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शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की तैयारी में Zepto, ₹9300 करोड़ के IPO को SEBI की मंजूरी

यह IPO देश के स्टार्टअप और ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि निवेशकों की नजर लंबे समय से क्विक कॉमर्स कंपनियों पर टिकी हुई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

भारत की तेजी से उभरती क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो (Zepto)अब शेयर बाजार में बड़ी एंट्री करने जा रही है. 10 मिनट में ग्रॉसरी डिलीवरी के लिए मशहूर यह स्टार्टअप अपने मेगा IPO के जरिए निवेशकों के बीच नया उत्साह पैदा करने की तैयारी में है. बाजार नियामक संस्था भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (SEBI) से मंजूरी मिलने के बाद कंपनी का पब्लिक लिस्टिंग का रास्ता लगभग साफ हो चुका है.

कंपनी इस IPO के जरिए करीब ₹7,500 करोड़ से ₹9,300 करोड़ तक जुटाने की योजना बना रही है. माना जा रहा है कि यह फंडिंग Zepto को अपने बिजनेस विस्तार और प्रतिस्पर्धियों के खिलाफ मजबूत स्थिति बनाने में बड़ी मदद करेगी.

₹9300 करोड़ तक जुटाने की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जेप्टो अपने IPO के जरिए 80 करोड़ डॉलर से 1 अरब डॉलर तक की पूंजी जुटा सकती है. भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग ₹9,300 करोड़ तक पहुंचती है. कंपनी फिलहाल अपने अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) को अंतिम रूप देने में लगी हुई है. यदि सब कुछ तय समय के अनुसार रहा, तो अगले 2 से 3 महीनों के भीतर कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है.

यह IPO देश के स्टार्टअप और ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि निवेशकों की नजर लंबे समय से क्विक कॉमर्स कंपनियों पर टिकी हुई है.

सिर्फ 4 साल में स्टार्टअप से स्टॉक मार्केट तक

जेप्टो की शुरुआत साल 2020 में हुई थी और बेहद कम समय में कंपनी ने बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना ली. महज चार वर्षों में IPO तक पहुंचना किसी भी भारतीय स्टार्टअप के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है. लिस्टिंग के बाद Zepto देश की पहली ऐसी “प्योर प्ले क्विक कॉमर्स” कंपनी बन सकती है, जिसका मुख्य फोकस केवल फास्ट डिलीवरी बिजनेस मॉडल पर आधारित है. कंपनी की तेज ग्रोथ और ग्राहकों के बीच बढ़ती लोकप्रियता ने इसे भारत के सबसे चर्चित स्टार्टअप्स में शामिल कर दिया है.

ब्लिंकिट और इंस्टामार्ट को चुनौती देने की तैयारी

क्विक कॉमर्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है. जेप्टो को बाजार में पहले से मौजूद बड़े खिलाड़ियों जैसे Blinkit, Swiggy Instamart, Amazon Now, Flipkart Minutes और BigBasket जैसी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है. इसी वजह से कंपनी अब अपने नेटवर्क, डिलीवरी इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी को मजबूत करने पर बड़ा निवेश करना चाहती है. IPO से जुटाई जाने वाली राशि का बड़ा हिस्सा बिजनेस विस्तार और नए शहरों में पहुंच बढ़ाने पर खर्च किया जा सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में क्विक कॉमर्स सेक्टर भारत में ई-कॉमर्स का सबसे तेजी से बढ़ने वाला हिस्सा बन सकता है.

रिकॉर्ड रफ्तार से बढ़ रहे हैं ऑर्डर

जेप्टो की ग्रोथ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कंपनी के दैनिक ऑर्डर में जबरदस्त उछाल आया है. कुछ समय पहले तक कंपनी हर दिन करीब 15 से 17 लाख ऑर्डर डिलीवर करती थी, जबकि अब यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 25 लाख ऑर्डर प्रतिदिन तक पहुंच गया है. ग्राहकों की बढ़ती संख्या यह दिखाती है कि भारत में 10 मिनट डिलीवरी मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और लोग तेजी से क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं.

निवेशकों की नजर रहेगी IPO पर

जेप्टो का IPO आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार के सबसे चर्चित इश्यू में से एक बन सकता है. खासतौर पर युवा निवेशक और टेक स्टार्टअप्स में दिलचस्पी रखने वाले लोग इस IPO पर नजर बनाए हुए हैं. हालांकि, किसी भी IPO में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और बाजार जोखिमों को समझना बेहद जरूरी होता है.

 


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