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टेस्ला: एक बेहतरीन कार ब्रांड को और बेहतर क्या बना सकता है?
टेस्ला की सड़क यात्रा इस बात पर विचार करने का मौका देती है कि कैसे अलग पहचान वाले उत्पाद लोगों को उनका समर्थक बनाते हैं और क्यों दमदार ब्रांडों को भी एक व्यापक मानवीय सोच की जरूरत होती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
रवि देशपांडे
हाल ही में, अमेरिका में छुट्टियां बिताने के दौरान मेरे चचेरे भाई आनंद ने अपनी टेस्ला कार से हमें न्यूयॉर्क से बोस्टन तक पहुंचाया. आनंद को तकनीक और भविष्य के बारे में जानने की स्वाभाविक जिज्ञासा हमेशा से रही है. वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े समाधान देने वाली एक कंपनी भी चलाते हैं, इसलिए शायद यह कोई आश्चर्य की बात नहीं थी कि उन्हें टेस्ला के फुल सेल्फ-ड्राइविंग सिस्टम पर मुझसे कहीं ज्यादा आसानी से भरोसा हो गया.
जैसे ही हम हाईवे पर पहुंचे, उन्होंने गंतव्य दर्ज किया और कहा, “टेस्ला हमें बोस्टन पहुंचा देगी.” यह सुनकर मुझे पूरी तरह आश्वस्त महसूस नहीं हुआ.
पहले आधे घंटे तक मैं सड़क, स्टीयरिंग व्हील और वहां से गुजरने वाले हर ट्रक को उसी एकाग्रता से देखता रहा, जैसे मैं ड्राइविंग टेस्ट दे रहा हूं. कार ने लेन बदली, घुमावदार रास्तों पर चली और बेहद सटीकता के साथ एग्जिट संभाले. धीरे-धीरे डर जिज्ञासा में बदला और फिर भरोसे जैसी भावना में.
जब तक हम बोस्टन पहुंचे, तब तक मैंने हर कुछ सेकंड में कार के बारे में सोचना बंद कर दिया था. वापसी की यात्रा में भी मैंने लगभग उसी तरह सफर किया. इस बार मैंने कार के बारे में शायद ही कुछ सोचा हो. मैं बस सफर का आनंद ले रहा था.
मेरे लिए टेस्ला का यह सबसे प्रभावी विज्ञापन था
ऑटोनॉमस ड्राइविंग यानी स्वचालित ड्राइविंग के बारे में कोई फिल्म या प्रस्तुति उस अनुभव की बराबरी नहीं कर सकती, जिसमें आप कार में बैठे हों और वह ऐसे फैसले ले रही हो, जो सामान्य तौर पर आप खुद लेते. उत्पाद खुद अपनी क्षमता दिखाता है. और एक बार जब आप इसका अनुभव कर लेते हैं, तो स्वाभाविक रूप से दूसरों से इसके बारे में बात करने लगते हैं.
टेस्ला में किसी ने मुझसे यह लेख लिखने के लिए नहीं कहा. कार ने ऐसा किया. अपना अधिकांश कामकाजी जीवन ब्रांड बनाने में बिताने वाले व्यक्ति के लिए यह एक दिलचस्प विचार है. हम उत्पादों को आकर्षक बनाने के लिए उन्हें दिलचस्प तरीके से पेश करने में बहुत समय और मेहनत लगाते हैं. लेकिन तब क्या होता है, जब उत्पाद खुद इतना दिलचस्प हो कि लोग उसके बारे में बात करने लगें?
इस ड्राइव ने यात्रा के स्वरूप को भी बदल दिया. आनंद का ध्यान लगातार हाईवे पर नहीं था, इसलिए हमने कारोबार, AI, परिवार, भारत और अमेरिका के बारे में ज्यादा बातचीत की. कार के AI सिस्टम ग्रोक ने हमें रास्ते से बहुत दूर जाए बिना एक रेस्तरां खोजने में मदद की और रास्ते में पड़ने वाली जगहों के बारे में जानकारी भी दी. लंबा सफर कम थकाने वाला और कहीं ज्यादा बातचीत से भरा हो गया.
इसने मुझे सोचने पर मजबूर किया कि क्या यह विलासिता का एक नया रूप भी है. सिर्फ चमड़ा, लकड़ी, क्रोम या इंजन की ताकत नहीं, बल्कि समय और ध्यान. ऐसी विलासिता, जिसमें आप कम थककर अपनी मंजिल पर पहुंचें और आपके साथ यात्रा कर रहे लोगों के लिए आपके पास ज्यादा ऊर्जा बची रहे.
टेस्ला की बड़ी उपलब्धि सिर्फ यह नहीं है कि उसने इलेक्ट्रिक कारों या ड्राइवर असिस्टेंस तकनीक का आविष्कार किया. उसने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सॉफ्टवेयर और इंटेलिजेंट ड्राइविंग को इस तरह एक साथ जोड़ा कि कार एक बिल्कुल अलग श्रेणी का उत्पाद महसूस होने लगी. उसने लोगों को यह कल्पना करने के लिए प्रेरित किया कि कार का भविष्य कैसा हो सकता है.
इसके लिए सिर्फ नवाचार पर्याप्त नहीं है. इसके लिए दृढ़ विश्वास और लगातार प्रयास की जरूरत होती है. एलन मस्क के बारे में किसी की भी राय कुछ हो सकती है, लेकिन उन विचारों को लगातार आगे बढ़ाने की उनकी इच्छा को स्वीकार किया जाना चाहिए, जो किसी श्रेणी की स्थापित परंपराओं को चुनौती देते हैं. आज लगभग हर बड़ा ऑटोमोबाइल निर्माता इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है. इसमें वे लग्जरी ब्रांड भी शामिल हैं, जिनकी पहचान इंजन, उसकी आवाज और मैकेनिकल प्रदर्शन के इर्द-गिर्द बनी थी. इस पूरी श्रेणी की दिशा बदल गई है और टेस्ला ने निश्चित रूप से इसे बदलने में मदद की है.
फिर भी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां मैं व्यक्तिगत रूप से चाहता हूं कि यह ब्रांड और आगे बढ़े. उदाहरण के लिए, कार के इंटीरियर में थोड़ी ज्यादा गर्माहट और शिल्प कौशल की गुंजाइश हो सकती है. मैं मिनिमलिज्म यानी सादगी और कम से कम चीजों के इस्तेमाल के आकर्षण को समझता हूं, लेकिन मेरी राय में इस कीमत पर कार के केबिन में इंद्रियों को आनंद देने वाले अनुभवों के लिए भी जगह है. सादगी को खोए बिना, उसमें एक और परत जोड़कर ऐसा किया जा सकता है.
तकनीक प्रशंसा पैदा करती है. डिजाइन और भावनाएं चाहत को गहरा करती हैं. सबसे मजबूत ब्रांड आमतौर पर इन दोनों के बीच संतुलन बना लेते हैं.
और फिर भारत है
अमेरिका के हाईवे भारतीय सड़कों से बिल्कुल अलग हैं. भारतीय सड़कों पर बाइक, रिक्शा, पैदल यात्री, बसें, अचानक लेन बदलने वाले वाहन और हर पल बदलती परिस्थितियां होती हैं. यदि टेस्ला की तकनीक अंततः इस माहौल को भी सहजता से संभाल पाती है, तो यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि होगी.
लेकिन भारत में टेस्ला के लिए इससे भी बड़ा सवाल शायद ज्यादा दिलचस्प है: एक पहले से ही शक्तिशाली वैश्विक ब्रांड बिल्कुल अलग बाजार में अपनी उतनी ही मजबूत प्रासंगिकता कैसे स्थापित कर सकता है?
यदि टेस्ला के कुछ सबसे प्रभावशाली तकनीकी अनुभव अभी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं, तो यहां उसके उत्पाद की कौन-सी खासियत सबसे महत्वपूर्ण होगी? इलेक्ट्रिक प्रदर्शन? सॉफ्टवेयर? सादगी? इंटेलिजेंट ड्राइविंग? कार रखने और इस्तेमाल करने का अनुभव? या फिर सिर्फ ऐसी कार रखने का एहसास, जो भविष्य से जुड़ी हो?
भारत में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है. वैश्विक लग्जरी ब्रांड, भारतीय निर्माता और एशियाई कंपनियां, सभी तेजी से आगे बढ़ रही हैं.
वैश्विक पहचान आपको लोगों की नजरों में लाती है. स्थानीय प्रासंगिकता आपको चुने जाने का कारण देती है. और यहीं से मैं फिर ब्रांड निर्माण की बात पर लौटता हूं.
कुछ महानतम ब्रांड सिर्फ अपने उत्पादों की श्रेष्ठता के दम पर नहीं बने. नाइकी के पास बेहतर प्रदर्शन देने वाले उत्पाद थे, लेकिन उसके 'जस्ट डू इट' अभियान ने इसे मानवीय संभावनाओं से जोड़ दिया. एप्पल के पास तकनीक थी, लेकिन 'थिंक डिफरेंट' ने उसे दुनिया को देखने का एक नजरिया दिया. BMW के पास इंजीनियरिंग थी, लेकिन 'द अल्टीमेट ड्राइविंग मशीन' ने उस इंजीनियरिंग को एक खास अंदाज दिया. द इकोनॉमिस्ट ने सिर्फ जानकारी नहीं बेची. उसने बौद्धिक क्षमता को आकांक्षा का विषय बना दिया.
इन ब्रांडों के पास मजबूत उत्पाद थे, लेकिन उनके पास अपना एक नजरिया भी था. उन्होंने लोगों को जुड़ने के लिए एक बड़ा विचार दिया.
आज टेस्ला या एप्पल जैसे ब्रांडों के पास ऐसी चीज है, जिससे मार्केटिंग करने वाले ईर्ष्या कर सकते हैं: वास्तव में अलग पहचान वाले उत्पाद, जिनके फायदे सीधे अनुभव किए जा सकते हैं. इस लिहाज से उत्पाद खुद ही विज्ञापन का बड़ा हिस्सा कर रहा है.
लेकिन इससे अगला अवसर भी पैदा हो सकता है. जब कोई उत्पाद लोगों की प्रशंसा हासिल कर लेता है, तो क्या ब्रांड उसके इर्द-गिर्द कोई बड़ा मानवीय विचार भी विकसित कर सकता है?
एक मजबूत उत्पाद लोगों को आपके काम की सराहना करने के लिए प्रेरित करता है. एक मजबूत विचारधारा उन्हें आपसे जुड़ने का एक और कारण देती है. जब ये दोनों साथ आते हैं, तो ब्रांड अपने बेचे जाने वाले उत्पादों से कहीं बड़ा बन सकता है.
टेस्ला के पास पहले से ही तकनीक, साहस और एक बेहद शक्तिशाली ब्रांड है. अब इससे आगे बढ़ने का रास्ता शायद अपनी तमाम तकनीकी उपलब्धियों को एक और स्पष्ट मानवीय सोच से जोड़ने में है.
ऐसा इसलिए नहीं कि विज्ञापन को उत्पाद को बचाने की जरूरत है. बल्कि इसका ठीक उलटा है. जब आपके पास पहले से इतना आकर्षक उत्पाद हो, तो ब्रांड का एक मजबूत विचार उसे और भी बड़ी मंजिल तक पहुंचा सकता है.
मेरे लिए इस यात्रा की बड़ी सीख यही है. ब्रांड निर्माण हमेशा किसी उत्पाद में वास्तव में मूल्यवान चीज खोजने और फिर उसे उसके व्यावहारिक लाभ से आगे एक अर्थ देने के बारे में रहा है. अब जो बदल रहा है, वह शायद इसका क्रम है. पहले विज्ञापन को अक्सर उन उत्पादों के बीच अंतर पैदा करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती थी, जो लगातार एक-दूसरे जैसे होते जा रहे थे. आज कुछ सबसे दिलचस्प ब्रांडों की शुरुआत वास्तव में अलग पहचान वाले उत्पादों से होती है.
यह एक बड़ा फायदा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि विचारधारा, कहानी कहने या अपना नजरिया रखने का महत्व कम हो गया है. संभव है कि अब इनका महत्व और बढ़ गया हो.
क्योंकि उत्पाद प्रमाण देता है, अनुभव लोगों को उसका समर्थक बनाता है और विचारधारा अर्थ पैदा करती है. सबसे मजबूत ब्रांड वे होते हैं, जो इन तीनों को एक साथ लाने में सफल होते हैं.
जब मैंने बोस्टन के लिए यात्रा शुरू की थी, तब मैं कार को लेकर वास्तव में घबराया हुआ था. न्यूयॉर्क लौटते समय मैं उससे बेफिक्र होकर बातचीत कर रहा था, जबकि कार खुद वे तमाम काम कर रही थी, जिन्होंने कुछ दिन पहले मुझे बेचैन कर दिया था.
यह अपने आप में तकनीक के बारे में कुछ कहता है. और शायद ब्रांडों के बारे में इससे भी ज्यादा. सबसे मजबूत ब्रांड सिर्फ यह नहीं बताते कि वे अलग हैं. वे आपको उस अंतर का अनुभव करने देते हैं.
और जब उस अनुभव के साथ ऐसा विचार भी जुड़ जाए, जिस पर लोग विश्वास कर सकें, तो एक बेहतरीन उत्पाद कुछ और बड़ा बन सकता है.
शायद यही वह अतिरिक्त दूरी है, जिसे तय करना सार्थक है.
(डिस्क्लेमर: इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं और जरूरी नहीं कि वे BW Businessworld के विचारों को दर्शाते हों.)
अतिथि लेखक: रवि देशपांडे
(लेखक रवि देशपांडे Whyness के संस्थापक और चेयरमैन हैं. उन्हें विज्ञापन, डिजाइन, ब्रांड निर्माण और क्रिएटिव नेतृत्व के क्षेत्र में कई दशकों का अनुभव है.)
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