होम / एक्सप्लेनर / कैसे Auditors का रिस्क से बचना, कंपनियों के लिए बन रहा है रिस्की?

कैसे Auditors का रिस्क से बचना, कंपनियों के लिए बन रहा है रिस्की?

जहां पिछले हफ्ते PwC ने Paytm के ऑडिटर के पद से इस्तीफा दिया था, वहीं कल Deloitte ने अडानी ग्रुप के ऑडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया है.

पवन कुमार मिश्रा 2 years ago

ऑडिटर्स (Auditors) किसी भी कंपनी की अच्छी फाइनेंशियल हेल्थ को सुनिश्चित करने में काफी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इतना ही नहीं, एक ऑडिटर यह भी सुनिश्चित करता है कि कंपनी द्वारा भारतीय सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों का पूर्ण रूप से पालन किया जाए. इसके साथ ही कंपनी के वित्तीय नतीजों और ऑडिट रिपोर्ट्स के लिए भी ऑडिटर्स ही जिम्मेदार होते हैं. लेकिन पिछले कुछ समय के दौरान मशहूर ऑडिटर्स द्वारा बड़ी कंपनियों का साथ छोड़ने के मामले सामने आ रहे हैं. 

Paytm-PwC और Adani-Deloitte
हाल ही में सामने आए दो प्रमुख मुद्दों के बारे में बात कर लेते हैं. पिछले हफ्ते जाने माने ऑडिटर, Price Waterhouse Chartered (PwC) ने मशहूर फिनटेक कंपनी और डिजिटल मोबाइल पेमेंट प्लेटफॉर्म Paytm के ऑडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया था. Paytm द्वारा यह जानकारी एक रेगुलेटरी फाइलिंग में साझा की गई थी. ठीक इसी तरह हमें कल भी एक मामला देखने को मिला है जिसमें जाने-माने ऑडिटर ने कंपनी के ऑडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया. हम अडानी और Deloitte के बारे में  बात कर रहे हैं. 

अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट
भारतीय अरबपति गौतम अडानी की अध्यक्षता वाले अडानी ग्रुप पर अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग (Hindenburg) द्वारा टैक्स हेवन्स (Tax Havens) का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है. इसके साथ ही हिंडनबर्ग द्वारा रिलीज की गई रिपोर्ट में कंपनी से संबंधित कुछ ट्रांजेक्शनों पर भी सवाल उठाए गए हैं और माना जा रहा है कि Deloitte ने इन्हीं कुछ कारणों के चलते अडानी ग्रुप के ऑडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया है. Deloitte द्वारा उठाए गए इस कदम की बदौलत आज अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट भी देखने को मिली है. 

क्यों बढ़ रहे हैं ऑडिटर्स के इस्तीफे?
भारत में पिछले कुछ समय के दौरान स्टार्टअप्स की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है. जितनी तेजी से भारत में बिजनेस बढ़ रहे हैं, नियमों को लेकर सरकारी संस्थाएं भी उतनी ही सख्ती बरत रही हैं. ऑडिटर्स के बढ़ते इस्तीफों के पीछे यह भी एक प्रमुख कारण है. Ravi & Rajan कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर और फाउंडर S Ravi ने इस बारे में बात करते हुए बताया कि अकाउंटिंग कंपनियां रिस्क नहीं लेना चाहती हैं. एक कंपनी से इस्तीफा देने के बाद भी ऑडिटर्स की कुछ जिम्मेदारियां होती हैं और उन्हें वो जिम्मेदारियां निभानी ही पड़ती हैं. लेकिन इस वक्त बहुत सी संस्थाओं के द्वारा ऑडिटर्स की भी जांच की जा रही है और ऑडिटर्स ये रिस्क नहीं लेना चाहते. 

ऑडिटर्स के इस्तीफे से मिलता है ये संदेश
हम सभी ने पिछले कुछ समय के दौरान देखा है कि ऑडिटर्स द्वारा कंपनी से इस्तीफा देने के बाद, कंपनी के शेयरों पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है. आखिर ऑडिटर्स के इस्तीफे से मार्केट में क्या संदेश जाता है? इस बारे में बात करते हुए S. Ravi कहते हैं कि जब भी एक ऑडिटर किसी कंपनी को छोड़ता है तो उस कंपनी के बारे में लोग यही सोचते हैं कि कंपनी ने कुछ तो गलत किया है जिसकी वजह से ऑडिटर ने इस्तीफा दे दिया. लोग ऐसा इसलिए भी सोचते हैं क्योंकि कंपनी और ऑडिटर का रिश्ता बहुत ही खास होता है और एक ऑडिटर को कंपनी की बहुत गहरी जानकारी होती है. बहुत हद तक लोग सही भी होते हैं, क्योंकि जब कंपनी के द्वारा नियमों को अनदेखा किया जाता है तभी रिस्क न लेने का डर ऑडिटर के मन में पैदा होता है. 

किसी का रिस्क, किसी को खतरा
ऑडिटर्स के डर के बारे में बात करते हुए S Ravi कहते हैं कि कोई भी ऑडिटर नहीं चाहता कि वह कभी भी अपने बिजनेस से दूर हटे. दरअसल यही वजह है कि ऑडिटर्स रिस्क लेने से डरने लगे हैं क्योंकि अगर ऑडिटर्स पर सवाल उठते हैं तो उन्हें अपने बिजनेस, अपने काम से हाथ धोना पड़ेगा. जहां एक तरफ ऑडिटर्स रिस्क लेने से डरते हैं और वह रिस्क नहीं लेना चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके द्वारा लिया गे ये रिस्क शॉर्ट-टर्म में कंपनियों के लिए एक रिस्क बन जाता है. 
 

यह भी पढ़ें: ‘Go Air’ ढूंढ रहा है इमरजेंसी फंडिंग, क्या है पूरा मामला?

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

समझिए: भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण क्यों नहीं माना जाता?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट कानूनी रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का अंतिम प्रमाण.

26-June-2026

क्या है 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता, जिससे पाकिस्तान में मचेगा हाहाकार, कितना होगा असर?

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ 1960 से चले आ रहे जल समझौते का बोझ आगे नहीं ढोएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को प्रभावी रूप से बंद नहीं कर देता है.

24-April-2025

अमेरिका के टैरिफ लगाने से भारत के किस सेक्टर्स पर क्या होगा असर? जानिए डिटेल्स

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. जिससे भारत के निर्यात पर गहरा असर देखने को मिल सकता है.

03-April-2025

भारत की तरक्की को कई गुना बढ़ा रही महिला एंटरप्रेन्योर, NeoGrowth की रिपोर्ट में आया सामने

3,000 से अधिक महिला उद्यमियों के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में महिलाओं की व्यापारिक सफलता और उनके सामने आने वाली चुनौतियों दोनों को दिखाया गया है.

06-March-2025

अडानी परिवार की शादी का उत्सव: परंपरा, आधुनिकता और समाज सेवा का संगम

यह शादी सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि अडानी परिवार की समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें हर पहलू में कला, परंपरा और सशक्तिकरण जुड़ा हुआ है.

24-February-2025


बड़ी खबरें

मिडिल ईस्ट संकट का भारत को बड़ा फायदा! 1 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा फ्यूल एक्सपोर्ट

बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और वैश्विक बाजार में सप्लाई गैप का फायदा उठाते हुए भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली.

16 hours ago

मुथूट फिनकॉर्प के IPO की राह आसान, सेबी ने 6 फैमिली ट्रस्टों को ओपन ऑफर नियम से दी छूट

सेबी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह राहत केवल ओपन ऑफर नियमों तक सीमित है. अधिग्रहण करने वाले पक्षों को अन्य सभी लागू नियामकीय प्रावधानों का पालन करना होगा.

15 hours ago

अडानी इंफ्रा ने अडानी ग्रीन एनर्जी में 2,380 करोड़ रुपये में खरीदी 1.03% हिस्सेदारी

अडानी ग्रीन एनर्जी भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में बनी हुई है और स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग तथा ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के बीच कंपनी लगातार अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रही है.

15 hours ago

नोएडा-गुरुग्राम बने रियल एस्टेट निवेश के सबसे बड़े हॉटस्पॉट, 7 साल में घरों की कीमतें 125% तक बढ़ीं: रिपोर्ट

ANAROCK रिसर्च एंड एडवाइजरी के विश्लेषण के अनुसार, देश के 11 प्रमुख आवासीय बाजारों में 2019 से Q2 2026 के बीच पूंजीगत मूल्य और रेंटल यील्ड, दोनों में लगभग समान गति से वृद्धि हुई है.

17 hours ago

महंगाई और वैश्विक चुनौतियों के बीच इमामी का दमदार प्रदर्शन, Q1 में राजस्व 15% बढ़ा

इमामी लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 30 जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही के गैर-ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी है. कंपनी ने बताया कि Q1 FY27 में समेकित परिचालन राजस्व 15 फीसदी बढ़कर 1,039 करोड़ रुपये रहा.

17 hours ago