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सेबी का CAS पर बड़ा फैसला, डेरिवेटिव सेटलमेंट कीमत के नियम बदलने की तैयारी

## क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) की कीमत और सामान्य कारोबार के भाव में अंतर पर बाजार प्रतिभागियों की चिंता के बाद सेबी ला सकता है नई व्यवस्था

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की सेटलमेंट कीमत तय करने के मौजूदा तरीके में बदलाव की तैयारी कर रहा है. क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) लागू होने के बाद क्लोजिंग कीमत और सामान्य कारोबारी घंटों के दौरान चल रहे भाव में अंतर को लेकर बाजार प्रतिभागियों ने चिंता जताई थी. इसी फीडबैक के आधार पर सेबी करीब एक सप्ताह के भीतर इस संबंध में कंसल्टेशन पेपर जारी कर सकता है.

एक्सपायरी पर सेटलमेंट कीमत को लेकर बदलाव

नई व्यवस्था में CAS के जरिए तय होने वाली क्लोजिंग कीमत का इस्तेमाल एक्सपायरी के दिन डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की सेटलमेंट कीमत तय करने के लिए किया जाता है. बाजार प्रतिभागियों ने खास तौर पर उन मौकों पर चिंता जताई है, जब CAS के दौरान तय कीमत और सामान्य ट्रेडिंग सत्र के भाव में बड़ा अंतर देखने को मिला.

सेबी ने गुरुवार को जारी एक प्रेस रिलीज में कहा कि CAS लागू होने के शुरुआती अनुभव और विभिन्न हितधारकों से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की सेटलमेंट कीमत तय करने के तरीके में कुछ बदलाव प्रस्तावित किए जा सकते हैं. इस संबंध में कंसल्टेशन पेपर करीब एक सप्ताह में जारी होने की उम्मीद है.

3 अगस्त से लागू हुआ CAS

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन की 20 मिनट की व्यवस्था 3 अगस्त से लागू हुई थी. इसके बाद कई मौकों पर CAS के दौरान कीमतों में अचानक बदलाव और सामान्य ट्रेडिंग के मुकाबले अलग क्लोजिंग प्राइस को लेकर सवाल उठे. एक्सपायरी वाले दिनों में यह अंतर और अधिक स्पष्ट दिखाई दिया.

इसके अलावा, एक्सचेंजों ने CAS से जुड़े कुछ नियमों में भी बदलाव किया है. इसके तहत दोपहर 3 बजे से 3:15 बजे के बीच कारोबार के वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) का इस्तेमाल स्टॉक और इंडेक्स फ्यूचर्स की रेफरेंस कीमत तय करने के लिए किया जा सकता है.

सेंसेक्स-निफ्टी की क्लोजिंग में भी दिखा अंतर

CAS लागू होने के बाद पिछले महीने सेंसेक्स और निफ्टी की क्लोजिंग में अंतर देखने को मिला था. सेंसेक्स की एक्सपायरी वाले एक दिन निफ्टी 40 अंक यानी 0.16 फीसदी गिरकर 24,396 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 114 अंक यानी 0.15 फीसदी बढ़कर 78,080 पर बंद हुआ. दोनों सूचकांकों के प्रदर्शन में 0.31 प्रतिशत अंक का अंतर रहा.

बाजार प्रतिभागियों से सेबी ने मांगा फीडबैक

CAS की समीक्षा के लिए सेबी ने बाजार प्रतिभागियों, स्टॉक ब्रोकरों, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI), म्यूचुअल फंड और अन्य हितधारकों के साथ कई बैठकें की हैं. इन बैठकों में CAS के शुरुआती प्रभाव और उससे जुड़े मुद्दों पर राय ली गई.

सेबी के मुताबिक, हितधारकों की ओर से उठाए गए प्रमुख मुद्दों में एक्सपायरी पर डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की सेटलमेंट कीमत तय करने का तरीका भी शामिल है. फिलहाल यह कीमत CAS के जरिए तय होने वाली क्लोजिंग प्राइस के आधार पर निर्धारित की जाती है.

 


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