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होम लोन से जल्द चाहते हैं छुटकारा, इन 5 टिप्स से बन जाएगा काम

आमतौर पर होम लोन 15 से 25 साल के लिए लिये जाते हैं. एक समय के बाद आपको लगने लगता कि होम लोन को फटाफट चुकाकर एक लोन मुक्त जीवन जिया जाए

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट की दरें बढ़ा दी हैं, आज-कल में ही बैंक भी लोन की दरों में इजाफा करना शुरू कर देंगे. इससे आपकी EMI की देनदारी बढ़ जाएगी. पिछले साल मई तक ज्यादातर बैंकों की ब्याज दरें 6.7% के आसपास ही थीं, लेकिन अब ये दरें 8% के ऊपर चली गई हैं, इसके अब 8.5% के पार जाने की भी संभावना है. इस मई से ब्याज दरें बढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ था, तब से लेकर अबतक 1.9 परसेंट तक ब्याज दरें बढ़ चुकी हैं. 

जल्द से जल्द होम लोन चुकाने का तरीका 
होम लोन किसी के लिये भी एक बड़ा खर्चा होता है. क्योंकि इसकी राशि अमूमन काफी बड़ी होती है. इसके टैक्स बेनेफिट भी हैं. लेकिन होम लोन एक लंबी अवधि का लोन है, जो ब्याज के रूप में एक बड़ी राशि ले लेता है. आमतौर पर होम लोन 15 से 25 साल के लिए लिये जाते हैं. एक समय के बाद आपको लगने लगता कि होम लोन को फटाफट चुकाकर एक कर्जमुक्त जीवन जिया जाए या फिर आपकी भविष्य में कोई दूसरी योजना है तो आप लोन को कैसे जल्द से जल्द चुकाना चाहते हैं. आप ऐसा कैसे कर सकते हैं, चलिए आपको बताते हैं.  

होम लोन का प्री-पेमेंट करने का सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि आपको कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होता है, जिसे प्री-पेमेंट चार्ज कहते हैं. हम यहां पर आपको 5 तरीके बताने जा रहे हैं जिससे आपको लोन चुकाने में मदद मिल सकती है.  

1. सही बैंक का चयन करें 
जब आप लोन लेने जाएं तो सबसे पहले ये देखें कि कौन सा बैंक आपको सबसे कम दर पर लोन दे रहा है, हालांकि ये काफी हद तक आपकी यानी ग्राहक प्रोफाइल पर निर्भर करता है कि बैंक उसको कितने परसेंट ब्याज पर लोन ऑफर कर रहा है. फिर भी आप एक तुलनात्मक रिसर्च जरूर करें. इंटरेस्ट कम होगा तो आपको लोन जल्द चुकाने में मदद मिलेगी. अगर आपने किसी बैंक से पहले ही होम लोन ले रखा है तो आप उसे किसी दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने की सोच सकते हैं, जिसकी ब्याज दरें मौजूदा बैंक की ब्याज दरों से कम हों. इसे बैंकिंग की भाषा में बैलेंस ट्रांसफर बोलते हैं. इससे आपकी EMI का बोझ कम होगा और आप लोन जल्दी चुका सकेंगे 

2. डाउन पेमेंट की राशि बढ़ाएं
कोशिश करें कि लोन लेते समय ज्यादा से ज्यादा डाउनपेमेंट करें, इससे प्रिंसिपल अमाउंट की राशि कम हो जाएगी, और लोन की अवधि से पहले आप लोन को पूरा चुका सकेंगे. अगर आपके पास पैसे हैं तो कोशिश करें कि कुल होम लोन की राशिका 20-25% डाउनपेमेंट करें, यानी अगर आप 10 लाख का लोन ले रहे हैं तो 2 से 2.5 लाख के पास आप डाउनपेमेंट कर दें. 

3. EMI बढ़ाएं, अवधि नहीं
अक्सर देखा जाता है कि जब बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है तो वो ग्राहक की EMI बढ़ाने की बजाय उसकी अवधि बढ़ा देता है. मतलब EMI की राशि तो वही रहेगी लेकिन आप मान लीजिए कोई लोन 20 साल में चुका रहे थे तो अब वही लोन 22 साल तक चुकाएंगे, साथ ही अतिरिक्त अवधि के लिए ब्याज भरेंगे. इससे अच्छा होगा कि आप बैंक से कहें कि वो अवधि की बजाय आपकी EMI की राशि बढ़ा दे, लेकिन ये तभी करें जब आपके पास इतना फाइनेंशियल सपोर्ट हो कि आप बढ़ी हुई ब्याज दरों को पचा पाएं और आपके दूसरे निवेशों पर इसका असर न पड़ रहा हो. 

4. जब मौका लगे आंशिक पेमेंट करते रहें 
अगर आप सैलरी करते हैं, मान लीजिए हर साल आपकी सैलरी में बढ़ोतरी होती है, या बोनस मिलता है या किसी भी तरह का कोई एरियर मिलता है तो उस पैसे का इस्तेमाल भी आप होम लोन के प्री-पेमेंट में कर सकते, ऐसा आप रेगुलरी हर साल करते रहिए या जब भी आपके पास कहीं से एकमुश्त पैसा आता है तो आप बैंक को दे दें. इससे आपके लोन का प्रिंसिपल अमाउंट घटता चला जाएगा, और समय से पहले आप होम लोन से छुटकारा पा लेंगे.

5. भूलकर भी EMI मिस न करें 
किसी भी तरह का लोन हो, अगर आपने कोई EMI मिस कर दी, तो समझ लीजिए आपसे भारी भूल हो गई. क्योंकि इससे दो चीजें होंगी, पहला तो आपको 2 परसेंट का अतिरिक्त ब्याज लगेगा और टैक्स अलग से होगा, दूसरा कि लोन को लेकर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री खराब हो जाएगी. तो अगली बार जब आप कहीं से लोन लेंगे तो वो आपको ज्यादा ब्याज पर मिलेगा. याद रहे कि क्रेडिट हिस्ट्री ब्याज दरों को तय करने में एक बड़ा रोल निभाती है. 

अगर आपने इन 5 मंत्रों को अपना लिया तो यकीन मानिए, होम लोन कैसे गायब हो जाएगा पता भी नहीं चलेगा. 

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