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भारत की सोलर मांग FY30 तक 85 GW तक पहुंच सकती है: ValueQuest
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अब सोलर सेक्टर में स्टोरेज-इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट्स जैसे FDRE, RTC और Solar+BESS तेजी से बढ़ रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
निवेश सलाहकार संस्था वैल्यूक्वेस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर (ValueQuest Investment Advisors) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सोलर ऊर्जा की वार्षिक मांग वित्त वर्ष 2030 (FY30) तक लगभग 85 गीगावाट (GW) तक पहुंच सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन और चौबीसों घंटे स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग आने वाले वर्षों में सोलर सेक्टर की वृद्धि को तेज करेगी.
नए मांग चालक बढ़ाएंगे सोलर विस्तार
ValueQuest की रिपोर्ट के अनुसार, FY29 से भारत में हर साल अतिरिक्त 15 से 20 GW सोलर मांग उत्पन्न हो सकती है. यह मांग मुख्यधारा के विश्लेषक अनुमानों में अभी शामिल नहीं है, जिससे भविष्य में सोलर विस्तार और तेज हो सकता है. रिपोर्ट का अनुमान है कि FY30 तक भारत की कुल वार्षिक सोलर मांग सतर्क अनुमान के आधार पर 85 GW तक पहुंच सकती है.
चार प्रमुख विकास इंजन
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का सोलर बाजार अब चार प्रमुख क्षेत्रों से संचालित हो रहा है:
1. यूटिलिटी-स्केल सोलर प्रोजेक्ट
2. कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ओपन एक्सेस प्रोजेक्ट
3. कृषि सोलराइजेशन (KUSUM योजना के तहत)
4. रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन
भारत ने FY26 में लगभग 45 GW सोलर क्षमता जोड़ी, जो तेज़ी से बढ़ते विस्तार को दर्शाता है. रिपोर्ट के अनुसार, पहले 50 GW सोलर क्षमता स्थापित करने में 11 साल लगे, अगले 50 GW में 3 साल लगे, जबकि अंतिम 50 GW सिर्फ 14 महीनों में जोड़ा गया.
स्टोरेज आधारित प्रोजेक्ट्स से बढ़ेगी मांग
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अब सोलर सेक्टर में स्टोरेज-इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट्स जैसे FDRE, RTC और Solar+BESS तेजी से बढ़ रहे हैं. एक सामान्य 100 MW सोलर टेंडर में लगभग 140 MW मॉड्यूल लगते हैं, जबकि स्टोरेज आधारित जटिल प्रोजेक्ट्स में यह जरूरत बढ़कर लगभग 200 MW DC तक पहुंच जाती है. इससे मॉड्यूल की मांग में तेज वृद्धि होती है.
वैश्विक सोलर विस्तार और भारत की स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर तेजी से इंस्टॉलेशन के बावजूद सोलर अभी भी कुल बिजली उत्पादन का 10% से कम हिस्सा है. दुनिया में हर आधे दिन में लगभग 1 GW सोलर क्षमता जोड़ी जा रही है. भारत और चीन में लगभग 11% बिजली उत्पादन सोलर से हो रहा है, जबकि यूरोप में यह आंकड़ा करीब 10% है.
डेटा सेंटर और AI से नई मांग
रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डेटा सेंटर सोलर मांग को नया बढ़ावा दे रहे हैं. भारत में अब तक 300 से अधिक डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है. अमेजन वेब सर्विसेज (AWS), माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियों ने भारत में प्रत्येक के लिए 2 से 3 लाख करोड़ रुपये तक के निवेश की घोषणा की है.
ग्रीन हाइड्रोजन से भी बढ़ेगा सोलर उपयोग
रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत भारत का लक्ष्य 2030 तक सालाना 5 मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का है. हर 1 मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए लगभग 20 GW सोलर क्षमता की आवश्यकता होगी, जिससे यह सेक्टर भी सोलर मांग का बड़ा चालक बन सकता है.
निष्कर्ष
ValueQuest की रिपोर्ट का कहना है कि डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण आधारित प्रोजेक्ट्स भारत के सोलर सेक्टर को नई गति देंगे. FY30 तक 85 GW वार्षिक मांग का अनुमान देश को वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा बाजार में और मजबूत स्थिति में ला सकता है.
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