होम / एक्सप्लेनर / एक्सपर्ट्स से जानिए कैसे बनता है एक परफेक्ट ‘Prime-Time’ शो?

एक्सपर्ट्स से जानिए कैसे बनता है एक परफेक्ट ‘Prime-Time’ शो?

टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग से संबंधित समस्याओं पर विशेष रूप से चर्चा के लिए आज E4M द्वारा न्यूज नेक्स्ट कांफ्रेंस का आयोजन किया गया.

पवन कुमार मिश्रा 3 years ago

खबरों को लेकर हमारा नजरिया धीरे-धीरे बदल रहा है. जहां पहले इंटरव्यू और चर्चाओं को बहुत ही मन से देखा जाता था, वहीं अब पॉडकास्ट और प्राइम-टाइम शो (Prime Time) जनता के फेवरेट बनते जा रहे हैं. हम सभी ने टेलीविजन और अन्य साधनों पर न्यूज को बदलते देखा है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके टेलीविजन पर आने वाला प्राइम-टाइम शो बनता कैसे है? 

कैसे तैयार होता है प्राइम-टाइम शो?
देश की राजधानी दिल्ली में टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग से संबंधित समस्याओं को समझने एवं उनपर विशेष रूप से चर्चा के लिए आज E4M द्वारा न्यूज नेक्स्ट कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था. इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि एक सुपरहिट प्राइम-टाइम शो के लिए आपको न्यूज रुम के अन्दर व बाहर दोनों सिरों पर तैयार रहना पड़ता है. इसके साथ ही आपको दिन भर की सबसे महत्त्वपूर्ण खबरों और कहानियों पर भी एक नजर दौड़ानी पड़ती है. 

आपा खोने से बचना चाहिए
प्राइम-टाइम शो की चर्चा के दौरान आजकल कई दिलचस्प चीजें देखने को मिलती हैं. हमने कई बार देखा है कि चर्चा के दौरान कई बार प्रवक्ता अपना आपा भी खो बैठते हैं और कुछ ऐसा कह देते या कर देते हैं या जो राष्ट्रीय टेलीविजन पर नहीं होना चाहिए. ऐसे में चर्चा के दौरान अपना आपा न खोना बहुत ही ज्यादा जरूरी हो जाता है. यह बहुत जरूरी हो जाता है कि हम शांति बनाए रखें. इस विषय पर बात करते हुए CNN-News 18 के विशेष प्रोजेक्टों के एडिटर आनंद भास्करन कहते हैं कि सबसे पहले देश आता है, और जब भी आप देश के लिए कुछ करते हैं तो वह सही ही होता है और गलत का सवाल ही खत्म हो जाता है. इसके साथ ही आनंद ने यह भी बताया कि अपना आपा न खोने के लिए बेहद जरूरी है कि हम मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ हों.

प्रवक्ता कैसे होते हैं तैयार?
प्राइम-टाइम शो के सुपरहिट होने के पीछे एक प्रमुख कारण है प्रवक्ता. प्राइम-टाइम शो से पहले एक प्रवक्ता खुद को किस तरह तैयार करता है यह बताते हुए सामाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कहते हैं कि कोई भी प्रवक्ता एंकर के अनुसार ही अपनी तैयारी करता है. इसके साथ ही अनुराग भदौरिया ने यह भी कहा कि आजकल कि चर्चाओं में बोलने का मौका सही से नहीं मिल पाता और इसीलिए प्रवक्ता सही से अपनी बात नहीं रख पाते हैं. 
 

यह भी पढ़ें:  राजदीप सरदेसाई से समझें क्या है TV Journalism की तीन ‘C’ वाली समस्या?


टैग्स
सम्बंधित खबरें

समझिए: भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण क्यों नहीं माना जाता?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट कानूनी रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का अंतिम प्रमाण.

26-June-2026

क्या है 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता, जिससे पाकिस्तान में मचेगा हाहाकार, कितना होगा असर?

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ 1960 से चले आ रहे जल समझौते का बोझ आगे नहीं ढोएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को प्रभावी रूप से बंद नहीं कर देता है.

24-April-2025

अमेरिका के टैरिफ लगाने से भारत के किस सेक्टर्स पर क्या होगा असर? जानिए डिटेल्स

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. जिससे भारत के निर्यात पर गहरा असर देखने को मिल सकता है.

03-April-2025

भारत की तरक्की को कई गुना बढ़ा रही महिला एंटरप्रेन्योर, NeoGrowth की रिपोर्ट में आया सामने

3,000 से अधिक महिला उद्यमियों के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में महिलाओं की व्यापारिक सफलता और उनके सामने आने वाली चुनौतियों दोनों को दिखाया गया है.

06-March-2025

अडानी परिवार की शादी का उत्सव: परंपरा, आधुनिकता और समाज सेवा का संगम

यह शादी सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि अडानी परिवार की समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें हर पहलू में कला, परंपरा और सशक्तिकरण जुड़ा हुआ है.

24-February-2025


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

9 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

6 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

7 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

7 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

14 hours ago