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भारत में बनेगा पहला AI-पायलटेड फाइटर विमान, Flying Wedge ने पेश किया FWD Supreme का प्रोटोटाइप
नई दिल्ली में हुआ अनावरण, 1,500 किमी से अधिक रेंज और AI आधारित स्वायत्त लड़ाकू अभियानों के लिए विकसित किया जा रहा विमान; कंपनी का लक्ष्य भारत में ही डिजाइन और निर्माण करना
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत की डिफेंस और एयरोस्पेस इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में Flying Wedge Defence & Aerospace (FWDA) ने अपना FWD Supreme कार्यक्रम पेश किया है. कंपनी ने मंगलवार को नई दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में आयोजित कार्यक्रम में भारत के पहले AI-पायलटेड फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोग्राम का पूर्ण आकार का स्थिर प्रोटोटाइप प्रदर्शित किया. कंपनी के मुताबिक, इस कार्यक्रम का उद्देश्य AI आधारित स्वायत्त लड़ाकू विमान विकसित करना और भारत की घरेलू एयरोस्पेस निर्माण क्षमताओं को मजबूत करना है.
दुनियाभर में रक्षा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वायत्त विमानों और लड़ाकू अभियानों के नए तरीकों पर जोर बढ़ रहा है. ऐसे में FWD Supreme को भारत की इसी दिशा में एक पहल के रूप में पेश किया गया है. कार्यक्रम में रक्षा खरीद महानिदेशक (DG Acquisition) ए. अनबरासु (IAS), वेपन सिस्टम्स के महानिदेशक एयर मार्शल प्रेम कुमार, पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा और ADG Acquisition Tech मेजर जनरल तरुण अग्रवाल शामिल हुए. SketchPixel के CEO और KEYDEF के निदेशक मिगुएल अब्रू भी कार्यक्रम में मौजूद रहे.
स्वायत्त लड़ाकू अभियानों के लिए विकसित होगा विमान
कार्यक्रम में प्रदर्शित FWD Supreme Heavy एक टन श्रेणी का विमान है, जिसे स्वायत्त लड़ाकू अभियानों के लिए विकसित करने की योजना है. कंपनी के अनुसार, इसे खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी और टोही (ISR), हमले तथा अन्य लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर अभियान चलाने जैसे विभिन्न कार्यों के लिए कॉन्फिगर किया जा सकता है.
FWDA के सुहास तेजस्कंदा ने कहा कि FWD Supreme भारतीय डिजाइन, इंजीनियरिंग और विनिर्माण के जरिए उन्नत रक्षा क्षमताएं विकसित करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य AI-पायलटेड लड़ाकू विमानों की एक पूरी श्रृंखला विकसित करना है, जो परिचालन जरूरतों को पूरा करने के साथ किफायती भी हो.
उन्होंने बताया कि 'ऑपरेशन ट्रिपल सेवन' के माध्यम से कंपनी अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को भारत के नेतृत्व वाले विकास और विनिर्माण कार्यक्रम से जोड़ना चाहती है. इससे देश की स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमताओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
सुहास तेजस्कंदा ने यह भी कहा कि FWD Supreme Lite विमान टैक्सी ट्रायल यानी जमीन पर अपने इंजन और नियंत्रण प्रणालियों के परीक्षण के चरण को पार कर चुका है और अपनी पहली उड़ान के लिए तैयार हो रहा है.
'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भरता पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और रक्षा खरीद महानिदेशक ए. अनबरासु ने विमान के अनावरण पर बधाई देते हुए कहा कि भारतीय रक्षा क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में रक्षा तैयारियों का महत्व बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 'JAI' का मंत्र दिया है, जिसका अर्थ जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और नवाचार है. यह भारतीय रक्षा क्षेत्र की प्रगति का आधार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पक्षों को मिलकर काम करना होगा और नवाचार से प्रेरित 'मेक इन इंडिया' तथा 'मेड इन इंडिया' की दिशा में आगे बढ़ना होगा.
अनबरासु ने जोधपुर में आयोजित तरंग शक्ति अभ्यास का उल्लेख करते हुए कहा कि आज युद्ध के लिए तैयारी केवल उपलब्ध रक्षा प्लेटफॉर्म की संख्या पर निर्भर नहीं करती. यह इस बात पर भी निर्भर करती है कि कोई देश कितनी प्रभावी ढंग से जानकारी जुटाता है, उसे समझता है, तकनीक विकसित करता है और विभिन्न क्षमताओं को एकीकृत करता है.
उन्होंने कहा कि जो देश इन सभी क्षमताओं को एक साथ जोड़ सकते हैं, उन्हें अधिक संख्या में प्लेटफॉर्म रखने वाले देशों के मुकाबले भी रणनीतिक बढ़त मिल सकती है. उनके मुताबिक, FWD Supreme जैसे कार्यक्रम भारत में ही उन्नत रक्षा प्रणालियों के विकास और निर्माण की दिशा में सरकार की नीति के अनुरूप हैं.
AI आधारित विमानों के समूह से लड़ाई की रणनीति बदलने का लक्ष्य
FWD Supreme कार्यक्रम के केंद्र में FWDA की 'मोबिंग डॉक्ट्रिन' है. यह हवाई युद्ध की ऐसी अवधारणा है, जिसमें AI-पायलटेड विमान एक समन्वित समूह के रूप में काम करेंगे. पारंपरिक मॉडल में सीमित संख्या में महंगे और उच्च क्षमता वाले विमानों पर निर्भरता रहती है. इसके विपरीत, इस अवधारणा में कई स्वायत्त विमान एक समूह या झुंड की तरह काम करते हुए जानकारी साझा करेंगे और वास्तविक समय में समन्वित निर्णय लेंगे.
कंपनी का लक्ष्य बड़ी संख्या में नेटवर्क से जुड़े सक्षम विमानों को तैनात करके हवाई युद्ध की लागत और उसके आर्थिक समीकरण को बदलना है. इस रणनीति के तहत मिशन को जारी रखते हुए कुछ विमानों के नुकसान को सहन करने और संख्या, स्वायत्तता तथा समन्वय के जरिए परिचालन बढ़त हासिल करने की परिकल्पना की गई है.
FWD Supreme की प्रमुख तकनीकी विशेषताएं
कंपनी की ओर से जारी शुरुआती तकनीकी विवरण के मुताबिक, FWD Supreme कार्यक्रम के पहले चरण में 1,500 किलोग्राम से अधिक वजन श्रेणी के AI आधारित स्वायत्त लड़ाकू विमान विकसित करने की योजना है. इसके प्रमुख तकनीकी विवरण इस प्रकार हैं:
-विमान का प्रकार: AI आधारित स्वायत्त लड़ाकू विमान.
-वजन श्रेणी: 1,500 किलोग्राम से अधिक.
-पेलोड क्षमता: लगभग 350 किलोग्राम.
-प्रोपल्शन: 5 किलो न्यूटन (kN).
-अधिकतम गति: उच्च सबसोनिक गति, लगभग मैक 0.8 से 0.85.
-क्रूज गति: लगभग 500 से 600 किलोमीटर प्रति घंटा.
- रेंज: 1,500 किलोमीटर से अधिक.
- उड़ान की अवधि: दो घंटे से अधिक.
-संचार प्रणाली: सैटेलाइट कम्युनिकेशन (SATCOM).
-डिजाइन: फ्लाइंग-विंग कॉन्फिगरेशन और आंतरिक वेपन बे.
-अनुमानित आकार: लगभग 10×10 मीटर.
आगे तकनीक विकास और परीक्षण पर रहेगा फोकस
कंपनी के मुताबिक, FWD Supreme कार्यक्रम का अगला चरण तकनीक विकास, परीक्षण और विभिन्न प्रणालियों के एकीकरण पर केंद्रित होगा. इसके साथ ही Supreme श्रेणी के अन्य विमानों को विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा.
FWDA ने 'ऑपरेशन ट्रिपल सेवन' के तहत अंतरराष्ट्रीय एयरोस्पेस और विनिर्माण साझेदारियां विकसित करने की योजना बनाई है. इसका उद्देश्य उन्नत लड़ाकू विमानन के लिए भारत के नेतृत्व में एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें डिजाइन, तकनीकी विकास और विनिर्माण की क्षमताएं देश में विकसित हों.
हालांकि, कार्यक्रम के तहत विमान की पहली उड़ान, परीक्षण और परिचालन तैनाती की विस्तृत समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है. ऐसे में FWD Supreme की वास्तविक परिचालन क्षमताओं और रक्षा क्षेत्र में इसके संभावित योगदान का आकलन आगे होने वाले परीक्षणों और तकनीकी विकास के आधार पर किया जा सकेगा.
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