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बाजार में रिकवरी के संकेत, गिफ्ट निफ्टी 80 अंक चढ़ा; इन्फोसिस-विप्रो समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर
गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44 फीसदी गिरकर 71,593.24 पर आ गया. वहीं, एनएसई निफ्टी 371.25 अंक यानी 1.64 फीसदी टूटकर 22,231.80 पर बंद हुआ.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भारी बिकवाली देखने को मिली. सेंसेक्स 1,045 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 371 अंक फिसल गया. इस गिरावट से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 11 लाख करोड़ रुपये घट गया. हालांकि, शुक्रवार सुबह गिफ्ट निफ्टी में करीब 80 अंकों की बढ़त और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी से बाजार में शुरुआती रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं. दूसरी ओर, एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी ग्रीन कार्ड कार्यक्रम से जुड़ी खबर के चलते आईटी शेयरों पर दबाव रह सकता है. ऐसे में निवेशकों की नजर इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक, टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईटीसी समेत कई शेयरों पर रहेगी.
गुरुवार को बाजार में क्यों आई भारी गिरावट?
गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए. बीएसई सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44 फीसदी गिरकर 71,593.24 पर आ गया. वहीं, एनएसई निफ्टी 371.25 अंक यानी 1.64 फीसदी टूटकर 22,231.80 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान निफ्टी 22,179 के स्तर तक फिसल गया, जो उसका 52 सप्ताह का निचला स्तर था.
बाजार में गिरावट के कारण बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 11 लाख करोड़ रुपये घटकर लगभग 460 लाख करोड़ रुपये रह गया. सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 27 गिरावट के साथ बंद हुए. आईटीसी, अडानी पोर्ट्स, इंडिगो, पावर ग्रिड और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी कमजोरी रही.
बाजार पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रेपो रेट में बढ़ोतरी और मौद्रिक नीति के रुख में सख्ती, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में उछाल और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का दबाव रहा. इसके अलावा, कमजोर वैश्विक संकेतों ने भी निवेशकों की धारणा प्रभावित की.
गिफ्ट निफ्टी से रिकवरी के संकेत, लेकिन वैश्विक बाजार कमजोर
शुक्रवार सुबह गिफ्ट निफ्टी करीब 80 अंकों की बढ़त के साथ 22,370 के ऊपर कारोबार करता दिखा. इससे घरेलू बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान सुधार की उम्मीद जगी है. हालांकि, एशियाई बाजारों में कमजोरी के कारण तेजी पर दबाव रह सकता है.
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र में लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली हुई थी. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा कमजोरी रही. वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक दबावों के बीच निवेशक सतर्क रुख अपना सकते हैं.
शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई एक फीसदी से अधिक गिर गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 2.6 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा था. हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी कमजोर रहा. इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में डॉव जोन्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक और S&P 500 में करीब 1.4 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई.
कच्चे तेल में नरमी से बाजार को राहत
गुरुवार को तेजी के बाद शुक्रवार सुबह ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी देखने को मिली. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड वायदा आधे फीसदी से अधिक गिरकर 104 डॉलर प्रति बैरल के नीचे कारोबार कर रहा था. भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट राहत दे सकती है, क्योंकि इससे आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम होने की संभावना रहती है.
हालांकि, मध्य पूर्व में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बाजार की दिशा के लिए अहम रहेगा.
IT शेयरों पर क्यों रहेगी नजर?
शुक्रवार को आईटी सेक्टर के शेयरों में खास हलचल देखने को मिल सकती है. अमेरिकी स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (PERM) से माइक्रोसॉफ्ट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कॉग्निजेंट सहित प्रमुख टेक और आईटी कंपनियों को निलंबित किए जाने की खबर सामने आई है. PERM विदेशी कर्मचारियों के लिए रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है.
इस खबर के बाद इन्फोसिस और विप्रो समेत कुछ भारतीय आईटी कंपनियों के अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADR) में गिरावट दर्ज की गई. ऐसे में घरेलू बाजार में इन्फोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक के शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी. टीसीएस का शेयर भी आईटी सेक्टर के रुख के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा.
आज इन शेयरों पर भी रखें नजर
आईटी शेयरों के अलावा आईटीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडानी पोर्ट्स और इंडिगो भी निवेशकों के रडार पर रहेंगे. गुरुवार की गिरावट के बाद इन शेयरों में होने वाली गतिविधियां बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं. वहीं, जेएसडब्ल्यू स्टील के सितंबर तिमाही के उत्पादन में बढ़ोतरी से इस शेयर पर नजर रहेगी. डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज से जुड़ी अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की नियामकीय खबर भी महत्वपूर्ण होगी. इसके अलावा, एनसीसी को मिले करीब 1,286 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण ऑर्डर के चलते शेयर में हलचल देखने को मिल सकती है. पावर ग्रिड, टाटा पावर, कोचीन शिपयार्ड, वेदांता और पेटीएम के शेयर भी चर्चा में रह सकते हैं.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
शुक्रवार के कारोबार में निवेशकों को गिफ्ट निफ्टी, कच्चे तेल की कीमतों, एशियाई बाजारों के रुख और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए. आईटी कंपनियों से जुड़ी अमेरिकी नीति की खबरें भी शेयरों की चाल को प्रभावित कर सकती हैं. गुरुवार की भारी गिरावट के बाद गिफ्ट निफ्टी की बढ़त शुरुआती राहत का संकेत जरूर देती है, लेकिन वैश्विक बाजारों की कमजोरी और ब्याज दरों को लेकर चिंताओं के बीच उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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