होम / एक्सप्लेनर / अमृत काल में इनोवेशन की मदद से कैसे सशक्त हुआ कृषि क्षेत्र?

अमृत काल में इनोवेशन की मदद से कैसे सशक्त हुआ कृषि क्षेत्र?

सरकार ने सत्ता में आते ही कृषि क्षेत्र में पॉलिसी के स्तर पर मौजूद परेशानियों को पहचाना और उन पर काम करना शुरू कर दिया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में BJP की सरकार बनी थी तब किसान अपनी सामान्य मांगों को लेकर पहले से ही आवाज उठा रहे थे. किसान हमेशा से कृषि उत्पादों की बेहतर कीमतों, उर्वरकों की गैर-उपलब्धता और अच्छे बीजों की उपलब्धता, खरीदी जा चुकी फसलों का भुगतान न किए जाने, और कृषि क्षेत्र में किसी पारदर्शी पॉलिसी के न होने जैसी मांगों को उठाते रहे हैं. 

मोदी सरकार और कृषि क्षेत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सरकार ने सत्ता में आते ही कृषि क्षेत्र में पॉलिसी के स्तर पर मौजूद परेशानियों को पहचाना और उन पर काम करना शुरू कर दिया.  मोदी सरकार ने किसानों और और कृषि क्षेत्र को अपनी प्राथमिकता बनाया और क्षेत्र में मौजूद विभिन्न समस्याओं को सुलझाने के लिए विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक कदम उठाने शुरू किए. मोदी सरकार द्वारा उठाए गए इन मल्टीडायमेंशनल कदमों की बदौलत देश में किसानों की स्थिति बेहतर होगी. 

कृषि क्षेत्र के महत्त्वपूर्ण बदलाव
2014 से भारत के कृषि क्षेत्र में बहुत ही तेजी से बदलाव हुए हैं और इन बदलावों के पीछे प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए प्रयत्न प्रमुख रूप से मौजूद हैं. पिछले कुछ सालों में भारत के कृषि क्षेत्र में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली है और इस क्षेत्र की वृद्धि ने देश के विकास में, खाद्य सुरक्षा में और आर्थिक रूप से देश को समृद्ध बनाने भी काफी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए 2022-23 के इकॉनोमिक सर्वे की मानें तो कृषि के क्षेत्र ने पिछले 6 सालों के दौरान सालाना आधार पर 4.6% की दर से वृद्धि की है. कृषि क्षेत्र में हुई इस जबरदस्त वृद्धि के पीछे सरकार द्वारा फसल की बेहतरी और कृषि भण्डार में बढ़ोतरी, MSP (न्यूनतम समर्थित मूल्य) द्वारा किसानों को उचित रिटर्न प्राप्त करवाने, और फसल की विविधता को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए विभिन्न कदम मौजूद हैं.

फसल की सही कीमत
फसल की सही कीमत को लेकर एक काफी लंबे समय से चर्चा जारी है. UPA की सरकार के दौरान स्वामीनाथन कमीशन ने भी इस संबंध में काफी जरूरी टिप्पणियां की थीं लेकिन देश के किसानों के कल्याण के मुद्दे पर उस वक्त मौजूद सरकार हाथ पर हाथ रखकर बैठी रही. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की सरकार किसानों को प्राथमिकता देती है और सरकार ने काफी लंबे समय से चली आ रही इस मांग पर ध्यान दिया और इस मांग को पूरा करने के लिए काफी जरूरी कदम भी उठाए और उन्हीं में से एक लागत के मुकाबले MSP को 1.5 गुना बढ़ाया जाना भी था. मोदी सरकार ने रबी और खरीफ फसलों के MSP में बढ़ोत्तरी करके यह साबित कर दिया कि वह किसान के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. मोदी सरकार के इस फैसले से किसानों को अपनी फसल पर 50% तक ज्यादा कीमत प्राप्त हो रही है. 

बजट में हुई बढ़ोत्तरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में भारत सरकार ने लगातार कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने और लंबे अरसे से खराब पड़ी इसकी बुरी अवस्था से इसे बाहर लाने के लिए इस क्षेत्र का बजट बढ़ाने के विचार का समर्थन किया गया है. पिछले 4 सालों के दौरान देश में कृषि क्षेत्र के बजट में बहुत ही तेजी से बढ़त हुई है और इसके पीछे प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए प्रयत्न ही प्रमुख रूप से निहित हैं. कृषि इम्पोर्ट्स पर अपनी निर्भरता कम करने और किसानों के कल्याण के लिए काम करने के लिए मोदी सरकार ने पॉलिसी में महत्त्वपूर्ण बदलाव किए. गेहूं पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 20% जितना बढ़ा दिया गया और अरहर की दाल पर इम्पोर्ट ड्यूटी को बढ़ाकर 10% कर दिया गया था. कुछ अन्य कृषि उत्पादों पर भी इम्पोर्ट को बढ़ाया गया था ताकि देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सके और किसानों की मदद की जा सके. 

Dr. Anil Agrawal, नौजवान पीढ़ी का सशक्तिकरण और उसका प्रभाव
भारत की नौजवान जनता की क्षमता को पहचानते हुए प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली सरकार ने कृषि क्षेत्र में छात्रों और नौजवान किसानों के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं. नौजवान पीढ़ी को कुशल बनाने के लिए विभिन्न एजुकेशनल और वोकेशनल प्रोग्रामों की शुरुआत की गई है ताकि नौजवान लोगों को मॉडर्न कृषि, एग्रीबिजनेस और मार्केट के ट्रेंड्स से संबंधित प्रैक्टिकल स्किल्स प्रदान की जा सकें. कृषि के क्षेत्र में स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को उद्यमी कौशल प्रदान करने के नजरिये को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा RAWE (Rural Awareness Works Experience) नामक प्रोग्राम की शुरुआत की गई थी. 

Sahil Sharma, टेक्नोलॉजी को अपनाया जाना एवं कृषि के क्षेत्र में क्रान्ति
ऑटोमेटेड मशीनरी से लेकर IoT डिवाइसों और डेटा के आधार पर प्राप्त की गई एनालिटिक्स तक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कृषि क्षेत्र के हर पहलु को आकार दिया जा रहा है. स्मार्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके किसान संसाधनों का सही प्रयोग कर सकते हैं, मौसम का अंदाजा लगा सकते हैं फसल की सेहत का ध्यान रख सकते हैं और सही फैसला ले सकते हैं जिसकी मदद से फसल उत्पादन बढ़ेगा और पर्यावरण फ्रेंडली कृषि की जा सके. इसके साथ ही मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से किसानों और मार्केटों के बीच मौजूद दूरी में कमी आई है. 
 

यह भी पढ़ें: UFF ने WFI को किया सस्पेंड, तिरंगा नहीं लहरा पाएंगे खिलाड़ी?


टैग्स
सम्बंधित खबरें

क्या है 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता, जिससे पाकिस्तान में मचेगा हाहाकार, कितना होगा असर?

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ 1960 से चले आ रहे जल समझौते का बोझ आगे नहीं ढोएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को प्रभावी रूप से बंद नहीं कर देता है.

24-April-2025

अमेरिका के टैरिफ लगाने से भारत के किस सेक्टर्स पर क्या होगा असर? जानिए डिटेल्स

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. जिससे भारत के निर्यात पर गहरा असर देखने को मिल सकता है.

03-April-2025

भारत की तरक्की को कई गुना बढ़ा रही महिला एंटरप्रेन्योर, NeoGrowth की रिपोर्ट में आया सामने

3,000 से अधिक महिला उद्यमियों के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में महिलाओं की व्यापारिक सफलता और उनके सामने आने वाली चुनौतियों दोनों को दिखाया गया है.

06-March-2025

अडानी परिवार की शादी का उत्सव: परंपरा, आधुनिकता और समाज सेवा का संगम

यह शादी सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि अडानी परिवार की समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें हर पहलू में कला, परंपरा और सशक्तिकरण जुड़ा हुआ है.

24-February-2025

शानदार रणनीति से BJP को दिल्ली में मिली बंपर जीत, जानिए कैसे मिली इतनी बड़ी सफलता?

BJP ने दिल्ली में AAP के 10 साल के शासन को खत्म किया, मजबूत रणनीति और दिल्ली BJP नेताओं की मेहनत से 48 सीटें जीत कर सफलता हासिल की है.

18-February-2025


बड़ी खबरें

Paytm के शेयरों में 7% से ज्यादा उछाल, पहली बार पूरे साल मुनाफे में आई कंपनी

मार्च तिमाही में कंपनी की कुल आय सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 2,264 करोड़ रुपये हो गई. वहीं EBITDA भी अब पॉजिटिव हो गया है.

1 hour ago

दमदार नतीजों के बाद बजाज ऑटो का बड़ा फैसला, डिविडेंड के साथ बायबैक का ऐलान

बजाज ऑटो के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY26 के लिए 150 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है. यह 10 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर पर 1500 प्रतिशत डिविडेंड के बराबर है.

15 minutes ago

भारत का निर्यात बना नई ताकत, 863 अरब डॉलर के पार पहुंचा विदेशी व्यापार

निर्यात वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का रहा है. सेवा निर्यात 2024-25 में 387.55 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 421.32 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो 8.71 प्रतिशत की वृद्धि है.

2 hours ago

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में बढ़ेगी कोटक महिंद्रा की हिस्सेदारी, RBI से निवेश की मंजूरी

RBI की मंजूरी के बाद कोटक महिंद्रा बैंक का AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में निवेश भारतीय बैंकिंग सेक्टर में एक अहम रणनीतिक कदम माना जा रहा है.

2 hours ago

खनिज अधिकार कर मामले में केंद्र-राज्य आमने-सामने, 20 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

यह मामला 25 जुलाई 2024 को आए सुप्रीम कोर्ट की नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ के फैसले से शुरू हुआ था. 8:1 के बहुमत से दिए गए इस फैसले में कहा गया कि राज्यों के पास खनिज अधिकारों पर कर लगाने की विधायी क्षमता है.

4 hours ago