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ऐसी क्या गलती हो गई Akshata Murty से, जो बंद करनी पड़ रही है कंपनी?

अक्षता मूर्ति दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस (Infosys) के फाउंडर एनआर नारायण मूर्ति की बेटी और ब्रिटिश PM ऋषि सुनक की पत्नी हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनक (Rishi Sunak) की पत्नी अक्षता मूर्ति (Akshata Murty) की कंपनी बंद होने जा रही है. इन्वेस्टमेंट कंपनी 'कैटामरान वेंचर्स यूके लिमिटेड' (Catamaran Ventures UK Ltd) को अक्षता ने 2013 में शुरू किया था. उस समय कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए ऋषि भी अक्षता की मदद करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने कंपनी के निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया. अब ऋषि ब्रिटेन की प्रधानमंत्री हैं, तो उनसे 'कैटामरान वेंचर्स' पर ध्यान देने की उम्मीद बेमानी है. हालांकि, कंपनी के बंद होने का ये कारण नहीं है.    

एकमात्र डायरेक्टर हैं अक्षता
दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस (Infosys) के फाउंडर एनआर नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता बिजनेस की अच्छी समझ रखती हैं. कैटामरान वेंचर्स यूके लिमिटेड Infosys में अक्षता के शेयरों से हासिल राशि के एक निवेश साधन के तौर पर काम करती रही है. 2015 में ऋषि सुनक के निदेशक पद से इस्तीफा देने के बाद से अक्षता कंपनी की एकमात्र डायरेक्टर हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले साल कंपनी के इन्वेस्टमेंट का मूल्य लगभग 38 लाख पाउंड रहा, जो 2021 के 35 लाख पाउंड से अधिक है. जबकि अक्षता मूर्ति का बकाया 46 लाख पाउंड से अधिक था.

नहीं मिला अच्छा रिटर्न  
अब सवाल ये उठता है कि आखिर 'कैटामरान वेंचर्स यूके लिमिटेड' को बंद करने की नौबत क्यों आई? दरअसल, इसकी वजह है गलत कंपनियों में निवेश. कैटामरान वेंचर्स ने जिन वेंचर्स में निवेश किया, उनका रिटर्न बहुत अच्छा नहीं रहा. उदाहरण के तौर पर कैटामरान के निवेश वाले एजुकेशन स्टार्टअप 'मिसेज वर्डस्मिथ (Mrs Wordsmith) ब्रिटिश सरकार की Future Fund नामक महामारी सहायता योजना से 6.5 लाख पाउंड हासिल करने के 6 महीने के भीतर ही बंद हो गया. इसके अलावा, कैटामरान के निवेश वाली फर्नीचर कंपनी न्यू क्राफ्ट्समैन भी नवंबर-22 में बंद हो गई. 

विवादों में घिरी रही कंपनी
अक्षता की कंपनी ने एजुकेशन टेक्नोलॉजी बिजनेस से जुड़ी फर्म स्टडी हॉल में भी पैसा लगाया था. इस फर्म को पिछले साल सरकारी संस्था इनोवेट यूके से 3.50 लाख पाउंड का अनुदान भी मिला, लेकिन विपक्षी दल लेबर पार्टी ने इस पर सवाल उठा दिए. अक्षता और उनकी कंपनी की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब बच्चों की देखभाल से जुड़ी संस्था Koru Kids में अक्षता के निवेश और इसके सरकार की योजना से लाभान्वित होने की बात सामने आई. विपक्ष ने इस मुद्दे पर जमकर बवाल काटा, जिसका असर कंपनी की छवि पर भी पड़ा. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यदि निवेश का बेहतर रिटर्न मिला होता, तो 'कैटामरान वेंचर्स यूके लिमिटेड' को बंद करने की नौबत नहीं आती.
 


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