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IDBI बैंक पर Fairfax का होगा नियंत्रण, ₹52,878 करोड़ की डील को कैबिनेट की हरी झंडी
प्रस्तावित शर्तों के मुताबिक, IDBI बैंक की हिस्सेदारी बिक्री का सौदा मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है. हालांकि, इसकी अंतिम प्रक्रिया संबंधित मंजूरियों और नियामकीय आवश्यकताओं पर निर्भर करेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
केंद्र सरकार ने IDBI बैंक के निजीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को बैंक की 60.72 फीसदी हिस्सेदारी Fairfax Financial Holdings को 52,878.08 करोड़ रुपये में बेचने की मंजूरी दे दी. इस सौदे के तहत केंद्र सरकार अपनी 30.48 फीसदी और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अपनी 30.24 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगा. Fairfax ने प्रति शेयर 81 रुपये की बोली लगाई है, जो स्वतंत्र मूल्यांकन के आधार पर तय 75.99 रुपये के मानक मूल्य से अधिक है.
सरकार और LIC के पास कितनी हिस्सेदारी बचेगी?
इस सौदे के पूरा होने के बाद केंद्र सरकार के पास IDBI बैंक की 15 फीसदी हिस्सेदारी बनी रहेगी, जबकि LIC के पास 19 फीसदी हिस्सेदारी होगी. इस तरह दोनों की संयुक्त हिस्सेदारी घटकर 34 फीसदी रह जाएगी. बिक्री प्रक्रिया से पहले सरकार और LIC के पास बैंक की कुल 94.71 फीसदी हिस्सेदारी थी.
इस सौदे के जरिए Fairfax को बैंक का बहुमत स्वामित्व हासिल होगा, जबकि सरकार और LIC की इसमें अल्पमत हिस्सेदारी बनी रहेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस लेनदेन को रणनीतिक विनिवेश के बजाय रणनीतिक पुनर्गठन बताया है.
2022 में शुरू हुई थी बिक्री प्रक्रिया
IDBI बैंक की हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया वर्ष 2022 में शुरू हुई थी. हालांकि, शुरुआती बोलियां तय आरक्षित मूल्य पर खरी नहीं उतरने के कारण इस प्रक्रिया में देरी हुई. बाद में सरकार ने बिक्री प्रक्रिया को दोबारा आगे बढ़ाया. जुलाई 2026 में Fairfax और Emirates NBD ने संशोधित बोलियां जमा की थीं. इनमें Fairfax सफल बोलीदाता के रूप में उभरी.
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब यह सौदा पूरा होने की दिशा में आगे बढ़ेगा. इसके लिए बाकी प्रक्रियागत और नियामकीय औपचारिकताओं को पूरा करना होगा.
मार्च 2027 तक पूरा हो सकता है सौदा
प्रस्तावित शर्तों के मुताबिक, IDBI बैंक की हिस्सेदारी बिक्री का सौदा मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है. हालांकि, इसकी अंतिम प्रक्रिया संबंधित मंजूरियों और नियामकीय आवश्यकताओं पर निर्भर करेगी.
रिपोर्ट्स के अनुसार, Fairfax को सौदे की शर्तों के तहत कम से कम तीन साल तक IDBI बैंक का नाम बनाए रखना होगा. यह लेनदेन भारत के वित्तीय क्षेत्र में होने वाली बड़ी रणनीतिक हिस्सेदारी बिक्री में से एक है.
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