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भारत और मिस्र ने 12 अरब डॉलर व्यापार का रखा लक्ष्य, कई क्षेत्रों में बढ़ेगी साझेदारी

मुंबई में आयोजित एक इंडस्ट्री इंटरैक्शन कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

भारत और इजिप्ट ने द्विपक्षीय व्यापार को 12 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है. मुंबई में आयोजित एक इंडस्ट्री इंटरैक्शन कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया.

भारत-मिस्र रणनीतिक साझेदारी को मिल रही नई गति

मुंबई में मिस्र की कौंसल जनरल डालिया मोहम्मद नाजिह मोहम्मद तवाकोल ने कहा कि भारत और मिस्र के बीच ऐतिहासिक और मजबूत द्विपक्षीय संबंध रहे हैं. उन्होंने बताया कि जून 2023 में हुए स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट और अक्टूबर 2025 में आयोजित पहले इंडिया-इजिप्ट स्ट्रैटर्जिक डायलॉग (Egypt-India Strategic Dialogue) के बाद दोनों देशों के बीच डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक, स्टार्टअप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ा है.

विदेशी निवेश के लिए मिस्र खोल रहा नए अवसर

तवाकोल ने कहा कि मिस्र सरकार व्यापार को आसान बनाने और छोटे एवं मध्यम उद्योगों (SMEs) को समर्थन देने पर फोकस कर रही है. उन्होंने कहा कि मिस्र में विदेशी निवेशकों के लिए कई क्षेत्रों में बड़े अवसर मौजूद हैं, जिनमें शामिल हैं:

1. रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन
2. पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी
3. कृषि और एग्रीबिजनेस
4. IT सेवाएं और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग
5. मैन्युफैक्चरिंग
6. फार्मास्युटिकल्स और हेल्थकेयर
7. लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन

भारतीय कंपनियों के लिए मिस्र बन सकता है रणनीतिक गेटवे

कार्यक्रम में मौजूद उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि मिस्र की इंडस्ट्रियल फ्री जोन नेटवर्क और उसकी भौगोलिक स्थिति भारतीय निर्यातकों के लिए अफ्रीका, भूमध्यसागरीय और मध्य-पूर्वी बाजारों तक पहुंचने का अहम केंद्र बन सकती है.

MVIRDC वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई के चेयरमैन और ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विजय कलंत्री ने लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी के जरिए व्यापार की संभावनाओं को रेखांकित किया. उन्होंने कहा, “भारत और मिस्र के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी है और दोनों देशों के आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं. वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 5 अरब डॉलर का है और 2030 तक इसे 12 अरब डॉलर के पार ले जाने का साझा लक्ष्य रखा गया है.”

सुएज नहर को बताया वैश्विक व्यापार की अहम कड़ी

उन्होंने वैश्विक व्यापार प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने में समुद्री मार्गों की अहम भूमिका पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “मिस्र लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन, प्राकृतिक संसाधन और सुएज नहर के जरिए कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में बड़े अवसर प्रदान करता है. सुएज नहर आज भी वैश्विक कार्गो मूवमेंट, व्यापार दक्षता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.”

वीजा और एयर कनेक्टिविटी पर भी चर्चा

कार्यक्रम में निवेशकों के लिए वीजा प्रक्रियाओं को आसान बनाने और दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी बेहतर करने पर भी चर्चा हुई. इजिप्ट की वाइस कौंसल दीना अल्बाहे ने कहा, “वीजा प्रक्रिया सरल है और इसकी शर्तें भी आसान हैं. मिस्र पात्र आवेदकों को सिंगल-एंट्री, मल्टीपल-एंट्री और पांच साल तक के वीजा प्रदान करता है. निवेशक कंपनी में शेयरधारक या पूंजी निवेश करने वाले पार्टनर के रूप में पात्रता हासिल कर सकते हैं, जिसे GAFI की सिफारिशों का समर्थन प्राप्त होता है.”

व्यापार और यात्रा को मिलेगा बढ़ावा
इजिप्टएयर की डालिया हाफेज ने कहा कि बेहतर एयर कनेक्टिविटी व्यापार और पर्यटन दोनों को बढ़ावा देने में मदद करेगी. भारत और मिस्र के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी आने वाले वर्षों में व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई दे सकती है. डिजिटल टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा.


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