इस कैंप में क्लीनिकल जांच, लैब टेस्ट और कार्डियक इमेजिंग को एक साथ शामिल किया गया. इसका उद्देश्य लोगों को हृदय रोग के जोखिम के बारे में जागरूक करना और गंभीर हृदय संबंधी घटना से पहले बीमारी की पहचान तथा रोकथाम पर जोर देना था.

28-September-2026

भारत में बढ़ रहा अल्जाइमर का खतरा, 2036 तक दोगुने हो सकते हैं डिमेंशिया के मरीज

शुरुआती लक्षणों को उम्र बढ़ने का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, विशेषज्ञों ने समय पर जांच और डॉक्टर से सलाह लेने की दी सलाह

22-September-2026

IMA और Abbott ने शुरू किया इंडियन इम्यूनाइजेशन वीक, फ्लू वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर

इस अभियान के तहत स्वास्थ्य पेशेवरों को टीका लगाने से जुड़े व्यावहारिक दिशा-निर्देश भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इनमें खास तौर पर यह जानकारी शामिल है कि बुखार या किसी बीमारी से ठीक होने के दौरान या उसके बाद टीकाकरण कब कराया जा सकता है.

22-September-2026

फैटी लिवर से आंतों के कैंसर तक बढ़ा खतरा, भारत में पहली बार होगी विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कॉंग्रेस

फैटी लिवर से लेकर कोलोरेक्टल कैंसर तक बढ़ रही चुनौती, 30 सितंबर से नई दिल्ली में होगी विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कॉंग्रेस

02-September-2026


बड़ी खबरें

ईंधन महंगा, खाद्य वस्तुओं पर दबाव; चार साल बाद थोक महंगाई 11% के पार

सितंबर के थोक महंगाई के आंकड़े संशोधित सूचकांक सीरीज के तहत जारी किए गए हैं. इस सीरीज में 2022-23 को आधार वर्ष बनाया गया है, ताकि अर्थव्यवस्था में हो रहे बदलावों को बेहतर तरीके से शामिल किया जा सके.

16 hours ago

YAAP Digital में नेतृत्व परिवर्तन, अंजन रॉय बने चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO

राज नायक ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों से दिया इस्तीफा, कंपनी ने तत्काल प्रभाव से अंजन रॉय को सौंपी जिम्मेदारी

15 hours ago

IDBI बैंक पर Fairfax का होगा नियंत्रण, ₹52,878 करोड़ की डील को कैबिनेट की हरी झंडी

प्रस्तावित शर्तों के मुताबिक, IDBI बैंक की हिस्सेदारी बिक्री का सौदा मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है. हालांकि, इसकी अंतिम प्रक्रिया संबंधित मंजूरियों और नियामकीय आवश्यकताओं पर निर्भर करेगी.

9 hours ago

केनरा बैंक का मुनाफा 8.4% बढ़कर ₹5,175 करोड़, शेयर में तेजी

बैंक की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, सितंबर तिमाही में कुल आय सालाना आधार पर 6.04% बढ़कर ₹40,931 करोड़ हो गई.

15 hours ago

बॉम्बे रेयॉन: प्रमोटर परिवार का समानांतर साम्राज्य

बॉम्बे रेयॉन पर ₹7,358 करोड़ का सार्वजनिक धन बकाया रहते हुए कंपनी का अंत हो गया. तारापुर में एक समानांतर कपड़ा साम्राज्य अब भी चल रहा है. क्या बॉम्बे रेयॉन के कर्जदाताओं, परिसमापक और जांच एजेंसियों को इसकी जानकारी है?

18 hours ago