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सूडान की जंग से Cold Drinks बनाने वालीं कंपनियों का क्यों सूख रहा है गला?

सूडान में दो सबसे शक्तिशाली जनरलों के बीच सत्ता की लड़ाई चल रही है. इस गृहयुद्ध में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

अफ्रीकी देश सूडान (Sudan) गृहयुद्ध का सामना कर रहा है. यहां सेना और अर्धसैनिक बल RSF के बीच सत्ता पर काबिज होने को लेकर जंग चल रही है. हालांकि, फिलहाल दोनों पक्षों के बीच संघर्षविराम की सहमति बन गई है. संघर्षविराम 4 मई से 11 मई तक चलेगा. इसके बाद क्या होगा, कोई नहीं जानता. सत्ता की इस लड़ाई में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं. भारत सरकार ने सूडान में फंसे अपने लोगों को ऑपरेशन चलाकर निकाला है. इस गृहयुद्ध ने दुनिया भर के लोगों की प्यास बुझाने वालीं कोल्ड ड्रिंक्स कंपनियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

गम अरेबिक की सप्लाई बाधित
दरअसल, सूडान के संघर्ष से सप्लाई चेन में बाधा पहुंच रही है. सूडान गम अरेबिक (Gum Arabic) का सबसे बड़ा उत्पादक और सप्लायर है, जिसका इस्तेमाल कोल्ड ड्रिंक बनाने में होता है. सॉफ्ट ड्रिंक्स के अलावा, ये गम सोडा, कैंडी, मेकअप प्रोडक्ट्स का भी मेन इंग्रेडिएंट है. यानी इसके बिना उत्पाद बनाना बेहद मुश्किल हो जाएगा और बन भी गए तो सॉफ्ट ड्रिंक्स आदि में वो टेस्ट नहीं रहेगा जिसके लिए उनकी पहचान है. गम अरेबिक की 70% से अधिक सप्लाई सूडान करता है, जिसके गृहयुद्ध की स्थिति में प्रभावित होना लाजमी है.

इस पेड़ से निकलती है गम
सूडान के जंगलों में अकेसिया ट्री (Acacia Tree) नामक पेड़ बड़ी संख्या में पाए जाते हैं. इन्हीं पेड़ों से ये गम या गोंद निकलती है. इस गम का इस्तेमाल च्वीइंग गम बनाने में भी होता है. यानी इस गोंद पर कई कंपनियां निर्भर हैं. वैसे तो नाइजीरिया, माली, सेनेगल आदि में भी इसके पेड़ मौजूद हैं, लेकिन संख्या सबसे ज्यादा सूडान में हैं. इसलिए कोल्ड ड्रिंक से लेकर सोडा, कैंडी, मेकअप प्रोडक्ट्स और च्वीइंग गम बनाने वाली कंपनियां परेशान हैं. वैसे, तो कंपनियां गम अरेबिक को स्टॉक करके रखती हैं, लेकिन कुछ महीनों से ज्यादा का स्टॉक भरना उनके लिए भी आसान नहीं होता. सूडान में जिस तरह के हालात हैं उसे देखकर लगता नहीं है कि स्थिति जल्द सामान्य होगी. बस यही बात पेप्सी और कोक जैसी कंपनियों को परेशान किए हुए है.

प्रोडक्शन हो सकता है प्रभावित 
इस बार मौसम ने कई रंग दिखाए हैं, अप्रैल में बारिश हुई है और गर्मी थोड़ी पीछे खिसक गई है. लेकिन अब अच्छी-खासी गर्मी पड़ने की संभावना है और सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियां बिक्री बढ़ने की उम्मीद कर रही हैं. ऐसे में यदि गम अरेबिक की पर्याप्त नहीं हो पाती, तो उनका प्रोडक्शन प्रभावित होगा और बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा. इस आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि Coke और Pepsi जैसी कंपनियां दाम बढ़ाने को मजबूर हो जाएं. प्रोडक्शन कम और डिमांड ज्यादा, ऐसी स्थिति में कीमतें बढ़ाना ही एकमात्र उपाय रह जाता है.


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