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अब सलाखों के पीछे कटेंगे अरबपति बिजनेसमैन ऋषि शाह के दिन, श्रद्धा को भी सजा

धोखाधड़ी के मामले में ऋषि शाह को अदालत ने साढ़े सात कैद की सजा सुनाई है. इस मामले में दो और लोगों को सजा हुई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अरबपति बिजनेसमैन ऋषि शाह (Rishi Shah) को अगले साढ़े 7 साल सलाखों के पीछे गुजारने पड़ सकते हैं. ऋषि आउटकम हेल्थ (Outcome Health) नामक कंपनी के को-फाउंडर हैं. इस कंपनी पर 8300 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा था. इसी मामले में उन्हें एक अमेरिकी अदालत ने सजा सुनाई है. ऋषि भारतीय मूल के अमेरिकी बिजनेसमैन (Indian American Businessman) हैं. गोल्डमैन सैक्स, Google की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट और इलिनोइस के गवर्नर जेबी प्रिट्जकर की वेंचर कैपिटल फर्म जैसे बड़े इन्वेस्टर्स भी ऋषि की कंपनी द्वारा की गई धोखाधड़ी के शिकार बने थे.

क्या करती थी कंपनी?
अमेरिकी जिला न्यायाधीश थॉमस डर्किन ने अपने फैसले में आउटकम हेल्थ के कारनामे को इतिहास की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट धोखाधड़ी में से एक बताया है. Bloomberg की रिपोर्ट में बताया गया है कि ऋषि शाह ने यूनिवर्सिटी के दिनों में ही आउटकम हेल्थ की शुरुआत की थी. उस वक्त उन्होंने कंपनी का नाम कॉन्टेक्स्ट मीडिया हेल्थ रखा था. 2006 में अस्तित्व में आई इस कंपनी का मकसद हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स और डॉक्टरों के दफ्तरों में टीवी लगाकर मरीजों को हेल्थ से जुड़े एडवारटाइजमेंट दिखाना था. कंपनी का ये आईडिया ज़बरदस्त हिट रहा और उसकी वैल्यूएशन बहुत तेजी से बढ़ती गई. इससे निवेशक कंपनी के प्रति आकर्षित हुए और यहीं से धोखाधड़ी की नींव रखी गई.

श्रद्धा ने भी दिया ऋषि का साथ
इस पूरे मामले में श्रद्धा अग्रवाल का नाम भी सामने आया है, जो आउटकम हेल्थ की को-फाउंडर थीं. रिपोर्ट के अनुसार, 2010 तक आउटकम हेल्थ टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर इन्वेस्टेमेंट सेक्टर में एक बड़ा नाम बन चुकी थी. इसी के साथ 38 वर्षीय ऋषि शाह पर शिकागो के सक्सेसफुल बिजनेसमैन का टैग लग गया. उन्होंने अपने हिट आईडिया की बदौलत अरबों की दौलत कमाई.लेकिन बाद में मालूम चला कि उन्होंने बड़ी कॉर्पोरेट धोखाधड़ी को अंजाम देकर अपना साम्राज्य खड़ा किया. अमेरिकी अदालत ने ऋषि शाह को धोखाधड़ी के मामले में साढ़े सात साल कैद के सजा सुनाई है.

छिपाते रहे घोटाला
अदालत में सरकारी वकीलों ने कहा कि ऋषि शाह ने अपने साथियों श्रद्धा अग्रवाल और ब्रैड पर्डी के साथ मिलकर कंपनी की वित्तीय स्थिति को बेहतर बताकर निवेशकों,ग्राहकों के साथ-साथ लेंडर्स को भी धोखा में रखा. कंपनी गलत आंकड़े पेश करके  8300 करोड़ रुपए के घोटाले को छिपाने की कोशिश करती रही. इस पूरे घोटाले का खुलासा वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट से हुआ. इसके बाद गोल्डमैन सैक्स,अल्फाबेट जैसी कंपनियों ने आउटकम हेल्थ के खिलाफ मुकदमा दायर किया. अब सभी दोषियों को सजा सुनाई गई है. अदालत ने ऋषि शाह को साढ़े सात साल, उनकी साथी श्रद्धा अग्रवाल को तीन साल और वित्तीय अधिकारी को दो साल जेल की सजा सुनाई सुनाई है.  
 


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