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मुश्किल के भंवर में PC Jeweller, अभी आ सकते हैं और बुरे दिन! 

कारोबार बढ़ाने के लिए PC Jeweller ने कई बैंकों से लोन लिया था, लेकिन उसे चुकाने में नाकाम रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

प्रीमियम ज्‍वेलरी ब्रैंड पीसी ज्‍वैलर्स (PC Jeweller) मुश्किल के भंवर में फंस गया है. मुश्किल भी ऐसी है कि जिससे बाहर निकलने की संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है. PC Jewellers ने कारोबार बढ़ाने के लिए कई बैंकों से लोन लिया था, लेकिन अब उसे वापस नहीं कर पा रही है. इस वजह से मामला राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) पहुंच गया है और कंपनी को दिवाला कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है. NCLT में मामले की सुनवाई कल यानी 2 अगस्त को होनी थी, लेकिन अब इसके लिए 21 अगस्त का दिन तय किया गया है. 

किस बैंक से कितना लोन?
PC Jewellers ने 14 बैंकों से लोन लिया है. इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) इंडियन बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) और पंजाब नेशनल बैंक का नाम भी शामिल है. SBI से कंपनी ने सबसे ज्यादा लोन लोया है. SBI को PC Jeweller से 1060 करोड़ लेने हैं. इसके अलावा, कंपनी पर यूनियन बैंक के 530 करोड़, पंजाब नेशनल बैंक के 478 करोड़ और इंडियन बैंक के 226 करोड़ बकाया हैं. SBI ने लोन न चुकाने को लेकर कंपनी के खिलाफ NCLT में याचिका दायर की है, जिस पर अब 21 अगस्त को सुनवाई होनी है.

क्यों टाली गई सुनवाई?
न्यायमूर्ति रामलिंगम सुधाकर की अध्यक्षता वाली NCLT की मुख्य पीठ ने मामले की सुनवाई 2 अगस्त के लिए सूचीबद्ध की थी, लेकिन पीसी ज्‍वैलर्स की ओर से पेश अधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा. इसके बाद अगली सुनवाई के लिए 21 अगस्त की तारीख निर्धारित की गई. SBI ने अपनी याचिका में कहा है कि पीसी ज्‍वैलर्स लोन का भुगतान नहीं कर रहा है. 2 साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन कंपनी बकाया नहीं चुका रही है. बैंक ने बताया है कि पीसी ज्‍वैलर्स का अकाउंट जून, 2021 से ही नॉन परफॉर्मिंग एसेट (NPA) घोषित किया जा चुका है.  

अब क्या होगा आगे?
SBI का कहना है कि PC ज्‍वैलर्स के लोन अकाउंट को जून, 2021 से NPA करार दिया जा चुका है. इसके बावजूद कंपनी ने लोन राशि या उसके ब्‍याज का भुगतान नहीं किया है. कंपनी का कारोबार आज भी देशभर में चल रहा है, लेकिन वो बैंकों का कर्ज चुकाने में लगातार नाकाम रही है. लिहाजा, उसके खिलाफ दिवालिया समाधान प्रक्रिया शुरू की जाए. यदि SBI की अपील स्‍वीकार हो जाती है और दिवालिया समाधान प्रक्रिया शुरू होती है, तो PC ज्‍वैलर्स के एसेट बेचकर बैंकों का कर्ज वसूला जाएगा.

कारोबार बढ़ा, फिर भी नहीं चुकाया
पीसी ज्‍वैलर्स ने फाइनेंशियल ईयर 2021-22 की अपनी सालाना रिपोर्ट में बताया था कि उसने 14 बैंकों से कर्ज उठाया है. जिसमें SBI, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक और PNB जैसे कई बड़े बैंक भी शामिल हैं. इसी साल 30 मई की रिपोर्ट ने कंपनी ने यह स्पष्ट किया था कि उसका कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और 2022-23 की शुरुआती 3 तिमाहियों में कारोबार में अच्छी-खासी बढ़त दर्ज हुई है. कंपनी ने मार्च 2023 में 173.24 करोड़ की नेट सेल की थी, जो मार्च 2022 के 168.99 करोड़ के आंकड़े से ज्यादा है. इसके बावजूद कंपनी द्वारा लोन का भुगतान नहीं किया जा रहा है. इसी को लेकर अब मामला अदालत तक पहुंच गया है. एक रिपोर्ट के अनुसार, 30 सितंबर, 2022 तक पीसी ज्‍वैलर्स पर 3,466.28 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया था. इस लोन पर 295.31 करोड़ का ब्‍याज भी बकाया बताया गया है.  


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