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Adobe ने भारतीय AI स्टार्टअप रिलो का किया अधिग्रहण, एआई आधारित विपणन में बढ़ाएगी पकड़
एजेंटिक एआई और स्वचालन पर अडोबी (Adobe) का फोकस तेज, रिलो का अधिग्रहण भारत में कंपनी का दूसरा ज्ञात अधिग्रहण
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
सॉफ्टवेयर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अडोबी (Adobe) ने भारतीय एआई स्वचालन स्टार्टअप रिलो का अधिग्रहण कर लिया है. कंपनी ने यह कदम एजेंटिक एआई, विपणन स्वचालन और एआई आधारित कार्यप्रवाह के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए उठाया है. हालांकि, इस सौदे की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है.
सितंबर 2025 में आईआईटी बॉम्बे के स्नातक ध्रुव जगलान और जॉर्जी बॉबी द्वारा स्थापित रिलो ऐसा मंच विकसित करता है, जिसके जरिए तकनीकी जानकारी नहीं रखने वाले उपयोगकर्ता भी सामान्य अंग्रेजी में जटिल कार्यप्रवाह बता सकते हैं. इसके बाद एआई एजेंट इन कार्यों को तैयार कर सैकड़ों अलग-अलग डिजिटल उपकरणों पर पूरा कर सकते हैं.
विपणन टीमों के लिए एआई कर्मचारियों का मंच
शुरुआत में कार्यप्रवाह स्वचालन पर ध्यान देने वाला रिलो बाद में विपणन और बाजार विस्तार टीमों के लिए "एआई कर्मचारियों" के मंच के रूप में विकसित हुआ. इसके जरिए प्रतिस्पर्धी कंपनियों की जानकारी जुटाने, संभावित ग्राहकों की पहचान, लिंक्डइन पर संपर्क, रेडिट विपणन, सामाजिक मीडिया सामग्री और प्रचार अभियानों के लिए शोध जैसे काम स्वचालित किए जा सकते हैं. शुरुआत के कुछ ही महीनों में रिलो के 10,000 से अधिक उपयोगकर्ता हो गए थे. कंपनी को एंथ्रोपिक के क्लॉड काउवर्क का शुरुआती प्रतिस्पर्धी भी माना गया.
पीक एक्सवी और जेड47 से मिला था निवेश
रिलो ने पीक एक्सवी पार्टनर्स और जेड47/डीविसी से निवेश जुटाया था. रिपोर्टों के मुताबिक, निवेश के समय कंपनी का मूल्यांकन करीब 1 करोड़ डॉलर था. रिलो के निवेशक और डे जीरो वेंचर्स के प्रबंध साझेदार राहुल गुप्ता ने कंपनी के कार्यप्रवाह निर्माण मंच की तारीफ करते हुए कहा कि यह "समय से काफी आगे" था और इससे एडोबी को ग्राहक अनुभव और उत्पादकता बेहतर करने में मदद मिल सकती है.
भारत में एडोबी का दूसरा ज्ञात अधिग्रहण
रिलो का अधिग्रहण भारत में एडोबी का दूसरा ज्ञात अधिग्रहण है. इससे पहले 2023 में कंपनी ने जनरेटिव एआई वीडियो स्टार्टअप रीफ्रेज.एआई का अधिग्रहण किया था. इस सौदे के जरिए अडोबी को रिलो की तकनीकी टीम भी मिलेगी. ऐसे समय में यह अधिग्रहण महत्वपूर्ण है जब एआई आधारित विपणन और कार्यप्रवाह स्वचालन के क्षेत्र में बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है.
रिलो के सह-संस्थापक ध्रुव जगलान इससे पहले एआई भर्ती मंच बैबलबाट्स.एआई की सह-स्थापना कर चुके हैं. वहीं, जॉर्जी बॉबी कुकिंग-रोबोटिक्स कंपनी क्लाउडशेफ में प्रौद्योगिकी का नेतृत्व कर चुके हैं. रिलो की टीम में आईआईटी बॉम्बे के कंप्यूटर विज्ञान के स्नातक भी शामिल हैं. इनमें भावेश ढींगरा भी हैं, जिन्होंने 2016 की जेईई एडवांस परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया था.
एआई कंपनियों की नजर अब विपणन क्षेत्र पर
अडोबी का यह अधिग्रहण ऐसे समय हुआ है जब प्रमुख एआई कंपनियां विपणन क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही हैं. एंथ्रोपिक भी विपणन पेशेवरों के लिए क्लॉड आधारित समाधान पेश कर चुकी है.
रिलो की स्वचालन तकनीक एडोबी को बड़े उद्यम ग्राहकों के लिए विपणन से जुड़े विभिन्न कार्यों को एक ही मंच से तैयार करने और संचालित करने की क्षमता दे सकती है. इससे कंपनी की एआई आधारित विपणन रणनीति को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
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