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महादेव बेटिंग ऐप केस में बड़ी कार्रवाई, किंगपिन सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया; आज रायपुर कोर्ट में पेशी
अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को CBI की टीम प्रत्यर्पण कर भारत लाई है. उसके खिलाफ CBI के दो मामलों में चार्जशीट दाखिल है, जबकि ED भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी कामयाबी मिली है. अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रमुख प्रमोटर और मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है. CBI की विशेष टीम उसे लेकर भारत पहुंची है. अब मेडिकल जांच और ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे रायपुर ले जाया जाएगा, जहां सोमवार को CBI की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा. सौरभ चंद्राकर के खिलाफ CBI के दो मामलों में पहले ही आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं. वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जांच कर रहा है.
इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हुई गिरफ्तारी
CBI के मुताबिक, भारत सरकार की विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से सौरभ चंद्राकर का प्रत्यर्पण संभव हो पाया है. उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. इसी के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे तलाश कर हिरासत में लिया. इसके बाद CBI और ED ने ओमान को औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा. प्रत्यर्पण की मंजूरी मिलने के बाद CBI की टीम मस्कट पहुंची और उसे भारत लेकर आई.
CBI extradites Sourabh Chandrakar the kingpin in Mahadev App betting cases, from Oman
— Central Bureau of Investigation (India) (@CBIHeadquarters) November 1, 2026
क्या है महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर CBI ने महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े मामलों की जांच अपने हाथ में ली थी. जांच एजेंसी के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक देश के बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट में से एक था, जिसका संचालन विदेश से किया जा रहा था. इस नेटवर्क के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ताश और अन्य खेलों व आयोजनों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था. इसके लिए देशभर में फ्रेंचाइजी पैनल और शाखाओं का नेटवर्क तैयार किया गया था. ये पैनल लोगों को अपने साथ जोड़कर उनसे सट्टे की रकम जमा कराते थे.
म्यूल बैंक खातों और हवाला के जरिए विदेश भेजा जाता था पैसा
CBI की जांच में सामने आया कि अवैध सट्टेबाजी से हासिल रकम को कई म्यूल बैंक खातों के जरिए अलग-अलग स्तरों पर ट्रांसफर किया जाता था. इसके बाद हवाला नेटवर्क के माध्यम से इस पैसे को विदेश भेजा जाता था. जांच एजेंसी के अनुसार, अवैध कमाई का एक हिस्सा सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कथित तौर पर संरक्षण राशि देने में भी इस्तेमाल किया जाता था, ताकि सट्टेबाजी का नेटवर्क बिना किसी बाधा के चलता रहे.
इस मामले में CBI ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988, भारतीय दंड संहिता और छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े आरोपों में चार्जशीट दाखिल की है. सौरभ चंद्राकर को इन मामलों में प्रमुख आरोपियों में शामिल किया गया है. वहीं, ED भारत और विदेशों में उसकी कई संपत्तियां कुर्क कर चुकी है.
सितंबर में अभिषेक कुमार भी हुआ था गिरफ्तार
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में इससे पहले सितंबर 2026 में CBI ने एक अन्य प्रमुख आरोपी अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया था. उसे दुबई से भारत लौटने के दौरान हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पकड़ा गया था. जांच एजेंसी के मुताबिक, अभिषेक कुमार ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क चलाने, अलग-अलग पैनल के बीच तालमेल बनाने और सट्टे से जुटाई गई रकम इकट्ठा करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था.
सौरभ चंद्राकर के भारत आने को विदेश से संचालित अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क की जांच में अहम कदम माना जा रहा है. CBI ने इस कार्रवाई में सहयोग के लिए ओमान सरकार और रॉयल ओमान पुलिस का आभार जताया है.
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