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केनरा बैंक का मुनाफा 8.4% बढ़कर ₹5,175 करोड़, शेयर में तेजी
बैंक की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, सितंबर तिमाही में कुल आय सालाना आधार पर 6.04% बढ़कर ₹40,931 करोड़ हो गई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
केनरा बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है. सितंबर तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 8.40% बढ़कर ₹5,175 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹4,774 करोड़ था. बैंक की शुद्ध ब्याज आय में भी 20% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई. बेहतर नतीजों के बीच शेयर बाजार में केनरा बैंक के शेयर इंट्राडे कारोबार के दौरान 5% से अधिक चढ़ गए.
बैंक की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, सितंबर तिमाही में कुल आय सालाना आधार पर 6.04% बढ़कर ₹40,931 करोड़ हो गई. पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक ने ₹38,598 करोड़ की कुल आय दर्ज की थी. वहीं, शुद्ध ब्याज आय (NII) 20.39% बढ़कर ₹11,005 करोड़ पहुंच गई, जो एक साल पहले ₹9,141 करोड़ थी.
बैंक का वैश्विक कारोबार भी मजबूत हुआ है. सितंबर 2026 के अंत तक कुल वैश्विक कारोबार 15.88% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹30.72 लाख करोड़ हो गया. इसमें वैश्विक जमा ₹16.97 लाख करोड़ और वैश्विक कर्ज ₹13.75 लाख करोड़ रहा.
खराब कर्ज में आई कमी
केनरा बैंक के एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी सुधार देखने को मिला. सितंबर 2026 में बैंक का ग्रॉस एनपीए अनुपात घटकर 1.33% रह गया, जबकि जून 2026 में यह 1.57% और सितंबर 2025 में 2.35% था. इसी तरह, नेट एनपीए अनुपात एक साल पहले के 0.54% से घटकर 0.30% पर आ गया.
बैंक का ग्रॉस एनपीए सितंबर तिमाही में ₹18,299 करोड़ रहा, जो जून तिमाही में ₹20,354 करोड़ और पिछले साल की समान अवधि में ₹27,040 करोड़ था. हालांकि, खराब कर्ज में आई पूरी कमी को नकद वसूली नहीं माना जा सकता. इसमें ₹719 करोड़ की नकद वसूली, ₹452 करोड़ के खातों का दोबारा सामान्य होना और ₹2,800 करोड़ के कर्ज को बट्टे खाते में डालना भी शामिल है.
तिमाही के दौरान ₹1,844 करोड़ के नए कर्ज खराब कर्ज की श्रेणी में आए. जून तिमाही में यह आंकड़ा ₹1,781 करोड़ था. वहीं, प्रोविजन कवरेज रेश्यो बढ़कर 95.34% हो गया, जो पिछले साल सितंबर में 93.59% था.
कर्ज और जमा में कितनी बढ़ोतरी?
बैंक के वैश्विक कर्ज में सालाना आधार पर 19.46% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹13.75 लाख करोड़ पर पहुंच गया. दूसरी ओर, वैश्विक जमा 13.13% बढ़कर ₹16.97 लाख करोड़ हो गई. इससे स्पष्ट है कि बैंक के कर्ज में बढ़ोतरी जमा की तुलना में तेज रही.
खुदरा कर्ज में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली. यह सालाना आधार पर 31.61% बढ़कर ₹3.31 लाख करोड़ हो गया. आवास कर्ज 17.35% बढ़कर ₹1.35 लाख करोड़ और वाहन कर्ज 25.50% बढ़कर ₹29,326 करोड़ पर पहुंच गया. छोटे एवं मझोले कारोबारों को दिया गया कर्ज 15.49% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ रहा, जबकि कृषि और संबंधित क्षेत्रों का कर्ज 14.26% बढ़कर ₹3.04 लाख करोड़ हो गया.
कर्ज की तेज वृद्धि के बीच बैंक का वैश्विक क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात बढ़कर 81.01% हो गया. जून तिमाही में यह 80.25% और पिछले साल सितंबर में 76.72% था.
शुद्ध ब्याज मार्जिन में भी सुधार
सितंबर तिमाही में बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) बढ़कर 2.55% हो गया. जून तिमाही में यह 2.52% और पिछले वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में 2.50% था. शुद्ध ब्याज मार्जिन बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई और ब्याज पर किए जाने वाले खर्च के बीच के अंतर को दर्शाता है.
हालांकि, कम लागत वाली जमा के मोर्चे पर बैंक को अभी और सुधार करना है. घरेलू चालू और बचत खातों की जमा (CASA) सालाना आधार पर 4.85% बढ़कर ₹4,48,889 करोड़ हो गई. घरेलू जमा में इसकी हिस्सेदारी 29% रही, जबकि बैंक ने मार्च 2027 तक इसे 30-32% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.
गैर-ब्याज आय में गिरावट
कुछ मोर्चों पर बैंक का प्रदर्शन कमजोर भी रहा. गैर-ब्याज आय सालाना आधार पर 18.17% घटकर ₹5,772 करोड़ रह गई. ट्रेजरी आय में 68.48% की गिरावट आई और यह ₹499 करोड़ रही. निवेश बेचने से होने वाला मुनाफा भी पिछले साल के ₹1,217 करोड़ से घटकर ₹153 करोड़ रह गया.
वहीं, शुल्क आधारित आय 6.54% बढ़कर ₹2,755 करोड़ पहुंच गई. कुल प्रावधान और कर संबंधी मदों का आंकड़ा सालाना आधार पर 6.06% घटकर ₹3,583 करोड़ रहा.
पूंजी की स्थिति मजबूत, पूरे साल के लक्ष्य से आगे कारोबार
सितंबर 2026 में बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 17.19% रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 16.20% था. मुख्य इक्विटी पूंजी अनुपात 12.80% दर्ज किया गया.
बैंक का वैश्विक कारोबार, कर्ज और जमा में वृद्धि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तय लक्ष्यों से आगे चल रही है. मार्च 2027 तक वैश्विक कारोबार में 10-11%, वैश्विक कर्ज में 11-12% और वैश्विक जमा में 9-10% वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है. सितंबर तक इनकी सालाना वृद्धि दर क्रमशः 15.88%, 19.46% और 13.13% रही.
खराब कर्ज के मामले में भी बैंक की स्थिति तय लक्ष्यों से बेहतर है. मार्च 2027 तक ग्रॉस एनपीए 1.50%, नेट एनपीए 0.40% और क्रेडिट कॉस्ट 0.75% तक रखने का लक्ष्य है. सितंबर तिमाही में ये आंकड़े क्रमशः 1.33%, 0.30% और 0.47% रहे.
नतीजों के बाद शेयर में तेजी
केनरा बैंक के तिमाही नतीजों के बाद शेयर में खरीदारी बढ़ी. खबर लिखे जाने तक शेयर 3.55% की तेजी के साथ ₹124.72 पर कारोबार कर रहा था, जबकि इंट्राडे कारोबार के दौरान इसमें 5% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई. बैंक के मुनाफे, शुद्ध ब्याज आय और एसेट क्वालिटी में सुधार ने निवेशकों का ध्यान खींचा. खबर लिखे जाने के दौरान यह 3.19 प्रतिशत की तेजी पर कारोबार कर रहा था.
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