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Amway ने आखिर ऐसा क्या कर दिया कि कसता जा रहा है जांच एजेंसियों का फंदा? 

एमवे इंडिया की मुश्किलों में इजाफा होता जा रहा है. अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसके खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

मल्टी-लेवल मार्केटिंग कंपनी एमवे (Amway) का नाम तो आपने जरूर सुना होगा. एक जमाना था, तब 10 में से हर चौथा शख्स किसी न किसी रूप में एमवे से जुड़ा था. हालांकि, अब हालात पूरी तरह से बदल चुके हैं. एमवे इंडिया एंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड (Amway India Enterprise Pvt. Ltd) मुश्किल दौर से गुजर रही है. कंपनी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकायत दर्ज कराई है. दरअसल, ED ने ऐसा तेलंगाना पुलिस द्वारा एमवे और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज की गई विभिन्न FIR की जांच के आधार पर किया है. 

धोखाधड़ी से जुटाए इतने करोड़
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 4,050 करोड़ रुपए की कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत हैदराबाद के PMLA Court में कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. Amway India पर आरोप हैं कि वह सामान बेचने की आड़ में एक अवैध 'मनी सर्कुलेशन स्कीम' को बढ़ावा दे रही है. एमवे अधिक कमीशन और इंसेंटिव का वादा करके लोगों को धोखा दे रही है. ED का कहना है कि एमवे की गतिविधियां एक मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कीम और मनी सर्कुलेशन स्कीम बनाती हैं. इसमें धोखाधड़ी के जरिए से 4050.21 करोड़ रुपए की इनकम जुटाई गई है. 

ये भी पढ़ें -आखिर कौन है वो Singham जिससे मिलने को बेकरार है ED, दोबारा भेज दिया समन?

कंपनी ने जारी किया बयान
ED का यह भी कहना है कि जांच से पता चला कि सदस्यों से एकत्र किए गए 2859 करोड़ रुपए से ज्यादा कथित तौर पर लाभांश, रॉयल्टी और अन्य खर्चों के रूप में छिपाकर विदेशी निवेशकों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए हैं. जांच एजेंसी ने ने इस मामले में अब तक 757.77 करोड़ रुपए मूल्य की चल और अचल संपत्तियां जब्त की हैं. उधर, एमवे इंडिया के प्रवक्ता का कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर की गई शिकायत 2011 की जांच से संबंधित है. हम विभाग के साथ पूरी सहयोग कर रहे हैं. प्रवक्ता ने आगे कहा कि एमवे ने 25 साल पहले जब भारत में अपना परिचालन शुरू किया था, तब से वह कानूनी और नियामक अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है. 


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