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ई-कॉमर्स ने कैसे बदल दी व्यापारियों की जिंदगी, जानिए उन्हीं की जुबानी

बीते कुछ सालों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने लोगों का भरोसा जीत लिया है. अब वह बिना किसी संकोच के ऑनलाइन शॉपिंग करने लगे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

ई-कॉमर्स इंडस्ट्री, प्रौद्योगिकी और प्रशिक्षण के साधन प्रदान करके भारत में छोटे, बड़े और मध्यम उद्यमों (MSME) को सीधे प्रभावित कर रही है. 2022 आते-आते देश की अधिकतर जनसंख्या ऑनलाइन शॉपिंग पर निर्भर हो चुकी है, क्योंकि ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए कंपनी आपको फिजिकल मार्केट से कम दामों में सामान उपलब्ध कराती है. जहां ई-कॉमर्स कंपनियां कम कीमत पर सामान उपलब्ध कराती हैं, वहीं, उपभोक्ताओं को घर बैठे-बैठे सामान मिल जाता है. इस तरह, वह पैसों के साथ-साथ समय की भी बचत कर लेते हैं.

सबको मिल रहा फायदा
इतना ही नहीं ई-कॉमर्स ग्राहकों को ज्यादा विकल्प भी मुहैया करता है, जिससे उन्हें एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी मनचाही वस्तुओं को चुनने और खरीदने का मौका मिलता है. ई-कॉमर्स की उत्पत्ति से बड़े ब्रैंड के साथ-साथ व्यापारियों का भी फायदा हुआ है,क्योंकि अब उन्हें घर-बैठे ही अपना सामान ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है. हमने कई कंपनियों से बातचीत में जाना कि कैसे वह ई-कॉमर्स के जरिए वे अपने प्रोडक्ट्स को मार्केट में टारगेट ग्रुप तक पंहुचा रहे हैं और सफलता की ऊंचाइयों को छू रहे हैं. साथ ही साथ हमने यह भी जाना कि कैसे 2022 में उन्होंने ई-कॉमर्स के माध्यम से अपने बिजनेस को ज्यादा से ज्यादा बढ़ते देखा है.

बढ़ रहा है भरोसा
Pansari Group के डायरेक्टर शम्मी अग्रवाल ने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षो में ई-कॉमर्स ने ग्राहकों को कंपनियों से जोड़े रखने में एक अहम भूमिका निभाई है. परिस्थितियां असामान्य होने के बावजूद भी ई-कॉमर्स ने व्यापार को रुकने नहीं दिया. हमारे सभी प्रोडक्ट्स ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं, जिसे ग्राहक जब चाहे एक क्लिक पर ऑर्डर कर सकता है. Covid जैसे हालात में ई-कॉमर्स ने व्यापारियों को ही नहीं, बल्कि ग्राहकों को भी एक नया अनुभव प्रदान किया है. अब ग्राहक बिना किसी संकोच के ई-कॉमर्स पर भरोसा करने लगे हैं, क्योंकि उन्हें ये यकीन हो चुका है कि ऑनलाइन शॉपिंग में उन्हें वैसा ही प्रोडक्ट मिलता है जैसा की वो रोजमर्रा की दुकानों से खरीदते हैं’.

ऑनलाइन शॉपिंग ने जीता मन
ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म से ब्यूटी प्रोडक्ट इंडस्ट्री पर पड़े प्रभावों के बारे में बात करते हुए, Milap Cosmetics की हेड ऑफ ई-कॉमर्स, कशिका चड्ढा ने कहा, ‘ऑनलाइन शॉपिंग ने अपनी गति के चलते ग्राहकों का मन जीत लिया है. लोगों को उनकी पसंद के मुताबिक प्रोडक्ट उपलब्ध करना कॉस्मेटिक इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होती है, जिससे ई-कॉमर्स के जरिये आज व्यापारियों ने पार पा लिया है. जहां पहले मनचाहा प्रोडक्ट न मिलने की वजह से ग्राहक ब्रैंड पर अपना भरोसा खो देते थे, आज एक प्लेटफ़ॉर्म पर हजारों विकल्प पा कर उन्हें नया शॉपिंग अनुभव मिल रहा है. नई टेक्नोलॉजी की मदद से आज ग्राहक कोई सामान खरीदने से पहले उसे वर्चुअली अनुभव भी कर सकते हैं. इससे उन्हें सही प्रोडक्ट चुनने में सहायता मिलती है’.

नए व्यापारियों के लिए वरदान
CAREPOP के फाउंडर, आकर्ष जैन का कहना है कि ई-कॉमर्स नए व्यापारियों के लिए वरदान साबित हुआ है. इसकी मदद से वह वह कम लागत में अपने प्रोडक्ट लोगों को उपलब्ध करा पा रहे हैं. पहले लोग स्किन केयर प्रोडक्ट्स ऑनलाइन खरीदने से डरते थे, लेकिन अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के प्रति उनका भरोसा बढ़ रहा है. ग्राहक अब बिना किसी हिचक के प्रोडक्ट्स खरीदता है, क्योंकि ई-कॉमर्स पर प्रोडक्ट खरीदना और बदलना बेहद आसान है.

लगातार बढ़ रहा बाजार
भारतीय ई-कॉमर्स उद्योग जिस प्रकार ऊंचाइयों को छू रहा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2034 तक यह दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा ई-कॉमर्स बाजार बनकर अमेरिका को पीछे छोड़ देगा. भारत डिजिटल कॉमर्स के लिए ओपन नेटवर्क (ओएनडीसी) शुरू करने की भी योजना बना रहा है. ओएनडीसी सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खोज परिणामों को सिंक्रनाइज़ करने और हर प्लेटफॉर्म से उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने में सक्षम करेगा. यह MSME को भारत के ई-कॉमर्स विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगा. इससे क्षेत्र में विकास से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, निर्यात से रिवेन्यु में वृद्धि होगी.


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