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RBL बैंक के मुनाफे में 170% का उछाल, दूसरी तिमाही में ₹482 करोड़ पर पहुंचा प्रॉफिट
नेट इंटरेस्ट इनकम में 37% की बढ़ोतरी, एडवांस 42% और जमा राशि 34% बढ़ी; एसेट क्वालिटी में भी सुधार
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
आरबीएल (RBL) बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है. बैंक का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 170% बढ़कर ₹482 करोड़ पर पहुंच गया. पिछले साल की समान तिमाही में बैंक का मुनाफा इससे काफी कम था. बैंक ने 12 अक्टूबर 2026 को अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की. मुनाफे में इस बढ़ोतरी के पीछे ब्याज आय में वृद्धि, कर्ज वितरण में तेजी और परिचालन लाभ में सुधार प्रमुख कारण रहे.
नेट इंटरेस्ट इनकम में 37% की बढ़ोतरी
बैंक की शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income) सालाना आधार पर 37% बढ़कर ₹2,131 करोड़ हो गई. वहीं, शुद्ध ब्याज मार्जिन (Net Interest Margin) बढ़कर 4.61% पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 4.51% था.
बैंक का परिचालन मुनाफा (Operating Profit) 92% बढ़कर ₹1,396 करोड़ हो गया. इस दौरान कुल शुद्ध आय (Net Total Income) 29% बढ़कर ₹3,208 करोड़ रही. अन्य आय में 16% की वृद्धि हुई और यह ₹1,077 करोड़ पर पहुंच गई. इसमें मुख्य शुल्क आय (Core Fee Income) का योगदान रहा, जो 12% बढ़कर ₹1,040 करोड़ हो गई.
बैंक का परिचालन खर्च 3% बढ़कर ₹1,812 करोड़ रहा. हालांकि, आय के मुकाबले खर्च के अनुपात यानी कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो में सुधार हुआ. यह वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के 70.67% से घटकर 56.48% पर आ गया.
कर्ज वितरण और जमा राशि में तेजी
30 सितंबर 2026 तक RBL बैंक का शुद्ध एडवांस यानी वितरित कर्ज सालाना आधार पर 42% बढ़कर ₹1.42 लाख करोड़ हो गया. वहीं, कुल जमा राशि 34% की बढ़ोतरी के साथ ₹1.56 लाख करोड़ पर पहुंच गई.
रिटेल एडवांस 32% बढ़कर ₹79,465 करोड़ रहा. इसमें सुरक्षित रिटेल कर्ज (Secured Retail Advances) 52% बढ़कर ₹51,933 करोड़ हो गया. दूसरी ओर, असुरक्षित रिटेल कर्ज (Unsecured Retail Advances) में 6% की वृद्धि हुई और यह ₹27,532 करोड़ पर पहुंच गया. थोक कर्ज (Wholesale Advances) 56% बढ़कर ₹62,849 करोड़ रहा, जबकि कमर्शियल बैंकिंग एडवांस में 47% की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
जमा राशि में मजबूत वृद्धि के बावजूद बैंक का करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट (CASA) अनुपात घटकर 27.2% रह गया. हालांकि, CASA जमा सालाना आधार पर 14% बढ़कर ₹42,526 करोड़ हो गई. ₹3 करोड़ से कम की जमा राशि वाली श्रेणी में जमा 16% बढ़कर ₹68,877 करोड़ रही. इसका कुल जमा राशि में हिस्सा 44% था.
RBL बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर. सुब्रमण्यकुमार ने कहा कि तिमाही के दौरान बैंक की परिसंपत्तियों और देनदारियों, दोनों में वृद्धि दर्ज की गई. उन्होंने बताया कि विदेशी मुद्रा में गैर-निवासी जमा (FCNR Deposits) जुटाने से बैंक की फंडिंग स्थिति मजबूत हुई है. इससे भविष्य में कारोबार बढ़ाने के लिए बैंक को अतिरिक्त लचीलापन मिला है.
एसेट क्वालिटी में सुधार, NPA घटा
RBL बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है. वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) अनुपात घटकर 1.02% रह गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 2.32% था.
इसी तरह, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NNPA) अनुपात भी 0.57% से घटकर 0.29% पर आ गया. तकनीकी राइट-ऑफ सहित प्रोविजन कवरेज रेशियो 95.31% रहा.
हालांकि, इस दौरान क्रेडिट कॉस्ट में बढ़ोतरी हुई. यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹503 करोड़ से बढ़कर ₹771 करोड़ हो गई. क्रेडिट कॉस्ट रेशियो भी 0.54% से बढ़कर 0.63% पर पहुंच गया.
कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो में गिरावट
सितंबर 2026 के अंत में बैंक का कुल कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 30.1% रहा, जो जून 2026 के अंत में 33.3% था. इसी अवधि में कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET1) अनुपात भी 32.2% से घटकर 29% पर आ गया. वहीं, तिमाही के दौरान बैंक का औसत लिक्विडिटी कवरेज रेशियो 148% रहा.
कुल मिलाकर, RBL बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मुनाफे, ब्याज आय और कर्ज वितरण के मोर्चे पर मजबूत वृद्धि दर्ज की. साथ ही, बैंक के खराब कर्ज के अनुपात में कमी आई है. हालांकि, क्रेडिट कॉस्ट में बढ़ोतरी और कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो में गिरावट पर भी नजर रहेगी.
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